भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर आरजेडी के सांसद सुधाकर सिंह और DG कुंदन कृष्णन आमने-सामने हैं। सीनियर IPS अफसर कृष्णन ने सुधाकर को 5 करोड़ रुपए की मानहानि का नोटिस दिया था। इसके बाद सुधाकर सिंह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से लेकर लोकसभा के स्पीकर ओम बिड़ला तक को पत्र लिखा था। उन्होंने CM से मामले की जांच कराने की मांग की थी। अब मुख्यमंत्री सचिवालय ने जांच का आदेश दे दिया है। मंगलवार को बक्सर से आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने दावा किया कि कुंदन कृष्णन ने अपनी पूरी नौकरी के दौरान करीब 3 करोड़ रुपए कमाए, जबकि उनके पास 150 करोड़ रुपए की संपत्ति है। सुधाकर सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि कुंदन कृष्णन के करीबी रितेश रंजन सिंह ऊर्फ बिट्टू सिंह के नाम पर करीब 200 करोड़ रुपए की संपत्ति खरीदी है। सांसद ने इन संपत्तियों की जांच कराने की मांग मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से की है।
सवाल उठाने पर भेजा गया लीगल नोटिस सुधाकर सिंह ने कहा कि बिहार में लॉ एंड ऑर्डर की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी उदंडता पर उतर आए हैं। DG कुंदन कृष्णन पर भरत तिवारी समेत करीब डेढ़ दर्जन लोगों के एनकाउंटर को लेकर आरोप है। जब उन्होंने इन मामलों पर सवाल उठाए तो उन्हें लीगल नोटिस भेजकर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई। 87 करोड़ की घोषित संपत्ति, 150 करोड़ का दावा RJD सांसद ने दावा किया कि कुंदन कृष्णन और उनकी पत्नी की घोषित संपत्ति का मूल्य पैतृक संपत्ति को छोड़कर करीब 87 करोड़ रुपए है। वहीं, उनके मुताबिक, कुंदन कृष्णन की कुल संपत्ति का मूल्य करीब 150 करोड़ रुपए है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुंदन कृष्णन ने अपनी कथित ब्लैक मनी से दूसरे लोगों के नाम पर जमीन खरीदी है। पटना एसएसपी रहते हुए भी उन्होंने पटना में कई संपत्तियां अर्जित की। शेयर मार्केट में 36 लाख के निवेश का आरोप सुधाकर सिंह ने शेयर मार्केट में निवेश को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि कुंदन कृष्णन ने शेयर मार्केट में करीब 36 लाख रुपए का निवेश किया है, जबकि इस तरह के निवेश की बात से उन्होंने इनकार किया है। सांसद ने कहा कि कुंदन कृष्णन की संपत्ति का पूरा ब्योरा जांच का विषय है। मुख्यमंत्री से जांच कराने की मांग बक्सर सांसद ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से अनुरोध किया कि वे पूरे मामले की जांच कराएं और बताएं कि उनके आरोप सही हैं या गलत। उन्होंने कहा कि बिहार में पिछले तीन साल से लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं हुई है। सुधाकर सिंह के मुताबिक, उनकी चिट्ठी के बाद सरकार कुंदन कृष्णन के खिलाफ जांच कर रही है, लेकिन उनके आरोप आर्थिक अनियमितताओं और संपत्ति से जुड़े हैं। इसलिए इसकी जल्द से जल्द जांच कराई जाए और उन्हें भी जांच के नतीजों की जानकारी दी जाए। क्यों आमने-सामने हैं डीजी कुंदन कृष्णन और सांसद सुधाकर सिंह? पूरा मामला भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर से जुड़ा है। 17 जून 2026 को भोजपुर जिला के शाहपुर स्थित बिलौटी गांव में भरत तिवारी का एनकाउंटर हुआ था। इस घटना को लेकर 24 जून को सुधाकर सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस की थी। उन्होंने कहा था ‘पटना से गई एसटीएफ की टीम ने एनकाउंटर किया। कुंदन कृष्णन एसटीएफ के इंचार्ज हैं। उन्होंने ही भेजकर भरत तिवारी को मरवाया।’ इसके साथ ही सुधाकर सिंह ने कई और आरोप लगाए थे। इसके बाद कुंदन कृष्णन ने सुधाकर सिंह को 5 करोड़ की मानहानि का नोटिस भेजा। कुंदन कृष्णन ने वकील अपूर्व हर्ष के माध्यम से नोटिस भेज कर माफी मांगने के लिए कहा था। नोटिस की 6 बड़ी बातें… सांसद ने CMO और स्पीकर से की शिकायत कुंदन कृष्णन के नोटिस पर सांसद सुधाकर सिंह ने माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया है और वह अपने आरोपों पर कायम हैं। उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर जांच करने की मांग की है। सुधाकर सिंह ने दलील दी है कि वे एक जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता के मुद्दों को उठा रहे थे और इस प्रकार का कानूनी नोटिस उनके संसदीय विशेषाधिकार व दायित्वों के निर्वहन में बाधा डालता है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से IPS अधिकारी के बिना सरकारी अनुमति के नोटिस भेजने की जांच कराने और मामला संसद की विशेषाधिकार समिति को भेजने का आग्रह किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा है कि क्या आपने या आपके CM ने मानहानि का नोटिस देने की मंजूरी दी थी। मामला बढ़ने पर 27 अक्टूबर को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मानहानि नोटिस की जांच कर कार्रवाई करने का आदेश दिया है। वहीं, भास्कर से बातचीत में IPS अफसर कुंदन कृष्णन ने कहा, ‘लीगल नोटिस भेजने के लिए गृह विभाग से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। मैंने इसके लिए नियमावली देखी। अपने वकील से भी सलाह ली। अब नोटिस के बाद सांसद के खिलाफ सिविल सूट करूंगा। इसके लिए गृह विभाग से अनुमति लूंगा।’ अब जानिए कौन हैं कुंदन कृष्णन 1994 बैच के IPS अधिकारी कुंदन कृष्णन मौजूदा समय में बिहार पुलिस में DG ऑपरेशन्स की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जनवरी 2026 में उन्हें STF और स्पेशल ब्रांच की भी जिम्मेदारी दी गई। वह 31 मार्च 2029 को रिटायर होंगे। वह चर्चा में तब आए थे जब उनकी टक्कर बाहुबली आनंद मोहन से हुई थी। 2006 में IPS अफसर कुंदन कृष्णन पटना के सिटी एसपी थे। आनंद मोहन की देहरादून में एक मामले को लेकर पेशी थी। उन्हें सहरसा जेल से देहरादून ले जाया गया। लौटते वक्त आनंद मोहन सहरसा जेल न जाकर पटना के एक होटल में रुक गए। कुंदन कृष्णन को पता चला तो वह रेलवे स्टेशन के पास स्थिति उस होटल में गए। यहां उनकी टीम की भिड़ंत आनंद मोहन के समर्थकों से हुई। कुंदन कृष्णन आनंद मोहन को जेल भेजकर माने। IPS अफसर के पास करीब 23 करोड़ की प्रॉपर्टी 19 जनवरी 2026 को DG कुंदन कृष्णन ने अपनी सपंत्ति को घोषित किया था। बिहार सरकार को दिए गए ब्योरे के मुताबिक, कुंदन कृष्णन की चल संपत्ति 2,59,60,487 रुपये बताई गई है। इसके अलावा उनके पास 250 ग्राम सोना है। उनके पास 40,000 रुपये कैश हैं। बैंक में 3,76,117 रुपये, 33,98,610 रुपये और 9,20,094 रुपये जमा हैं। बॉन्ड और शेयर में 24,29,212 रुपये का निवेश बताया गया है। म्यूचुअल फंड में 74,25,055 रुपये और 1,13,51,762 रुपये का निवेश दर्ज है। LIC प्रीमियम के मद में 10,651 रुपये और 8,986 रुपये का उल्लेख है। उनके नाम पर कोई गाड़ी नहीं बताई गई है। गहनों में 250 ग्राम सोना दर्ज है। कुंदन कृष्णन की