जिला उपभोक्ता अदालत ने शिकायत वाद संख्या 59/15 में बीमा कंपनी को 1,77,582 रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया है। कंपनी को यह रकम 45 दिन के अंदर 6% सालाना ब्याज के साथ देनी होगी। अदालत ने 10,000 रुपए वाद खर्च भी देने को कहा है। अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि आवेदक जगजीवन राम वुटकरी, रफीगंज ने डीलर रामानंदी ऑटो मोबाइल प्राइवेट लिमिटेड, डोभी, गया के साथ आईसीआईसीआई लोम्बार्ड मोटर के मुख्य प्रबंधक और शाखा प्रबंधक के खिलाफ केस किया था। शिकायत के मुताबिक, जगजीवन राम ने 27 फरवरी 2014 को वाहन खरीदा था और आईसीआईसीआई लोम्बार्ड से 27 फरवरी 2015 तक का बीमा कराया था। कठतारा, रफीगंज जाते समय वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने वाहन में आग लगा दी और वह जलकर राख हो गया। इस घटना की प्राथमिकी संख्या 94/14 दर्ज हुई थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, पुलिस ने घटना की पुष्टि की थी। इसके बाद उन्होंने बीमा कंपनी से क्लेम मांगा। कंपनी ने जरूरी दस्तावेज लेने के बाद भी भुगतान नहीं किया, जिसके बाद उन्होंने अदालत में वाद दायर किया। अदालत के सदस्य बद्रीनारायण सिंह ने बीमा कंपनी को मुआवजा, ब्याज और वाद खर्च देने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता रविन्द्र सिंह और बीमा कंपनी की ओर से अजय शर्मा मौजूद थे। जिला उपभोक्ता अदालत ने शिकायत वाद संख्या 59/15 में बीमा कंपनी को 1,77,582 रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया है। कंपनी को यह रकम 45 दिन के अंदर 6% सालाना ब्याज के साथ देनी होगी। अदालत ने 10,000 रुपए वाद खर्च भी देने को कहा है। अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि आवेदक जगजीवन राम वुटकरी, रफीगंज ने डीलर रामानंदी ऑटो मोबाइल प्राइवेट लिमिटेड, डोभी, गया के साथ आईसीआईसीआई लोम्बार्ड मोटर के मुख्य प्रबंधक और शाखा प्रबंधक के खिलाफ केस किया था। शिकायत के मुताबिक, जगजीवन राम ने 27 फरवरी 2014 को वाहन खरीदा था और आईसीआईसीआई लोम्बार्ड से 27 फरवरी 2015 तक का बीमा कराया था। कठतारा, रफीगंज जाते समय वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने वाहन में आग लगा दी और वह जलकर राख हो गया। इस घटना की प्राथमिकी संख्या 94/14 दर्ज हुई थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक, पुलिस ने घटना की पुष्टि की थी। इसके बाद उन्होंने बीमा कंपनी से क्लेम मांगा। कंपनी ने जरूरी दस्तावेज लेने के बाद भी भुगतान नहीं किया, जिसके बाद उन्होंने अदालत में वाद दायर किया। अदालत के सदस्य बद्रीनारायण सिंह ने बीमा कंपनी को मुआवजा, ब्याज और वाद खर्च देने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता रविन्द्र सिंह और बीमा कंपनी की ओर से अजय शर्मा मौजूद थे।

