महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार की शाम बक्सर शहर शिवभक्ति में डूब गया। भगवान भोलेनाथ की अद्भुत और भव्य शिव बारात जब कोइरपुरवा, खलासी मोहल्ला और रामेश्वरनाथ मंदिर परिसर से निकली तो पूरा शहर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। दूल्हा बने भगवान शिव की मनमोहक झांकी देखने के लिए हजारों श्रद्धालु सड़कों पर उमड़ पड़े। शहर का माहौल पूरी तरह शिवमय हो गया। 40 ऊंट, हाथी-घोड़े और 12 डीजे बने आकर्षण का केंद्र इस वर्ष की शिव बारात कई खास आकर्षणों से भरी रही। 40 ऊंट, हाथी और घोड़े, 12 डीजे और सजे-धजे रथ पर विराजमान भगवान शिव की मनमोहक प्रतिमा इन सभी ने बारात को भव्यता प्रदान की। आगे-आगे ऊंट और हाथी चलते रहे, उनके पीछे घोड़े और तांडव करती शिवगणों की टोली नजर आई। डीजे की गूंजती धुनों पर युवाओं और श्रद्धालुओं का जोश देखते ही बन रहा था। ट्रैक्टर को रथ की तरह सजाकर उस पर विराजमान दूल्हा रूपी भगवान शिव की प्रतिमा पूरे मार्ग में आकर्षण का केंद्र बनी रही। मूर्तिकारों ने शिव प्रतिमा को दिव्य और अलौकिक रूप प्रदान किया था, जिसे देखने के लिए लोग उत्साहित दिखे। देव-दानव, भूत-प्रेत और बनारस के कलाकारों ने बढ़ाया उत्साह बारात में स्थानीय युवाओं और बच्चों को देव-दानव, भूत-प्रेत और चुड़ैल के वेश में सजाया गया था। ये शिवगण जैसे पात्र श्रद्धालुओं के बीच उत्साह का मुख्य कारण रहे। इसी दौरान बनारस से आए कलाकारों ने शिव तांडव, भभूत नृत्य और राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकियों की प्रस्तुति दी, जिनसे दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे। उनकी प्रस्तुतियों ने शिव बारात में सांस्कृतिक रंग भर दिया। फूल-मालाओं से स्वागत, शहरभर में उमड़ी भक्तों की भीड़ शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर श्रद्धालुओं ने बारात का फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। रास्ते-रास्ते लोग अपने मोबाइल कैमरों में इस ऐतिहासिक शोभायात्रा को कैद करने में व्यस्त दिखे। बारात के गुजरने के दौरान कई स्थानों पर भीड़ इतनी बढ़ गई कि कुछ देर के लिए जाम जैसी स्थिति बन गई। इसके बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। प्रशासन सतर्क, सुरक्षा व्यवस्था में तैनात अतिरिक्त पुलिस बल भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। झांकियों के साथ पुलिस पदाधिकारी लगातार मौजूद रहे। कई मार्गों पर रूट डायवर्ट कर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की गई। इससे भीड़ नियंत्रण और व्यवस्था बनाए रखने में काफी सहूलियत मिली। गौरीशंकर और पंचमुखी शिव मंदिर में संपन्न होंगी विवाह रस्में कोइरपुरवा की बारात शहर का भ्रमण करते हुए सोहनी पट्टी स्थित गौरीशंकर मंदिर पहुंची, जहां भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह विधि-विधान से संपन्न कराया जाएगा।वहीं, खलासी मोहल्ला से निकली शिव बारात चरित्रवन स्थित पंचमुखी शिव मंदिर पहुंचेगी, जहां शिव-गौरी विवाह की रस्में पूरी होंगी। बारातियों के लिए भोग-प्रसाद, शरबत और नाश्ते की विशेष व्यवस्था शिव बारात में शामिल श्रद्धालुओं के लिए शहर के कई स्थानों पर शरबत और नाश्ते की व्यवस्था की गई थी। रात में सुधार समिति, कोइरपुरवा की ओर से सभी बारातियों के लिए विशेष पकवान परोसे जाएंगे। कई मैरेज हॉल में भी बारात स्वागत की तैयारियां की गई थीं। सामाजिक एकता और अध्यात्म का अनोखा संगम हर वर्ष की तरह इस बार भी बक्सरवासियों ने पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ शिव बारात का स्वागत किया। महाशिवरात्रि पर निकली यह भव्य शोभायात्रा न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि सामाजिक एकता और समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का भी अनुपम उदाहरण प्रस्तुत कर गई। