जिम्बाब्वे के आखिरी भारत दौरे के समय सिर्फ एक साल के थे अभिषेक शर्मा, मोंगिया के 150 से मेरिलियर स्कूप तक ये रही हाइलाइट्स

जिम्बाब्वे के आखिरी भारत दौरे के समय सिर्फ एक साल के थे अभिषेक शर्मा, मोंगिया के 150 से मेरिलियर स्कूप तक ये रही हाइलाइट्स

India vs Zimbabwe: टी20 विश्व कप 2026 (T20 World Cup 2026) के सुपर-8 में भारत और जिम्बाब्वे ग्रुप-1 में हैं और दोनों टीमों के बीच 26 फरवरी को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में भिड़ंत होनी है। भारत का प्रदर्शन अब तक अच्छा रहा है, वहीं जिम्बाब्वे भी इस टूर्नामेंट में सनसनी बनकर उभरी है। ग्रुप स्टेज में पहले कंगारुओं और फिर सह-मेजबान श्रीलंका के साथ उलटफेर कर जिम्बाब्वे की टीम सुपर-8 में पहुंची है। जिम्बाब्वे की क्रिकेट टीम आखिरी बार भारत दौरे पर 24 साल पहले 2002 में आई थी।

2002 का भारत–जिम्बाब्वे दौरा सिर्फ आंकड़ों की वजह से नहीं, बल्कि टक्कर के मैचों, व्यक्तिगत रिकॉर्ड और अप्रत्याशित प्रदर्शनों के कारण याद किया जाता है। दो टेस्ट और पांच वनडे मैचों की इस द्विपक्षीय सिरीज में जहां भारत ने टेस्ट में दबदबा दिखाया, वहीं वनडे सिरीज आखिरी मैच तक रोमांचक बनी रही।

उस ऐतिहासिक सिरीज की हाइलाइट्स

उस दौर की तस्वीर अलग थी। सौरव गांगुली की कप्तानी में खेल रही टीम के ड्रेसिंग रूम में अनुभव और आक्रामकता दोनों थे। जिम्बाब्वे की टीम में भी हीथ स्ट्रीक, एंडी फ्लावर और ग्रांट फ्लावर जैसे दिग्गज खिलाड़ी मौजूद थे। नागपुर से लेकर गुवाहाटी तक स्टेडियम भरे हुए थे, पिचें पारंपरिक भारतीय स्पिन को मदद दे रही थी और मुकाबले कभी एकतरफा तो कभी आखिरी ओवर तक सांसें रोक देने वाले बन रहे थे।

  • टेस्ट सिरीज: भारत ने दोनों टेस्ट जीते। नागपुर में पहला टेस्ट पारी और 101 रनों से जीता। दिल्ली में दूसरा टेस्ट 4 विकेट से भारत के नाम रहा। नागपुर टेस्ट में भारत ने पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ा कर मैच पर पकड़ बनाई, जिसमें मिडल ऑर्डर ने अहम योगदान दिया। स्पिन जोड़ी अनिल कुंबले और हरभजन सिंह ने जिम्बाब्वे की दूसरी पारी को समेटते हुए जीत आसान की। दिल्ली टेस्ट में जिम्बाब्वे ने पहली पारी में संघर्ष किया, लेकिन दूसरी पारी में भारतीय गेंदबाजों ने वापसी कर मैच 4 विकेट से जीता।
  • वनडे सिरीज: पांच मैचों की वनडे सिरीज में जिम्बाब्वे ने भारत को कांटे की टक्कर दी। शुरुआती झटकों और उतार-चढ़ाव के बीच भारत ने गुवाहाटी में निर्णायक जीत दर्ज कर सिरीज 3-2 से अपने नाम की। वनडे सिरीज में वीरेंद्र सेहवाग ने आक्रामक स्टार्ट दिए, जबकि कप्तान सौरव गांगुली ने अहम मौकों पर जिम्मेदारी निभाई। जिम्बाब्वे के लिए एंडी फ्लावर लगातार भरोसेमंद रहे और मध्यक्रम को संभाला।
  • मैरिलियर का चमत्कार: फरीदाबाद में पहले वनडे में डगलस मैरिलियर ने नंबर 10 पर उतरकर महज 21 गेंदों में अर्धशतक जड़ा और जिम्बाब्वे ने 2 गेंदें शेष रहते 1 विकेट से जीत दर्ज की। ये वनडे इतिहास में नंबर 10 बल्लेबाज का पहला अर्धशतक था। इस पारी के दौरान उन्होंने जहीर खान की तेज-तर्रार यॉर्करों पर एक अनूठा स्कूप शॉट खेला, जो ‘मैरिलियर स्कूप’ के नाम से जाना जाने लगा।
  • मोंगिया की मास्टरक्लास: गुवाहाटी में पांचवें वनडे में दिनेश मोंगिया ने 147 गेंदों पर नाबाद 159 रन बनाए। यह उनका एकमात्र अंतरराष्ट्रीय शतक था। भारत ने 333/6 बनाए और मैच 101 रनों से जीता। मोंगिया ‘मैन ऑफ द सिरीज’ रहे।

उस वक्त कहां थे आज के सितारे?

मार्च 2002 में अभिषेक शर्मा की उम्र महज डेढ़ साल थी। महेंद्र सिंह धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू तब तक नहीं किया था। विराट कोहली उस वक्त 13 साल के थे और स्कूली क्रिकेट में हाथ आजमा रहे थे। उस दौर में गांगुली, तेंदुलकर, द्रविड़ और सहवाग भारतीय क्रिकेट के स्तंभ थे।​​​​​​​​​​​​​​​​

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *