पूर्णिया में करंट लगने से एक किसान की मौत हो गई। किसान अपने मक्का के खेत में पटवन के लिए मोटर लगाने गए थे। इसी दौरान मोटर में बिजली कनेक्शन जोड़ते समय अचानक तेज करंट की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना जानकीनगर के चकमका ओपी की है। मृतक की पहचान जानकीनगर थाना क्षेत्र के चकमका ओपी के महाराजगंज वन पंचायत के धुरविलास गांव निवासी प्रवीण कुमार (32) के रूप में हुई है। किसान की मौत के बाद से परिजनों में मातम पसरा है। मृतक किसान के पिता श्याम सुंदर यादव ने बताया कि उनका बेटा प्रवीण कुमार घर से मक्का के खेत पर गए थे। इसी दौरान वे खेत पर पटवन के लिए मोटर लगाने लगे। मोटर में बिजली कनेक्शन जोड़ते समय अचानक तेज करंट की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। कुछ देर बाद जब पत्नी खेत की ओर गई। वहां उसने देखा कि प्रवीण कुमार मोटर के पास करंट लगने से जमीन पर गिरे पड़े हैं। आनन-फानन में बिजली का तार अलग किया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद पत्नी के चीख-पुकार मचाने पर आसपास के लोग और परिजन मौके पर पहुंचे। हादसे के बाद परिजन शव को घर ले आए। मृतक प्रवीण कुमार अपने पीछे चार छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। इनमें तीन बेटियां और एक बेटा शामिल हैं। पत्नी ने कहा कि पति ही पूरे परिवार का सहारा थे। अब चार छोटे बच्चों का पालन-पोषण कैसे होगा, यही सबसे बड़ी चिंता है। पूर्णिया में करंट लगने से एक किसान की मौत हो गई। किसान अपने मक्का के खेत में पटवन के लिए मोटर लगाने गए थे। इसी दौरान मोटर में बिजली कनेक्शन जोड़ते समय अचानक तेज करंट की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना जानकीनगर के चकमका ओपी की है। मृतक की पहचान जानकीनगर थाना क्षेत्र के चकमका ओपी के महाराजगंज वन पंचायत के धुरविलास गांव निवासी प्रवीण कुमार (32) के रूप में हुई है। किसान की मौत के बाद से परिजनों में मातम पसरा है। मृतक किसान के पिता श्याम सुंदर यादव ने बताया कि उनका बेटा प्रवीण कुमार घर से मक्का के खेत पर गए थे। इसी दौरान वे खेत पर पटवन के लिए मोटर लगाने लगे। मोटर में बिजली कनेक्शन जोड़ते समय अचानक तेज करंट की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। कुछ देर बाद जब पत्नी खेत की ओर गई। वहां उसने देखा कि प्रवीण कुमार मोटर के पास करंट लगने से जमीन पर गिरे पड़े हैं। आनन-फानन में बिजली का तार अलग किया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद पत्नी के चीख-पुकार मचाने पर आसपास के लोग और परिजन मौके पर पहुंचे। हादसे के बाद परिजन शव को घर ले आए। मृतक प्रवीण कुमार अपने पीछे चार छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। इनमें तीन बेटियां और एक बेटा शामिल हैं। पत्नी ने कहा कि पति ही पूरे परिवार का सहारा थे। अब चार छोटे बच्चों का पालन-पोषण कैसे होगा, यही सबसे बड़ी चिंता है।


