नयी दिल्ली, एक नवंबर दिल्ली पुलिस ने हत्या के एक मामले में 26 साल से अधिक समय से फरार रहे 62 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। एक पुलिस अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने 30 अक्टूबर को उत्तर-पूर्वी दिल्ली के शिव विहार इलाके से विश्वनाथ सिंह उर्फ मुन्ना को गिरफ्तार किया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘यह मामला 20 अक्टूबर 1998 का है, जब 24 वर्षीय जय प्रकाश गोकलपुरी इलाके में गंभीर रूप से घायल और बेहोश हालत में मिला था। बाद में उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।’’
शुरुआत में इसे सड़क दुर्घटना मान लिया गया था और गोकलपुरी थाने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के तहत ‘दुर्घटना से हुई मौत’ का मामला दर्ज किया गया था। हालांकि, बाद की जांच से पता चला कि यह एक सुनियोजित हत्या थी।
पुलिस के मुताबिक आरोपी प्रकाश का पड़ोसी था, उसने कथित तौर पर उसके सिर पर हथौड़े से वार किया था और घटना को इस तरह पेश किया जैसे कि यह कोई ‘हिट-एंड-रन’ का मामला हो। अधिकारी ने बताया कि आरोपी को संदेह था कि प्रकाश का उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध है और इसी वजह से उसने हत्या की। इन खुलासों के बाद मूल प्राथमिकी रद्द कर वर्ष 2000 में खजूरी खास थाने में हत्या का नया मामला दर्ज किया गया।
सिंह को पांच दिसंबर 2001 को भगोड़ा घोषित किया गया था और तब से वह गिरफ्तारी से बच रहा था। पुलिस ने बताया कि अपराध शाखा की एक टीम ने उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में उसके पैतृक गांव का पता लगाया और इसके बाद दिल्ली में रहने वाले उसके परिवार के सदस्यों के बारे में सुराग जुटाए। पुलिस ने बताया कि निगरानी के दौरान टीम ने एक व्यक्ति को आरोपी के भाइयों से गुप्त रूप से मिलते देखा।
गोपनीय तरीके से सत्यापन करने के बाद उसकी पहचान स्थापित की गई। फरार रहने के दौरान सिंह ने बार-बार अपने ठिकाने बदले और अपनी पहचान छिपाकर फरीदाबाद, लोनी, इटावा और दिल्ली में मावा के थोक कारोबार का काम किया।

