दो निर्दलीय MLC के BJP में शामिल होने पर बवाल:जन सुराज बोला- धनबल-सत्ता के दम पर जनादेश की चोरी कर रही भाजपा, हाईकोर्ट जाएंगे

दो निर्दलीय MLC के BJP में शामिल होने पर बवाल:जन सुराज बोला- धनबल-सत्ता के दम पर जनादेश की चोरी कर रही भाजपा, हाईकोर्ट जाएंगे

बिहार में दो निर्दलीय विधान पार्षदों (MLC) बंशीधर बृजवासी और राहुल राज के भाजपा में शामिल होने को लेकर विवाद शुरू हो गया है। जन सुराज ने दोनों नेताओं के भाजपा की सदस्यता लेने को असंवैधानिक बताते हुए इसका विरोध किया है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि भाजपा धनबल, सत्ता और प्रभाव का इस्तेमाल कर चुनाव में मिले जनादेश को अपने पक्ष में कर रही है। जन सुराज ने इस मामले में विधान परिषद के सभापति के समक्ष याचिका सौंपने और दोनों विधान पार्षदों की सदस्यता रद्द करने की मांग करने का ऐलान किया है। पार्टी ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर इस मामले को लेकर हाईकोर्ट भी जाएगी। जन सुराज के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ ने कहा कि 27 अक्टूबर को बिहार विधान परिषद की चार शिक्षक और चार स्नातक सीटों के चुनाव परिणाम आए थे। 28 अक्टूबर की शाम तक नतीजों की तस्वीर साफ हो गई थी। इसमें भाजपा को दो, निर्दलीय उम्मीदवारों को दो, राजद को दो, जदयू को एक और जन सुराज को एक सीट मिली थी। लेकिन परिणाम आने के 72 घंटे भी नहीं बीते थे कि तिरहुत स्नातक सीट से जीते बंशीधर बृजवासी और सारण शिक्षक सीट से जीते राहुल राज भाजपा में शामिल हो गए। चुनाव परिणाम के बाद निर्दलीय MLC के पार्टी में शामिल होने पर सवाल कुमार सौरभ ने कहा कि चुनाव में जनता और मतदाताओं ने जो जनादेश दिया, उसे सत्ता और प्रभाव के दम पर बदलने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने संविधान की भावना के खिलाफ जाकर दोनों निर्दलीय विधान पार्षदों को पार्टी की सदस्यता दिलाई है। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम चाहे किसी भी दल या उम्मीदवार के पक्ष में आएं, भाजपा धनबल और सत्ता के दम पर उन्हें अपने पक्ष में करने की कोशिश करती है। जन सुराज इस तरह की राजनीति का विरोध करेगा। निर्दलीय MLC के दल में शामिल होने पर सदस्यता जाने का दावा कुमार सौरभ ने संविधान की दसवीं अनुसूची और अनुच्छेद 102(2) व 192(2) का हवाला देते हुए कहा कि निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतने के बाद कोई व्यक्ति किसी राजनीतिक दल की सदस्यता ग्रहण करता है तो उसकी विधायिका की सदस्यता जा सकती है। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में पहले भी कई मामलों में निर्णय दिए जा चुके हैं। उनके मुताबिक, बंशीधर बृजवासी और राहुल राज ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने की बात मीडिया में स्वीकार की है। ऐसे में दोनों की सदस्यता रद्द होनी चाहिए। भाजपा की सदस्यता लेने का वीडियो दिखाया कुमार सौरव ने दोनों नेताओं के भाजपा में शामिल होने से जुड़े फोटो और वीडियो भी दिखाए। उन्होंने दावा किया कि बंशीधर बृजवासी ने 01955 नंबर की सदस्यता पर्ची के जरिए भाजपा की सदस्यता ली थी। उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के वेरिफाइड फेसबुक अकाउंट पर किए गए पोस्ट का भी जिक्र किया। कुमार सौरभ के अनुसार, इस पोस्ट में संजय सरावगी ने बंशीधर बृजवासी और राहुल राज के भाजपा में शामिल होने की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि जब जन सुराज ने इस मामले को उठाया तो पोस्ट को बाद में एडिट कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अपने वेरिफाइड फेसबुक अकाउंट से मजाक कर रहे थे? उन्होंने इस मामले में संजय सरावगी से बिहार के शिक्षक और स्नातक मतदाताओं से माफी मांगने की मांग की। पहले सभापति को याचिका, राहत नहीं मिली तो हाईकोर्ट जाएगा जन सुराज जन सुराज के लीगल सेल से जुड़े नेता कुमार अमित ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 191 के तहत निर्दलीय निर्वाचित प्रत्याशी के किसी राजनीतिक दल में शामिल होने का मामला नियमों के विरुद्ध है। पार्टी इस पूरे प्रकरण को लेकर विधान परिषद के सभापति के समक्ष याचिका सौंपेगी। उन्होंने कहा कि याचिका के जरिए दोनों विधान पार्षदों की सदस्यता रद्द करने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की जाएगी। कुमार अमित के मुताबिक, सभापति के समक्ष याचिका देने के बाद तीन महीने के भीतर निर्णय का प्रावधान है। यदि