कोटा के राष्ट्रीय दशहरा मेले में शनिवार रात ऐतिहासिक विजयश्री रंगमंच पर भोजपुरी संगीत का रंगारंग कार्यक्रम हुआ। भोजपुरी गायक गोलू राजा और गायिका नेहा सिंह निष्ठा की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को देर रात तक झूमने पर मजबूर कर दिया। भोजपुरी गीतों के साथ मंच पर पूर्वांचल और बिहार की लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम की शुरुआत महापौर अनुसूइया गोस्वामी ने पूर्वांचल और मिथिलांचल समाज के अतिथियों के स्वागत के साथ की। इस दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कोचिंग स्टूडेंट्स और युवाओं में दिखा उत्साह गायिका नेहा सिंह निष्ठा ने ‘हां हम बिहारी हैं जी, थोड़े संस्कारी हैं जी’ गीत से प्रस्तुति शुरू की। इसके बाद ‘जईसन सोचले रहनी अइसन पियवा मोरे बाड़े’ और ‘काहे देखेला ऐसे हंस के’ जैसे लोकगीत सुनाए। वहीं ‘लॉलीपॉप लागेलू’ और ‘हिलेला कोटा डिस्ट्रिक्ट’ की प्रस्तुति पर कोचिंग स्टूडेंट्स और युवाओं ने जमकर उत्साह दिखाया। ‘तोर प्यार में पागल बानी’ और ‘कॉलेज के डेट पा’ जैसे गीतों ने भी समां बांधा। देर रात तक झूमे दर्शक इसके बाद गायक गोलू राजा ने भगवान श्रीराम के भजनों और लोकगीतों से शुरुआत की। ‘चंवरिया डोले ना’ और ‘लंका नगरिया में शोर भइल बा’ जैसे गीतों से माहौल भक्तिमय किया। इसके बाद ‘राजा जी कोरवे में जवान होके दी’, ‘ओठलली से रोटी बोर के’, ‘नथुनिया पागल कैले बा’ और ‘जिंदगी में जहर’ जैसे लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति दी। दोनों कलाकारों की गायकी पर दर्शक देर रात तक तालियां बजाते और झूमते नजर आए।