अचल संपत्ति भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर आरजेडी के सांसद सुधाकर सिंह और DG कुंदन कृष्णन आमने-सामने हैं। सीनियर IPS अफसर कृष्णन ने सुधाकर को 5 करोड़ रुपए की मानहानि का नोटिस दिया था। इसके बाद सुधाकर सिंह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से लेकर लोकसभा के स्पीकर ओम बिड़ला तक को पत्र लिखा था। उन्होंने CM से मामले की जांच कराने की मांग की थी। अब मुख्यमंत्री सचिवालय ने जांच का आदेश दे दिया है। मंगलवार को बक्सर से आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने दावा किया कि कुंदन कृष्णन ने अपनी पूरी नौकरी के दौरान करीब 3 करोड़ रुपए कमाए, जबकि उनके पास 150 करोड़ रुपए की संपत्ति है। सुधाकर सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि कुंदन कृष्णन के करीबी रितेश रंजन सिंह ऊर्फ बिट्टू सिंह के नाम पर करीब 200 करोड़ रुपए की संपत्ति खरीदी है। सांसद ने इन संपत्तियों की जांच कराने की मांग मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से की है।
सवाल उठाने पर भेजा गया लीगल नोटिस सुधाकर सिंह ने कहा कि बिहार में लॉ एंड ऑर्डर की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारी उदंडता पर उतर आए हैं। DG कुंदन कृष्णन पर भरत तिवारी समेत करीब डेढ़ दर्जन लोगों के एनकाउंटर को लेकर आरोप है। जब उन्होंने इन मामलों पर सवाल उठाए तो उन्हें लीगल नोटिस भेजकर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई। 87 करोड़ की घोषित संपत्ति, 150 करोड़ का दावा RJD सांसद ने दावा किया कि कुंदन कृष्णन और उनकी पत्नी की घोषित संपत्ति का मूल्य पैतृक संपत्ति को छोड़कर करीब 87 करोड़ रुपए है। वहीं, उनके मुताबिक, कुंदन कृष्णन की कुल संपत्ति का मूल्य करीब 150 करोड़ रुपए है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुंदन कृष्णन ने अपनी कथित ब्लैक मनी से दूसरे लोगों के नाम पर जमीन खरीदी है। पटना एसएसपी रहते हुए भी उन्होंने पटना में कई संपत्तियां अर्जित की। शेयर मार्केट में 36 लाख के निवेश का आरोप सुधाकर सिंह ने शेयर मार्केट में निवेश को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि कुंदन कृष्णन ने शेयर मार्केट में करीब 36 लाख रुपए का निवेश किया है, जबकि इस तरह के निवेश की बात से उन्होंने इनकार किया है। सांसद ने कहा कि कुंदन कृष्णन की संपत्ति का पूरा ब्योरा जांच का विषय है। मुख्यमंत्री से जांच कराने की मांग बक्सर सांसद ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से अनुरोध किया कि वे पूरे मामले की जांच कराएं और बताएं कि उनके आरोप सही हैं या गलत। उन्होंने कहा कि बिहार में पिछले तीन साल से लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं हुई है। सुधाकर सिंह के मुताबिक, उनकी चिट्ठी के बाद सरकार कुंदन कृष्णन के खिलाफ जांच कर रही है, लेकिन उनके आरोप आर्थिक अनियमितताओं और संपत्ति से जुड़े हैं। इसलिए इसकी जल्द से जल्द जांच कराई जाए और उन्हें भी जांच के नतीजों की जानकारी दी जाए। क्यों आमने-सामने हैं डीजी कुंदन कृष्णन और सांसद सुधाकर सिंह? पूरा मामला भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर से जुड़ा है। 17 जून 2026 को भोजपुर जिला के शाहपुर स्थित बिलौटी गांव में भरत तिवारी का एनकाउंटर हुआ था। इस घटना को लेकर 24 जून को सुधाकर सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस की थी। उन्होंने कहा था ‘पटना से गई एसटीएफ की टीम ने एनकाउंटर किया। कुंदन कृष्णन एसटीएफ के इंचार्ज हैं। उन्होंने ही भेजकर भरत तिवारी को मरवाया।’ इसके साथ ही सुधाकर सिंह ने कई और आरोप लगाए थे। इसके बाद कुंदन कृष्णन ने सुधाकर सिंह को 5 करोड़ की मानहानि का नोटिस भेजा। कुंदन कृष्णन ने वकील अपूर्व हर्ष के माध्यम से नोटिस भेज कर माफी मांगने के लिए कहा था। नोटिस की 6 बड़ी बातें… सांसद ने CMO और स्पीकर से की शिकायत कुंदन कृष्णन के नोटिस पर सांसद सुधाकर सिंह ने माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया है और वह अपने आरोपों पर कायम हैं। उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर जांच करने की मांग की है। सुधाकर सिंह ने दलील दी है कि वे एक जनप्रतिनिधि होने के नाते जनता के मुद्दों को उठा रहे थे और इस प्रकार का कानूनी नोटिस उनके संसदीय विशेषाधिकार व दायित्वों के निर्वहन में बाधा डालता है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से IPS अधिकारी के बिना सरकारी अनुमति के नोटिस भेजने की जांच कराने और मामला संसद की विशेषाधिकार समिति को भेजने का आग्रह किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा है कि क्या आपने या आपके CM ने मानहानि का नोटिस देने की मंजूरी दी थी। मामला बढ़ने पर 27 अक्टूबर को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मानहानि नोटिस की जांच कर कार्रवाई करने का आदेश दिया है। वहीं, भास्कर से बातचीत में IPS अफसर कुंदन कृष्णन ने कहा, ‘लीगल नोटिस भेजने के लिए गृह विभाग से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। मैंने इसके लिए नियमावली देखी। अपने वकील से भी सलाह ली। अब नोटिस के बाद सांसद के खिलाफ सिविल सूट करूंगा। इसके लिए गृह विभाग से अनुमति लूंगा।’ अब जानिए कौन हैं कुंदन कृष्णन 1994 बैच के IPS अधिकारी कुंदन कृष्णन मौजूदा समय में बिहार पुलिस में DG ऑपरेशन्स की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जनवरी 2026 में उन्हें STF और स्पेशल ब्रांच की भी जिम्मेदारी दी गई। वह 31 मार्च 2029 को रिटायर होंगे। वह चर्चा में तब आए थे जब उनकी टक्कर बाहुबली आनंद मोहन से हुई थी। 2006 में IPS अफसर कुंदन कृष्णन पटना के सिटी एसपी थे। आनंद मोहन की देहरादून में एक मामले को लेकर पेशी थी। उन्हें सहरसा जेल से देहरादून ले जाया गया। लौटते वक्त आनंद मोहन सहरसा जेल न जाकर पटना के एक होटल में रुक गए। कुंदन कृष्णन को पता चला तो वह रेलवे स्टेशन के पास स्थिति उस होटल में गए। यहां उनकी टीम की भिड़ंत आनंद मोहन के समर्थकों से हुई। कुंदन कृष्णन आनंद मोहन को जेल भेजकर माने। IPS अफसर के पास करीब 23 करोड़ की प्रॉपर्टी 19 जनवरी 2026 को DG कुंदन कृष्णन ने अपनी सपंत्ति को घोषित किया था। बिहार सरकार को दिए गए ब्योरे के मुताबिक, कुंदन कृष्णन की चल संपत्ति 2,59,60,487 रुपये बताई गई है। इसके अलावा उनके पास 250 ग्राम सोना है। उनके पास 40,000 रुपये कैश हैं। बैंक में 3,76,117 रुपये, 33,98,610 रुपये और 9,20,094 रुपये जमा हैं। बॉन्ड और शेयर में 24,29,212 रुपये का निवेश बताया गया है। म्यूचुअल फंड में 74,25,055 रुपये और 1,13,51,762 रुपये का निवेश दर्ज है। LIC प्रीमियम के मद में 10,651 रुपये और 8,986 रुपये का उल्लेख है। उनके नाम पर कोई गाड़ी नहीं बताई गई है। गहनों में 250 ग्राम सोना दर्ज है। कुंदन कृष्णन की अचल संपत्ति

