अमृतसर में खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता और सफाई को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। यहां सब्जी मंडी से खरीदे गए अचार के डिब्बे में से मरी हुई छिपकली निकली है। गांव खलचियां के रहने वाले कामरेड चरण सिंह ने आरोप लगाया है कि उन्होंने रामबाग के पास स्थित सब्जी मंडी की एक दुकान से एक किलो अचार खरीदा था। घर पहुंचकर जब उन्होंने अचार खाने के लिए कटोरी में डाला तो उसमें मरी हुई छिपकली दिखाई दी। इसके बाद उन्होंने इस मामले को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। कामरेड चरण सिंह ने बताया कि 28 तारीख को वह पारिवारिक काम से अमृतसर आए थे। वापस लौटते समय उन्होंने सब्जी मंडी के आखिर में स्थित एक दुकान से एक किलो अचार खरीदा था। घर पहुंचकर जब परिवार के साथ अचार खाने के लिए डिब्बा खोला तो उसमें मरी हुई छिपकली मिली। उनका कहना है कि अगर कोई व्यक्ति अनजाने में इसे खा लेता तो उसकी सेहत को गंभीर नुकसान हो सकता था। ‘खुले में बिकने वाला सामान न खरीदने से बचे’ उन्होंने कहा कि खुले ड्रमों में बिना उचित सफाई और सुरक्षा व्यवस्था के अचार बेचा जा रहा है। उन्होंने तर्कशील सोसायटी के सहयोग से इस मामले को अधिकारियों और मीडिया के सामने उठाया है, ताकि दूसरे लोग भी सतर्क रहें। उन्होंने लोगों से खुले में बिकने वाले अचार की खरीदारी से बचने की अपील की। शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई: डॉ. रटौल मामले पर खाद्य सुरक्षा विभाग के जिला स्वास्थ्य अधिकारी और डेजिग्नेटेड अधिकारी डॉ. मनजीत सिंह रटौल ने कहा कि संबंधित दुकान का पूरा पता मिलने पर विभाग की टीम भेजकर जांच करवाई जाएगी। अचार के सैंपल भी लिए जाएंगे। यदि सैंपल असुरक्षित या तय मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाते तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा। डॉ. रटौल ने बताया कि त्योहारों के सीजन को देखते हुए विभाग की 5 टीमें अलग-अलग इलाकों में जांच कर रही हैं। हाल ही में लिए गए सैंपलों में कुछ जगहों पर खोया, पनीर और मिठाइयों के नमूने तय मानकों से कम गुणवत्ता वाले और कुछ असुरक्षित पाए गए हैं। इन मामलों में कार्रवाई की जा रही है। ‘चमकदार रंगों वाली मिठाइयां न खरीदे’ उन्होंने लोगों से अपील की कि ज्यादा चमकदार रंगों वाली गुलाबी और हरी मिठाइयां तथा सामान्य कीमत से बहुत सस्ती मिलने वाली मिठाइयां खरीदने से बचें। खुले में रखे समोसे, मटर और अन्य खाद्य पदार्थों पर मक्खियां बैठ रही हों तो उन्हें भी न खरीदें। दुकानदारों को भी साफ-सफाई रखने और अच्छी गुणवत्ता वाले कच्चे माल का इस्तेमाल करने की हिदायत दी गई है।