वहां से राहत नहीं मिलती है तो जन सुराज उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा। बिहार में दो निर्दलीय विधान पार्षदों (MLC) बंशीधर बृजवासी और राहुल राज के भाजपा में शामिल होने को लेकर विवाद शुरू हो गया है। जन सुराज ने दोनों नेताओं के भाजपा की सदस्यता लेने को असंवैधानिक बताते हुए इसका विरोध किया है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि भाजपा धनबल, सत्ता और प्रभाव का इस्तेमाल कर चुनाव में मिले जनादेश को अपने पक्ष में कर रही है। जन सुराज ने इस मामले में विधान परिषद के सभापति के समक्ष याचिका सौंपने और दोनों विधान पार्षदों की सदस्यता रद्द करने की मांग करने का ऐलान किया है। पार्टी ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर इस मामले को लेकर हाईकोर्ट भी जाएगी। जन सुराज के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ ने कहा कि 27 अक्टूबर को बिहार विधान परिषद की चार शिक्षक और चार स्नातक सीटों के चुनाव परिणाम आए थे। 28 अक्टूबर की शाम तक नतीजों की तस्वीर साफ हो गई थी। इसमें भाजपा को दो, निर्दलीय उम्मीदवारों को दो, राजद को दो, जदयू को एक और जन सुराज को एक सीट मिली थी। लेकिन परिणाम आने के 72 घंटे भी नहीं बीते थे कि तिरहुत स्नातक सीट से जीते बंशीधर बृजवासी और सारण शिक्षक सीट से जीते राहुल राज भाजपा में शामिल हो गए। चुनाव परिणाम के बाद निर्दलीय MLC के पार्टी में शामिल होने पर सवाल कुमार सौरभ ने कहा कि चुनाव में जनता और मतदाताओं ने जो जनादेश दिया, उसे सत्ता और प्रभाव के दम पर बदलने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने संविधान की भावना के खिलाफ जाकर दोनों निर्दलीय विधान पार्षदों को पार्टी की सदस्यता दिलाई है। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम चाहे किसी भी दल या उम्मीदवार के पक्ष में आएं, भाजपा धनबल और सत्ता के दम पर उन्हें अपने पक्ष में करने की कोशिश करती है। जन सुराज इस तरह की राजनीति का विरोध करेगा। निर्दलीय MLC के दल में शामिल होने पर सदस्यता जाने का दावा कुमार सौरभ ने संविधान की दसवीं अनुसूची और अनुच्छेद 102(2) व 192(2) का हवाला देते हुए कहा कि निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतने के बाद कोई व्यक्ति किसी राजनीतिक दल की सदस्यता ग्रहण करता है तो उसकी विधायिका की सदस्यता जा सकती है। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में पहले भी कई मामलों में निर्णय दिए जा चुके हैं। उनके मुताबिक, बंशीधर बृजवासी और राहुल राज ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने की बात मीडिया में स्वीकार की है। ऐसे में दोनों की सदस्यता रद्द होनी चाहिए। भाजपा की सदस्यता लेने का वीडियो दिखाया कुमार सौरव ने दोनों नेताओं के भाजपा में शामिल होने से जुड़े फोटो और वीडियो भी दिखाए। उन्होंने दावा किया कि बंशीधर बृजवासी ने 01955 नंबर की सदस्यता पर्ची के जरिए भाजपा की सदस्यता ली थी। उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के वेरिफाइड फेसबुक अकाउंट पर किए गए पोस्ट का भी जिक्र किया। कुमार सौरभ के अनुसार, इस पोस्ट में संजय सरावगी ने बंशीधर बृजवासी और राहुल राज के भाजपा में शामिल होने की जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि जब जन सुराज ने इस मामले को उठाया तो पोस्ट को बाद में एडिट कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अपने वेरिफाइड फेसबुक अकाउंट से मजाक कर रहे थे? उन्होंने इस मामले में संजय सरावगी से बिहार के शिक्षक और स्नातक मतदाताओं से माफी मांगने की मांग की। पहले सभापति को याचिका, राहत नहीं मिली तो हाईकोर्ट जाएगा जन सुराज जन सुराज के लीगल सेल से जुड़े नेता कुमार अमित ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 191 के तहत निर्दलीय निर्वाचित प्रत्याशी के किसी राजनीतिक दल में शामिल होने का मामला नियमों के विरुद्ध है। पार्टी इस पूरे प्रकरण को लेकर विधान परिषद के सभापति के समक्ष याचिका सौंपेगी। उन्होंने कहा कि याचिका के जरिए दोनों विधान पार्षदों की सदस्यता रद्द करने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की जाएगी। कुमार अमित के मुताबिक, सभापति के समक्ष याचिका देने के बाद तीन महीने के भीतर निर्णय का प्रावधान है। यदि वहां से राहत नहीं मिलती है तो जन सुराज उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगा।  

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