रायपुर में व्हाट्सएप पर फर्जी पहचान बनाकर दो कंपनियों से 2.93 करोड़ रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने कंपनी के अधिकृत लोगों के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर अकाउंटेंट को मैसेज भेजे और बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवा ली। टिकरापारा और तेलीबांधा थाने में दर्ज दोनों मामलों की जांच में पुलिस ने महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने ठगी की रकम में से 1.38 करोड़ रुपए अलग-अलग बैंक खातों में होल्ड कराए हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों मामलों में ठगी का तरीका एक जैसा था। आरोपियों ने व्हाट्सएप पर कंपनी के अधिकारी की फर्जी पहचान बनाई और अकाउंटेंट को रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दिए। अकाउंटेंट ने संदेशों को असली समझकर कंपनी के बैंक खाते से पैसे भेज दिए। टिकरापारा में 93 लाख, तेलीबांधा में 2 करोड़ की ठगी पहला मामला: कमल विहार निवासी विजय राठी राठी बंधुस कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं। 19 से 21 अक्टूबर 2026 के बीच किसी ने उनके नाम और प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल कर कंपनी के अकाउंटेंट लेखराम चक्रधारी को व्हाट्सएप मैसेज भेजे। इसके बाद कंपनी के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया खाते से 93 लाख रुपए दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। इस मामले में टिकरापारा थाने में केस दर्ज किया गया। दूसरा मामला: तेलीबांधा स्थित ट्रांसफॉर्मर एंड ट्रांसमिशन लिमिटेड के मुख्य वित्त अधिकारी ओमकार वरु ने शिकायत दर्ज कराई। आरोपियों ने कंपनी के अधिकृत व्यक्ति अंशुल शर्मा की पहचान का इस्तेमाल कर अकाउंटेंट बिरेश तिवारी को मैसेज भेजा और टी-के कंस्ट्रक्शन के खाते में 2 करोड़ रुपए ट्रांसफर करने को कहा। अकाउंटेंट ने बैंक ऑफ बड़ौदा की पंडरी शाखा स्थित कंपनी के खाते से रकम ऑनलाइन भेज दी। महाराष्ट्र और प्रयागराज से गिरफ्तारी दोनों मामलों में एक जैसा तरीका सामने आने के बाद एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, टिकरापारा और तेलीबांधा पुलिस ने संयुक्त जांच शुरू की। मोबाइल नंबर, व्हाट्सएप प्रोफाइल, बैंक खातों और सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। टिकरापारा के मामले में पुलिस ने महाराष्ट्र के ठाणे जिले के उल्हासनगर से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके नाम आकाश कन्हैया लाल चुथ (20), साहिल रमेश नथानी (23) और राज चन्दर लाल जुमानी (23) हैं। वहीं, तेलीबांधा के मामले में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से विनय श्रीवास्तव (47) और विनोद कुमार (49) को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक, दोनों को प्रयागराज कोर्ट से जमानत पर रिहा किया गया है। उन्हें आगे की जांच के लिए रायपुर लाने की प्रक्रिया की जा रही है। एक अन्य आरोपी को रायपुर में उपस्थित होने का नोटिस भी दिया गया है। ₹1.38 करोड़ होल्ड, मोबाइल और एटीएम कार्ड जब्त पुलिस ने दोनों मामलों में बैंक अधिकारियों से समन्वय कर कुल 1.38 करोड़ रुपए होल्ड कराए हैं। इनमें टिकरापारा के मामले में 24 लाख और तेलीबांधा के मामले में 1.14 करोड़ रुपए शामिल हैं। टिकरापारा मामले में गिरफ्तार आरोपियों से 25 हजार रुपए नकद, 6 मोबाइल फोन, 3 एटीएम कार्ड और 3 पासबुक जब्त की गई हैं। तेलीबांधा मामले में 2 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, टिकरापारा मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों की तेलीबांधा में हुई 2 करोड़ रुपए की ठगी में भी संलिप्तता सामने आई है। अब जब्त मोबाइल फोन की तकनीकी जांच और पूछताछ के आधार पर अन्य आरोपियों, साइबर ठगी के नेटवर्क और रकम के लेन-देन से जुड़े खातों की जानकारी जुटाई जा रही है।

