राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के महिला और पुरुष सफाई कर्मियों ने सोमवार को काम बंद कर दिया। वे अपनी मांगों को लेकर कॉम्प्लेक्स के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठे और प्रदर्शन किया।
कर्मियों का कहना है कि उनसे जितना काम कराया जाता है, उसके हिसाब से वेतन और सुविधाएं नहीं मिलतीं। इससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
प्रदर्शन में चिंटू कुमार, आलोक कुमार, आरती कुमारी, सरिता कुमारी, पिंकी कुमारी, सीमा कुमारी, रेखा कुमारी, रंजू देवी, शीला देवी, नीतू देवी, प्रतिमा देवी, कंचन कुमारी और बबीता कुमारी समेत अन्य कर्मचारी शामिल थे। उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से कॉम्प्लेक्स में सफाई का काम कर रहे हैं। यहां हर दिन सैकड़ों महिला और पुरुष कर्मचारी सफाई करते हैं, लेकिन उन्हें कम वेतन दिया जाता है।
कर्मियों ने आरोप लगाया कि उनके वेतन से पीएफ की कटौती नियमित और सही तरीके से नहीं होती। उन्हें बोनस नहीं दिया जाता और समय पर छुट्टी भी नहीं मिलती। उनका आरोप है कि कार्यस्थल पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। समस्याएं और मांगें अधिकारियों के सामने रखने पर काम से हटाने की धमकी दी जाती है।
उन्होंने पुराने कर्मचारियों की जगह दूसरे लोगों को पैसे लेकर काम पर रखने का भी आरोप लगाया। सफाई कर्मियों ने वेतन बढ़ाने, पीएफ की नियमित कटौती करने, बोनस देने और सभी कर्मचारियों को नियम के मुताबिक छुट्टी देने की मांग की। उन्होंने महिला और पुरुष सफाई कर्मियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने की भी मांग रखी।
कर्मियों ने कहा कि लंबे समय से समस्याएं झेलने के बाद उन्होंने काम बंद कर धरना-प्रदर्शन किया। राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के महिला और पुरुष सफाई कर्मियों ने सोमवार को काम बंद कर दिया। वे अपनी मांगों को लेकर कॉम्प्लेक्स के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठे और प्रदर्शन किया।
कर्मियों का कहना है कि उनसे जितना काम कराया जाता है, उसके हिसाब से वेतन और सुविधाएं नहीं मिलतीं। इससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
प्रदर्शन में चिंटू कुमार, आलोक कुमार, आरती कुमारी, सरिता कुमारी, पिंकी कुमारी, सीमा कुमारी, रेखा कुमारी, रंजू देवी, शीला देवी, नीतू देवी, प्रतिमा देवी, कंचन कुमारी और बबीता कुमारी समेत अन्य कर्मचारी शामिल थे। उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से कॉम्प्लेक्स में सफाई का काम कर रहे हैं। यहां हर दिन सैकड़ों महिला और पुरुष कर्मचारी सफाई करते हैं, लेकिन उन्हें कम वेतन दिया जाता है।
कर्मियों ने आरोप लगाया कि उनके वेतन से पीएफ की कटौती नियमित और सही तरीके से नहीं होती। उन्हें बोनस नहीं दिया जाता और समय पर छुट्टी भी नहीं मिलती। उनका आरोप है कि कार्यस्थल पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। समस्याएं और मांगें अधिकारियों के सामने रखने पर काम से हटाने की धमकी दी जाती है।
उन्होंने पुराने कर्मचारियों की जगह दूसरे लोगों को पैसे लेकर काम पर रखने का भी आरोप लगाया। सफाई कर्मियों ने वेतन बढ़ाने, पीएफ की नियमित कटौती करने, बोनस देने और सभी कर्मचारियों को नियम के मुताबिक छुट्टी देने की मांग की। उन्होंने महिला और पुरुष सफाई कर्मियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने की भी मांग रखी।
कर्मियों ने कहा कि लंबे समय से समस्याएं झेलने के बाद उन्होंने काम बंद कर धरना-प्रदर्शन किया।

