जहानाबाद में 200 बेल्ट्रॉन कर्मियों का रोड मार्च:राज्यकर्मी का दर्जा और सेवा सुरक्षा की मांग; दशकों से सरकारी विभागों में कर रहे काम

जहानाबाद में 200 बेल्ट्रॉन कर्मियों का रोड मार्च:राज्यकर्मी का दर्जा और सेवा सुरक्षा की मांग; दशकों से सरकारी विभागों में कर रहे काम

राज्यकर्मी का दर्जा, सेवा सुरक्षा और सेवांत लाभ समेत अन्य मांगों को लेकर रविवार को जहानाबाद में बेल्ट्रॉन कर्मियों ने रोड मार्च निकाला। इसमें करीब 200 कर्मचारी शामिल हुए। बिहार राज्य डेटा एंट्री ऑपरेटर संयुक्त मोर्चा, पटना के आह्वान पर जिला स्तरीय प्रोग्रामर, स्टेनोग्राफर, डेटा एंट्री ऑपरेटर और आईटी बॉयज एंड गर्ल्स एकता मंच के बैनर तले मार्च निकाला गया। अस्पताल मोड़ से कारगिल चौक तक निकाला मार्च जिला अध्यक्ष राजेश कुमार के नेतृत्व में मार्च अस्पताल मोड़ से शुरू हुआ और कारगिल चौक पर खत्म हुआ। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाई। नौकरी से हटाए जाने का डर, सेवांत लाभ भी नहीं कर्मचारियों ने कहा कि वे कई दशकों से बेल्ट्रॉन के माध्यम से सरकारी विभागों और कार्यालयों में काम कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा, स्थायी सेवा सुरक्षा और सेवांत लाभ नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक सेवा देने के बाद भी नौकरी से हटाए जाने का डर बना रहता है। योजना या परियोजना खत्म होने पर रोजगार पर संकट आ जाता है। कई कर्मचारी बिना सेवांत लाभ के ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं। राज्यकर्मी का दर्जा, सेवा सुरक्षा और सेवांत लाभ समेत अन्य मांगों को लेकर रविवार को जहानाबाद में बेल्ट्रॉन कर्मियों ने रोड मार्च निकाला। इसमें करीब 200 कर्मचारी शामिल हुए। बिहार राज्य डेटा एंट्री ऑपरेटर संयुक्त मोर्चा, पटना के आह्वान पर जिला स्तरीय प्रोग्रामर, स्टेनोग्राफर, डेटा एंट्री ऑपरेटर और आईटी बॉयज एंड गर्ल्स एकता मंच के बैनर तले मार्च निकाला गया। अस्पताल मोड़ से कारगिल चौक तक निकाला मार्च जिला अध्यक्ष राजेश कुमार के नेतृत्व में मार्च अस्पताल मोड़ से शुरू हुआ और कारगिल चौक पर खत्म हुआ। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाई। नौकरी से हटाए जाने का डर, सेवांत लाभ भी नहीं कर्मचारियों ने कहा कि वे कई दशकों से बेल्ट्रॉन के माध्यम से सरकारी विभागों और कार्यालयों में काम कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें राज्यकर्मी का दर्जा, स्थायी सेवा सुरक्षा और सेवांत लाभ नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक सेवा देने के बाद भी नौकरी से हटाए जाने का डर बना रहता है। योजना या परियोजना खत्म होने पर रोजगार पर संकट आ जाता है। कई कर्मचारी बिना सेवांत लाभ के ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं।  

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