AI से ‘ज़िंदा’ हुआ आतंकी मसूद अजहर? घटती भर्ती से परेशान जैश ने अपनाया डीपफेक का हथकंडा

AI से ‘ज़िंदा’ हुआ आतंकी मसूद अजहर? घटती भर्ती से परेशान जैश ने अपनाया डीपफेक का हथकंडा

पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ने अपने घटते कैडर (सदस्यों) की संख्या को फिर से बढ़ाने के लिए अब परंपरागत तरीकों को छोड़कर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भारी नुकसान झेलने के बाद, संगठन अपने चीफ मसूद अजहर के फर्जी ऑडियो और वीडियो क्लिप तैयार कर रहा है।

खुफिया एजेंसियों के आकलन के अनुसार, इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा उन शुरुआती आतंकी संगठनों में से हैं जिन्होंने अपने कामकाज में AI को अपनाया है। इनमें से इस्लामिक स्टेट ने इस तकनीक का सबसे तेजी से इस्तेमाल किया।
जैश के बाद अब आतंकी संगठन अल-कायदा भी अब इस दिशा में आगे बढ़ रहा है, जबकि पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) जैसे संगठन अब तक मुख्य रूप से संचार और लोगों को जोड़ने के पारंपरिक तरीकों पर ही निर्भर रहे हैं।

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