(फाइल तस्वीरों के साथ)
… अमनप्रीत सिंह …
चेन्नई, एक नवंबर भारतीय टेनिस प्रशासन में एक अहम राजनीतिक बदलाव के तहत दिग्गज खिलाड़ी लिएंडर पेस ने अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) के अंतरिम अध्यक्ष चिंतन पारिख के साथ हाथ मिला लिया है। दोनों ने आगामी चुनाव संयुक्त पैनल के तहत लड़ने का फैसला किया है। ‘टेनिस फर्स्ट’ के बैनर तले चुनाव मैदान में उतरने वाले इस पैनल में पेस उपाध्यक्ष पद के लिए मैदान में उतरेंगे।इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारतीय टेनिस प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। गौरतलब है कि पेस पहले 27 नवंबर को होने वाले एआईटीए चुनाव में पारिख के खिलाफ मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे थे। गुजरात के प्रशासक पारिख अध्यक्ष पद पर एक और कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं।पेस ने उत्कृष्ट योग्यता वाले खिलाड़ियों (स्पोर्ट्सपर्सन्स ऑफ आउटस्टैंडिंग मेरिट-एसओएम) के चुनाव में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया। वह इस श्रेणी के ‘टियर-1’ में शामिल एकमात्र खिलाड़ी थे। पश्चिम बंगाल टेनिस संघ के अध्यक्ष के रूप में उनका पहला कार्यकाल अभी पूरा नहीं हुआ है।ऐसे में उनके लिए पश्चिम बंगाल से एआईटीए अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल होना संभव नहीं था। इस राजनीतिक समीकरण में बदलाव की शुरुआत पिछले सप्ताह कोलकाता में दोनों के बीच हुई बैठक से हुई। बैठक में पेस ने पारिख के समूह के साथ जुड़ने का प्रस्ताव रखा और जमीनी स्तर पर भारतीय टेनिस को मजबूत बनाने की इच्छा जताई।पुरुष युगल में आठ और मिश्रित युगल में 10 ग्रैंडस्लैम खिताब जीत चुके पेस के बारे में समझा जाता है कि वह भारतीय खेल प्रशासन में बड़ी भूमिका निभाना चाहते हैं। भविष्य में भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) से जुड़ने की संभावना भी उनकी योजनाओं में शामिल बताई जा रही है। पारिख ने इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए पीटीआई से कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल में हुई बैठक के दौरान मुझसे पूछा गया कि अगर लिएंडर मेरी टीम का हिस्सा बनते हैं तो मेरी उनसे क्या अपेक्षाएं होंगी और इसके उलट उनकी मुझसे क्या उम्मीदें रहेंगी।हमने विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ पेस का मानना था कि एआईटीए ट्रस्ट में स्थायी न्यासियों की व्यवस्था समाप्त होनी चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे लोग, जो स्थायी न्यासी होने के कारण खुद को जवाबदेही से परे मानते हैं, यह स्वीकार्य नहीं है। सभी को इस बात को समझना होगा। एआईटीए ट्रस्ट के सदस्यों में संघ के पूर्व महासचिव अनिल धूपर, पूर्व अध्यक्ष अनिल जैन, अनिल खन्ना, अशोक कुमार, रक्तिम सैकिया और भारत ओझा शामिल हैं।रोहित राजपाल ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुके हैं। पारिख के मुताबिक, पेस चाहते हैं कि ट्रस्ट को एआईटीए के दायरे में लाया जाए, ताकि उसके कामकाज में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। हाल ही में राजपाल के नेतृत्व वाली दिल्ली लॉन टेनिस संघ (डीएलटीए) और एआईटीए ट्रस्ट के बीच विवाद भी सामने आया था।
(फाइल तस्वीरों के साथ)
… अमनप्रीत सिंह …
चेन्नई, एक नवंबर भारतीय टेनिस प्रशासन में एक अहम राजनीतिक बदलाव के तहत दिग्गज खिलाड़ी लिएंडर पेस ने अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) के अंतरिम अध्यक्ष चिंतन पारिख के साथ हाथ मिला लिया है। दोनों ने आगामी चुनाव संयुक्त पैनल के तहत लड़ने का फैसला किया है। ‘टेनिस फर्स्ट’ के बैनर तले चुनाव मैदान में उतरने वाले इस पैनल में पेस उपाध्यक्ष पद के लिए मैदान में उतरेंगे।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारतीय टेनिस प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। गौरतलब है कि पेस पहले 27 नवंबर को होने वाले एआईटीए चुनाव में पारिख के खिलाफ मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे थे। गुजरात के प्रशासक पारिख अध्यक्ष पद पर एक और कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं।
पेस ने उत्कृष्ट योग्यता वाले खिलाड़ियों (स्पोर्ट्सपर्सन्स ऑफ आउटस्टैंडिंग मेरिट-एसओएम) के चुनाव में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया। वह इस श्रेणी के ‘टियर-1’ में शामिल एकमात्र खिलाड़ी थे। पश्चिम बंगाल टेनिस संघ के अध्यक्ष के रूप में उनका पहला कार्यकाल अभी पूरा नहीं हुआ है।
ऐसे में उनके लिए पश्चिम बंगाल से एआईटीए अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल होना संभव नहीं था। इस राजनीतिक समीकरण में बदलाव की शुरुआत पिछले सप्ताह कोलकाता में दोनों के बीच हुई बैठक से हुई। बैठक में पेस ने पारिख के समूह के साथ जुड़ने का प्रस्ताव रखा और जमीनी स्तर पर भारतीय टेनिस को मजबूत बनाने की इच्छा जताई।
पुरुष युगल में आठ और मिश्रित युगल में 10 ग्रैंडस्लैम खिताब जीत चुके पेस के बारे में समझा जाता है कि वह भारतीय खेल प्रशासन में बड़ी भूमिका निभाना चाहते हैं। भविष्य में भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) से जुड़ने की संभावना भी उनकी योजनाओं में शामिल बताई जा रही है। पारिख ने इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए पीटीआई से कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल में हुई बैठक के दौरान मुझसे पूछा गया कि अगर लिएंडर मेरी टीम का हिस्सा बनते हैं तो मेरी उनसे क्या अपेक्षाएं होंगी और इसके उलट उनकी मुझसे क्या उम्मीदें रहेंगी।
हमने विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ पेस का मानना था कि एआईटीए ट्रस्ट में स्थायी न्यासियों की व्यवस्था समाप्त होनी चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे लोग, जो स्थायी न्यासी होने के कारण खुद को जवाबदेही से परे मानते हैं, यह स्वीकार्य नहीं है। सभी को इस बात को समझना होगा। एआईटीए ट्रस्ट के सदस्यों में संघ के पूर्व महासचिव अनिल धूपर, पूर्व अध्यक्ष अनिल जैन, अनिल खन्ना, अशोक कुमार, रक्तिम सैकिया और भारत ओझा शामिल हैं।
रोहित राजपाल ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुके हैं। पारिख के मुताबिक, पेस चाहते हैं कि ट्रस्ट को एआईटीए के दायरे में लाया जाए, ताकि उसके कामकाज में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। हाल ही में राजपाल के नेतृत्व वाली दिल्ली लॉन टेनिस संघ (डीएलटीए) और एआईटीए ट्रस्ट के बीच विवाद भी सामने आया था।
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