LTCG Tax Exemption: शेयर बाजार में निवेश करने वाले लोगों को जल्द ही लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स से राहत मिल सकती है। एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि केंद्र सरकार इस टैक्स को पूरी तरह खत्म करने पर विचार कर सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसा करने से सरकार को वित्त वर्ष 2027-28 में 40,000 से 50,000 करोड़ रुपये तक के राजस्व का नुकसान हो सकता है। हालांकि, यह नुकसान इतना बड़ा नहीं होगा कि सरकार की वित्तीय योजनाओं पर कोई गंभीर असर पड़े। एसबीआई रिसर्च का मानना है कि LTCG टैक्स खत्म करने के बाद भी सरकार अपने राजकोषीय घाटे को कम करने के लक्ष्य पर आगे बढ़ सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, इससे जीडीपी के मुकाबले सरकारी राजस्व में 0.1 से 0.2 फीसदी की कमी आएगी। सरकार इस अंतर को आसानी से संभाल सकती है।
LTCG टैक्स खत्म करने की कितनी गुंजाइश?
एसबीआई रिसर्च की ताजा Ecowrap रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में एलटीसीजी टैक्स से करीब 1 लाख करोड़ रुपये की कमाई होने का अनुमान है। वहीं, वित्त वर्ष 2026-27 में यह घटकर 40,000 से 50,000 करोड़ रुपये रह सकती है। रिपोर्ट में बताया गया है कि वित्त वर्ष 2024-25 में एलटीसीजी टैक्स से सरकार को करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये मिले थे। हालांकि, यह कमाई सामान्य से काफी ज्यादा थी। इसकी बड़ी वजह इससे पहले वाले वित्त वर्ष में शेयर बाजार का करीब 30 फीसदी रिटर्न देना था। इस दौरान विदेशी निवेशकों ने बाजार में मुनाफा कमाया और अपने शेयर बेचे थे।
अब बाजार की स्थिति पहले जैसी नहीं है। पिछले तीन साल में निफ्टी का औसत रिटर्न महज 0.5 फीसदी रहा है। वहीं, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय बाजार से कुल 4.8 लाख करोड़ रुपये की निकासी की है। एसबीआई रिसर्च का कहना है कि मौजूदा हालात में सरकार पूरे कैपिटल गेन टैक्स को खत्म करने का आर्थिक बोझ भी उठा सकती है।
LTCG टैक्स में बदलाव के लिए क्या हैं सुझाव?
एसबीआई रिसर्च ने सिर्फ एलटीसीजी टैक्स खत्म करने की बात नहीं कही है, बल्कि मौजूदा टैक्स व्यवस्था में कुछ बदलावों के सुझाव भी दिये हैं। इसमें छोटे निवेशकों को राहत देने से लेकर लंबे समय तक निवेश बनाए रखने को बढ़ावा देने तक के उपाय शामिल हैं। रिपोर्ट के प्रमुख सुझाव इस प्रकार हैं:
टैक्स छूट की सीमा बढ़े: फिलहाल सालाना 1.25 लाख रुपये तक के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर टैक्स छूट मिलती है। इसे बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने का सुझाव दिया गया है। साथ ही इस सीमा को महंगाई के हिसाब से जोड़ने की बात कही गई है।
लंबे निवेश पर कम टैक्स: दो से तीन साल तक रखे गए निवेश से होने वाले मुनाफे पर 5 फीसदी टैक्स लगाने का सुझाव है।
तीन साल बाद टैक्स छूट: तीन साल से ज्यादा समय तक रखे गए निवेश पर LTCG टैक्स पूरी तरह खत्म किया जा सकता है।
एक से दो साल के निवेश पर मौजूदा दर: इस अवधि के निवेश पर 12.5 फीसदी टैक्स जारी रखने का प्रस्ताव है।
STT बढ़ाकर सरकार कर सकती है नुकसान की भरपाई
लॉन्ग टर्म केपिटल गेन टैक्स खत्म करने से सरकारी कमाई में होने वाली कमी की भरपाई के लिए एसबीआई रिसर्च ने सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने का सुझाव दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, STT में 50 फीसदी की बढ़ोतरी की जा सकती है। इससे वित्त वर्ष 2027-28 में सरकार को करीब 45,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई हो सकती है। इसके अलावा, रिपोर्ट में म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए भी राहत का सुझाव दिया गया है। इसके तहत अगर कोई निवेशक म्यूचुअल फंड से पैसा निकालने के 90 दिनों के भीतर उस रकम को किसी पात्र इक्विटी म्यूचुअल फंड में दोबारा निवेश करता है, तो एलटीसीज टैक्स के भुगतान को टालने की सुविधा दी जा सकती है।
LTCG टैक्स खत्म होने से निवेशकों को क्या फायदा होगा?
एसबीआई रिसर्च का मानना है कि इससे भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है। खासकर विदेशी निवेशकों को भारतीय बाजार में दोबारा पैसा लगाने के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है। पिछले कुछ समय से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) भारतीय शेयर बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। ऐसे में एलटीसीजी टैक्स खत्म करने या लंबे समय तक निवेश रखने वालों को कम टैक्स का फायदा देने से विदेशी पूंजी को आकर्षित करने में मदद मिल सकती है।
इससे घरेलू निवेशकों को भी फायदा होगा। खासकर वे लोग जो लंबी अवधि के लिए शेयर बाजार में पैसा लगाते हैं, उन्हें अपने निवेश पर मिलने वाले मुनाफे का बड़ा हिस्सा बचाने का मौका मिल सकता है। हालांकि, फिलहाल यह एसबीआई रिसर्च की ओर से दिया गया सुझाव है। केंद्र सरकार ने LTCG टैक्स खत्म करने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।