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार की शाम बक्सर शहर शिवभक्ति में डूब गया। भगवान भोलेनाथ की अद्भुत और भव्य शिव बारात जब कोइरपुरवा, खलासी मोहल्ला और रामेश्वरनाथ मंदिर परिसर से निकली तो पूरा शहर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा। दूल्हा बने भगवान शिव की मनमोहक झांकी देखने के लिए हजारों श्रद्धालु सड़कों पर उमड़ पड़े। शहर का माहौल पूरी तरह शिवमय हो गया। 40 ऊंट, हाथी-घोड़े और 12 डीजे बने आकर्षण का केंद्र इस वर्ष की शिव बारात कई खास आकर्षणों से भरी रही। 40 ऊंट, हाथी और घोड़े, 12 डीजे और सजे-धजे रथ पर विराजमान भगवान शिव की मनमोहक प्रतिमा इन सभी ने बारात को भव्यता प्रदान की। आगे-आगे ऊंट और हाथी चलते रहे, उनके पीछे घोड़े और तांडव करती शिवगणों की टोली नजर आई। डीजे की गूंजती धुनों पर युवाओं और श्रद्धालुओं का जोश देखते ही बन रहा था। ट्रैक्टर को रथ की तरह सजाकर उस पर विराजमान दूल्हा रूपी भगवान शिव की प्रतिमा पूरे मार्ग में आकर्षण का केंद्र बनी रही। मूर्तिकारों ने शिव प्रतिमा को दिव्य और अलौकिक रूप प्रदान किया था, जिसे देखने के लिए लोग उत्साहित दिखे। देव-दानव, भूत-प्रेत और बनारस के कलाकारों ने बढ़ाया उत्साह बारात में स्थानीय युवाओं और बच्चों को देव-दानव, भूत-प्रेत और चुड़ैल के वेश में सजाया गया था। ये शिवगण जैसे पात्र श्रद्धालुओं के बीच उत्साह का मुख्य कारण रहे। इसी दौरान बनारस से आए कलाकारों ने शिव तांडव, भभूत नृत्य और राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकियों की प्रस्तुति दी, जिनसे दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे। उनकी प्रस्तुतियों ने शिव बारात में सांस्कृतिक रंग भर दिया। फूल-मालाओं से स्वागत, शहरभर में उमड़ी भक्तों की भीड़ शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर श्रद्धालुओं ने बारात का फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। रास्ते-रास्ते लोग अपने मोबाइल कैमरों में इस ऐतिहासिक शोभायात्रा को कैद करने में व्यस्त दिखे। बारात के गुजरने के दौरान कई स्थानों पर भीड़ इतनी बढ़ गई कि कुछ देर के लिए जाम जैसी स्थिति बन गई। इसके बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। प्रशासन सतर्क, सुरक्षा व्यवस्था में तैनात अतिरिक्त पुलिस बल भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। झांकियों के साथ पुलिस पदाधिकारी लगातार मौजूद रहे। कई मार्गों पर रूट डायवर्ट कर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की गई। इससे भीड़ नियंत्रण और व्यवस्था बनाए रखने में काफी सहूलियत मिली। गौरीशंकर और पंचमुखी शिव मंदिर में संपन्न होंगी विवाह रस्में कोइरपुरवा की बारात शहर का भ्रमण करते हुए सोहनी पट्टी स्थित गौरीशंकर मंदिर पहुंची, जहां भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह विधि-विधान से संपन्न कराया जाएगा।वहीं, खलासी मोहल्ला से निकली शिव बारात चरित्रवन स्थित पंचमुखी शिव मंदिर पहुंचेगी, जहां शिव-गौरी विवाह की रस्में पूरी होंगी। बारातियों के लिए भोग-प्रसाद, शरबत और नाश्ते की विशेष व्यवस्था शिव बारात में शामिल श्रद्धालुओं के लिए शहर के कई स्थानों पर शरबत और नाश्ते की व्यवस्था की गई थी। रात में सुधार समिति, कोइरपुरवा की ओर से सभी बारातियों के लिए विशेष पकवान परोसे जाएंगे। कई मैरेज हॉल में भी बारात स्वागत की तैयारियां की गई थीं। सामाजिक एकता और अध्यात्म का अनोखा संगम हर वर्ष की तरह इस बार भी बक्सरवासियों ने पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ शिव बारात का स्वागत किया। महाशिवरात्रि पर निकली यह भव्य शोभायात्रा न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि सामाजिक एकता और समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का भी अनुपम उदाहरण प्रस्तुत कर गई।


