Meerut Blue Drum Case: मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड से जुड़ा मकान करीब 19 महीने तक बंद रहने के बाद अब फिर से खुल गया है। इसी घर में मुस्कान और साहिल ने मिलकर सौरभ की हत्या की थी और शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में सीमेंट डालकर छिपा दिए थे। अब मकान मालिक ओमपाल सिंह ने घर की सफाई कराई है और पुताई कराने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि हत्या के बाद से मकान का एक हिस्सा बंद पड़ा था, जिससे करीब दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। दिवाली के बाद घर में हवन और शुद्धिकरण कराया जाएगा।
दिवाली के बाद घर में होगा हवन और शुद्धिकरण
मकान मालिक ओमपाल सिंह मूल रूप से हरियाणा के पलवल जिले के हथीन गांव के रहने वाले हैं। उनका खंदक बाजार में कपड़ों का कारोबार था। हालांकि, बेटे विकास की बीमारी से मौत होने के बाद उन्होंने कारोबार बंद कर दिया था।
ओमपाल सिंह के मुताबिक, सौरभ की हत्या के बाद से मकान का एक हिस्सा करीब 19 महीने तक बंद रहा। इस दौरान वहां कोई नहीं आया। अब मकान खुलने के बाद उन्होंने सफाई कराई है। घर की पुताई कराने की भी तैयारी है। दिवाली के बाद यहां हवन और शुद्धिकरण कराया जाएगा। लंबे समय तक मकान बंद रहने के कारण उन्हें करीब दो लाख रुपये का आर्थिक नुकसान भी हुआ है।
पुलिस की मौजूदगी में तोड़े गए थे दोनों ताले
बीते बुधवार को करीब 19 महीने बाद ब्रह्मपुरी के इंदिरानगर स्थित इस मकान को खोला गया था। शाम करीब पांच बजे ब्रह्मपुरी पुलिस की मौजूदगी में मुख्य गेट और घर के अंदर जाने वाले दरवाजे पर लगे दोनों तालों को ईंटों से तोड़ा गया। इस दौरान सौरभ की मां रेणू देवी, बड़े भाई राहुल उर्फ बबलू और मकान मालिक ओमपाल सिंह मौजूद थे। पुलिस ने घर की तलाशी ली और वहां रखा सामान बाहर निकलवाया। इसके बाद सामान की सूची तैयार की गई और सौरभ का सामान उसके भाई राहुल को सौंप दिया गया।
घर खुलने के बाद सौरभ के परिजन उस कमरे में पहुंचे, जहां उसकी हत्या की गई थी। कमरे को देखते ही मां रेणू देवी और भाई राहुल भावुक हो गए। दोनों फूट-फूटकर रोने लगे।
पलंग के बॉक्स से आ रही थी तेज दुर्गंध
18 मार्च 2025 से बंद पड़े मकान के अंदर दाखिल होते ही तेज दुर्गंध महसूस हुई। पलंग के बॉक्स से भी बदबू आ रही थी। लंबे समय तक घर बंद रहने के कारण कमरों में कपड़े, जूते, बर्तन और दूसरे घरेलू सामान बिखरे पड़े थे। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान घर में रखे सामान का पूरा विवरण दर्ज किया और जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे परिवार को सौंप दिया।
मुस्कान ने साहिल के साथ मिलकर की थी हत्या
यह मकान ब्रह्मपुरी के इंदिरानगर में ओमपाल सिंह का है। इसके एक हिस्से में सौरभ और मुस्कान किराये पर रहते थे। सौरभ कुछ साल पहले नौकरी के लिए लंदन चला गया था, जबकि मुस्कान अपनी बेटी पीहू के साथ इसी मकान में रहती थी। इसी दौरान मुस्कान का अपने बचपन के दोस्त साहिल के साथ प्रेम प्रसंग शुरू हो गया।
फरवरी 2025 में सौरभ अपनी पत्नी और बेटी के जन्मदिन के लिए लंदन से मेरठ लौटा था। आरोप है कि 3 मार्च की रात मुस्कान ने खाने में बेहोशी की दवा मिलाकर सौरभ को बेहोश कर दिया। इसके बाद मुस्कान और साहिल ने मिलकर चाकू से उसकी हत्या कर दी।
शव के पांच टुकड़े कर नीले ड्रम में छिपाया
हत्या के बाद दोनों ने सौरभ के शव के पांच टुकड़े किए और सिर को धड़ से अलग कर दिया। इसके बाद शरीर के टुकड़ों को नीले ड्रम में डालकर सीमेंट से जमा दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों हिमाचल घूमने चले गए थे।
18 मार्च 2025 को पुलिस ने मुस्कान और साहिल को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया था। पुलिस ने नीले ड्रम से शव बरामद किया। सौरभ के भाई राहुल की तहरीर पर दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

