सुकमा-दंतेवाड़ा, बीजापुर और बलरामपुर जाने से कतरा रहे अफसर:तबादले के बाद 19 तहसीलदारों ने नहीं संभाला पदभार, दो महीने से आदेश बेअसर

सुकमा-दंतेवाड़ा, बीजापुर और बलरामपुर जाने से कतरा रहे अफसर:तबादले के बाद 19 तहसीलदारों ने नहीं संभाला पदभार, दो महीने से आदेश बेअसर

छत्तीसगढ़ में राजस्व विभाग के तबादला आदेश का पालन कराने में परेशानी आ रही है। विभाग ने 9 सितंबर को 57 तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के तबादले किए थे। सभी को तुरंत नई जगह पदभार संभालने और पुरानी जगह से कार्यमुक्त होने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद करीब दो महीने बाद भी 19 अधिकारियों ने नई जगह ज्वाइन नहीं किया है। इनमें ज्यादातर अधिकारी ऐसे हैं, जिन्हें दूरस्थ और अनुसूचित जिलों में भेजा गया है। वहीं, रायपुर और दुर्ग जैसे जिलों में तबादला किए गए अधिकारियों ने तुरंत पहुंचकर काम संभाल लिया। यानी पसंद के जिले में पोस्टिंग मिलने पर अधिकारी जल्दी ज्वाइन कर रहे हैं, लेकिन दूर के जिलों में जाने के आदेश का पालन नहीं हो रहा है। तबादले के बाद ज्वाइनिंग नहीं करने पर सख्त नियम तबादले के बाद नई जगह ज्वाइन नहीं करने की समस्या को रोकने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने 25 नवंबर 2024 को सख्त निर्देश जारी किए थे। इसके मुताबिक, तबादला आदेश जारी होने के 10 दिन के भीतर अधिकारी-कर्मचारी को पुरानी जगह से कार्यमुक्त करना जरूरी है। अगर ऐसा नहीं होता है तो सक्षम अधिकारी उसे एकतरफा कार्यमुक्त कर सकता है। इसके बाद तबादला आदेश लागू माना जाएगा। नई जगह सात दिन के भीतर ज्वाइन नहीं करने पर निलंबन की कार्रवाई भी हो सकती है। बिना अनुमति अनुपस्थित रहने पर उस अवधि को सेवा में नहीं जोड़ा जाएगा। इसके बावजूद राजस्व विभाग के अधिकारियों के मामले में इन नियमों का पालन नहीं हो पाया है। नई जगह जाने से बचने के लिए लगा रहे अलग-अलग पैंतरे पड़ताल में पता चला है कि नई जगह ज्वाइन नहीं करने वाले कुछ तहसीलदारों ने तबादले के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। वहीं, कुछ अधिकारियों ने मौजूदा जिले में काम का हवाला देकर खुद को रिलीव नहीं होने दिया है। अब एकतरफा कार्यमुक्त करने का आदेश जारी होने की संभावना के बीच इसे रुकवाने की कोशिशें भी हो रही हैं। इससे उन जिलों में राजस्व विभाग का काम प्रभावित हो सकता है, जहां पहले से ही अधिकारियों की कमी है। सरकार ने प्रशासनिक जरूरत के हिसाब से तबादले किए थे, लेकिन अधिकारी नई जगह काम संभालने के बजाय तबादला आदेश पर अमल करने में ही देरी कर रहे हैं। दो साल पहले ही तय कर दिए थे सख्त नियम सामान्य प्रशासन विभाग ने 25 नवंबर 2024 को जारी आदेश में तबादले के बाद ज्वाइन नहीं करने पर कई नियम तय किए थे। – 10 दिन में पुरानी जगह से रिलीविंग: तबादला आदेश जारी होने के 10 दिन के भीतर अधिकारी-कर्मचारी को पुरानी जगह से कार्यमुक्त करना होगा। ऐसा नहीं होने पर सक्षम अधिकारी एकतरफा रिलीव कर सकता है। – 7 दिन में नई जगह ज्वाइनिंग: तबादला आदेश का सात दिन के भीतर पालन नहीं करने पर निलंबन की कार्रवाई हो सकती है। बिना अनुमति गैरहाजिर रहने पर सेवा में व्यवधान (ब्रेक इन सर्विस) का प्रावधान है। – लंबी छुट्टी पर मेडिकल बोर्ड से जांच: तबादले के बाद सात दिन से ज्यादा मेडिकल छुट्टी लेने पर मेडिकल बोर्ड के सामने उपस्थित होना होगा। बोर्ड की सिफारिश के बिना या अनुमति के बगैर गैरहाजिर रहने पर उस अवधि को सेवा में नहीं जोड़ा जाएगा। – नई जगह से मिलेगी छुट्टी: तबादले के बाद छुट्टी की मंजूरी नई पोस्टिंग वाले कार्यालय से ही मिलेगी। – अनुसूचित क्षेत्र में एवजीदार की व्यवस्था: अनुसूचित क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में तबादला होने पर संबंधित अधिकारी की जगह दूसरे अधिकारी की व्यवस्था का प्रस्ताव देना जरूरी है। एवजीदार के पद संभालने तक अधिकारी को रिलीव नहीं किया जाएगा। विशेष परिस्थिति में दो-तिहाई पद भरे होने पर छूट दी जा सकती है। – ज्वाइनिंग के लिए तय समय: मुख्यालय बदले बिना तबादला होने पर एक दिन से ज्यादा का समय नहीं मिलेगा। मुख्यालय बदलने पर अधिकतम एक सप्ताह का समय दिया जा सकता है।

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