Ahmedabad. जिले की साणंद तहसील के विंछिया गांव में रिश्तों को कलंकित करने वाली और इंसानियत को झकझोर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई। अंधविश्वास में अंधे एक निर्दयी पिता ने अपने ही 10 वर्षीय मासूम बेटे का सिर जमीन पर पटककर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। हैरानी की बात यह है कि हत्या के बाद भी उसे जरा भी पछतावा नहीं है। आरोपी बच्चे के शव के पास ही आराम से सो गया था। मां की शिकायत पर जिले की साणंद पुलिस ने सोमवार को आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया।
‘मेरे बाद कोई भूवा न बने, इसलिए मार डाला’
साणंद पुलिस के अनुसार यह घटना रविवार रात को विंछिया गांव में घटी। गांव में पुराने बस स्टैंड के पास नरेश कोली पटेल (36) परिवार के साथ रहता है। उसने अपने बेटे करण (10) को घर के आगे जोगणी माता की देहरी के पास दो से तीन बार पछाड़ कर मौत के घाट उतार दिया। आरोपी ने बेटे के सिर पर लकड़ी से भी वार किए। हत्या के बाद आरोपी पिता ने मासूम के शव को खाट पर लिटाया और खुद भी शव के बिल्कुल पास जाकर सो गया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने चौंकाने वाला बयान दिया। उसने हत्या की बात कबूल करते हुए कहा कि “मैं भुवा (झार-फूंक करने वाला या ढोंगी तांत्रिक) हूं, लेकिन मेरे मरने के बाद मेरा बेटा या कोई और भुवा न बने, इसलिए मैंने उसे रास्ते से हटा दिया।”
मां की शिकायत पर पुलिस ने की कार्रवाई
बेटे की दर्दनाक मौत से मां सदमे में है। उसने हिम्मत जुटाकर पति के खिलाफ साणंद पुलिस थाने में हत्या की शिकायत दर्ज कराई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पंचनामा कर बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इस बात की भी गहराई से जांच कर रही है कि इस जघन्य हत्याकांड के पीछे अंधविश्वास के अलावा कोई मानसिक बीमारी, नशा या अन्य कोई पारिवारिक विवाद तो नहीं था।

