Amitabh Bachchan Post On Media: बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) अपने बेबाक अंदाज और सोशल मीडिया पर अपनी बात खुलकर रखने के लिए जाने जाते हैं। इस बार मेगास्टार का गुस्सा मीडिया में छपने वालीं खबरों पर फूट पड़ा है। हाल ही में अमिताभ बच्चन ने सोशल मीडिया पर एक धार्मिक और पारंपरिक पोस्ट शेयर की थी। जिसो मीडिया ने गलत तरीके से पेश किया और उसे विरोधियों को चुनौती देने वाला बताया था। अब अभिनेता ने कड़ी नाराजगी जताई है। अमिताभ बच्चन ने साफ शब्दों में मीडिया को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उनके धार्मिक भाव और शब्दों को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अमिताभ बच्चन ने मीडिया को क्यों दी चेतावनी?
अमिताभ बच्चन ने अपने ऑफिशियल X हैंडल (पूर्व में ट्विटर) पर मीडिया को चेतावनी वाला पोस्ट शेयर किया है। जिसमें उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि उनकी पुरानी पोस्ट को गलत तरीके से दिखाया गया है। भगवान श्री कृष्ण के संदर्भ में एक पारंपरिक और श्रद्धा से जुड़ा पोस्ट शेयर किया था। उन्होंने लिखा था- “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की”, जिसका उपयोग आमतौर पर कृष्ण जन्मोत्सव या धार्मिक प्रार्थना के रूप में किया जाता है।
अभिनेता अमिताभ बच्चन का आरोप है कि कुछ मीडिया घरानों ने इस पोस्ट का पूरी तरह से निरादर करते हुए इसका अर्थ ही बदल दिया। मीडिया में ऐसी सुर्खियां छापी गईं कि अमिताभ बच्चन ने अपने विरोधियों पर तंज कसते हुए क्रिप्टिक पोस्ट लिखा है और चुनौती दी है कि ‘जाओ, ले आओ अपने हाथी घोड़े’। इस बात से आहत होकर अमिताभ बच्चन ने अपना कड़ा रुख अपनाया है और मीडिया के इस रवैये को घोर निंदा के योग्य बताया है।
“कान फाड़ कर सुन लो मीडिया वालो, हमारे फैंस की ताकत”- अमिताभ बच्चन
अमिताभ बच्चन ने अपने पोस्ट में गुस्से का इजहार करते हुए अपनी फैन फॉलोइंग (EF) की ताकत का जिक्र किया और मीडिया को चेतावनी भरे लहजे में खरी-खोटी सुनाई। उन्होंने लिखा कि उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 50 मिलियन (लगभग 5 करोड़) से ज्यादा फॉलोअर्स की आबादी है। उन्होंने तल्ख अंदाज में कहा कि जिस दिन उन्होंने इशारा कर दिया, उनमें से केवल 10 प्रतिशत लोग भी जवाब देने के लिए काफी हैं।
अमिताभ ने आगे लिखा कि मीडिया उनके शब्दों की जितनी उलटफेर करके निंदा करेगा, उससे सौ गुना ज्यादा जवाब देने की क्षमता उनके चाहने वालों (EF) के पास है, बस उन्हें एक बार बोलने की देर है। अभिनेता ने मीडिया के एक वर्ग को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें देश का ‘फिफ्थ कॉलम’ (Fifth Column) करार दिया और कहा कि जहाँ चार कॉलम संस्कारों और आदर-सम्मान के माने जाते हैं, वहीं इस वर्ग को समाज में जो आदर रूपी दर्जा मिला है, वह हास्यास्पद है। अपनी बात समाप्त करते हुए उन्होंने अंत में अपने शुभचिंतकों और फैंस को ‘शुभ रात्रि’ कहा।

