प्रयागराज में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र की ओर से आयोजित दीपावली शिल्प मेले में शनिवार की शाम भक्ति संगीत के नाम रही। फिल्म ‘हनुमान अंश’ के चर्चित भजन ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डार दई’ को गाने वाले दृष्टिबाधित बुंदेली लोकगायक सुनील लोधी ने अपनी आवाज से ऐसा समां बांधा कि पूरा पंडाल भक्तिमय हो गया। उनके मंच पर पहुंचते ही दर्शकों ने ‘जय बजरंग बली’ के जयकारे लगाने शुरू कर दिए। सुनील लोधी ने सबसे पहले बड़े हनुमान जी को प्रणाम किया और दर्शकों का अभिवादन स्वीकार करते हुए भजनों की शुरुआत की। उन्होंने ‘दरस दे दो रघुनंदन, आ गए तुम्हारे दरबार’, ‘मेरे भोले जी कर दो नजर’, ‘ओ मोरे संकट के कटइया हनुमान’ और ‘हमारे संकट काटो प्रभु’ जैसे भजन सुनाए। इसके बाद जैसे ही उन्होंने फिल्म ‘हनुमान अंश’ का मशहूर भजन ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डार दई’ गाना शुरू किया, दर्शकों का उत्साह और बढ़ गया। सुनील लोधी जब तक फिल्म के भजन गाते रहे, तब तक दर्शक भी उनके साथ झूमते और गुनगुनाते रहे। कोई तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ा रहा था तो कोई भजनों के साथ सुर मिलाता नजर आया। बड़ी संख्या में लोग अपने मोबाइल फोन से उनकी पूरी प्रस्तुति को लाइव कैमरे में कैद करते रहे। भजन की हर पंक्ति पर पंडाल तालियों और जयकारों से गूंजता रहा। प्रस्तुति समाप्त होने के बाद भी दर्शकों का उत्साह कम नहीं हुआ। प्रशंसकों में सुनील लोधी के साथ सेल्फी लेने की होड़ लग गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत अच्छे लाल और उनकी टीम के बिरहा गायन से हुई। कलाकारों ने लंका विजय के बाद भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी का प्रसंग बिरहा के माध्यम से प्रस्तुत किया। इसके बाद उर्वशी जेटली ने भरतनाट्यम की मनमोहक प्रस्तुति दी। उनकी भाव-भंगिमाओं और नृत्य ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। हरियाणा के पानीपत से आए हरपाल नाथ ने पारंपरिक बीन वादन की प्रस्तुति दी। उनकी बीन की धुन ने दर्शकों को आकर्षित किया। लोग देर रात तक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद लेते रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. आभा मधुर ने किया। इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ समाजसेवी एवं विचारक मनोज, उत्तर मध्य रेलवे के उप महाप्रबंधक अतुल मिश्र, उपनिदेशक डॉ. मुकेश उपाध्याय और सलाहकार कल्पना सहाय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

