राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मेघनगर खंड के बड़ा घोसलिया मंडल में रविवार को त्रिवेणी पथ संचलन निकाला गया। तीन दिशाओं से आए संचलन खच्चरटोडी चौराहे पर मिले। नया गांव जागीर, झाराडाबर और घोसलिया से स्वयंसेवकों के अलग-अलग संचलन शुरू हुए। स्वयंसेवक गणवेश में घोष की धुन पर कदमताल करते हुए तय रास्तों से खच्चरटोडी चौराहे पहुंचे। इसमें बड़ा घोसलिया, छोटा घोसलिया, बेड़ावली, डुंडका, गडुली, झाराडाबर, कालियाविराम, खच्चरटोडी, किशनपुरा, नया गांव जागीर, फुलेड़ी, राखड़िया और उदयपुरिया गांव के स्वयंसेवक शामिल हुए। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। चौराहे पर तीनों संचलनों के मिलने के बाद स्वयंसेवक साथ कदमताल करते हुए बेड़ावली पहुंचे। वहां मुख्य कार्यक्रम हुआ। इसके मुख्य अतिथि फुलेड़ी गांव के रियासतकालीन मंदिर के मुख्य पुजारी जुवान सिंह गुंडिया थे। मुख्य वक्ता जनजाति विकास मंच के रतलाम विभाग के जनजाति कार्य प्रमुख राजेश डावर रहे। कार्यक्रम की शुरुआत एकल गीत से हुई। इसके बाद राजेश डावर ने स्वयंसेवकों और लोगों को संबोधित किया। उन्होंने संघ की स्थापना के उद्देश्य, कार्यपद्धति, समाज में संगठन की भूमिका और व्यक्ति निर्माण के महत्व पर बात की। डावर ने कहा कि संघ का काम शाखा तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य समाज में संस्कार, सेवा और राष्ट्रभाव जगाना है। उन्होंने कहा कि देश पर आपदा या संकट के समय स्वयंसेवक राष्ट्र को सर्वोपरि मानकर मदद के लिए आगे आते हैं। प्रार्थना के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

