उन्नाव के जिला पुरुष अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों की बायोमेट्रिक हाजिरी फिर शुरू कर दी गई है। अब सभी को मशीन से उपस्थिति दर्ज करानी होगी। शनिवार को नई मशीन से हाजिरी शुरू हुई। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, इस व्यवस्था से डॉक्टरों के देर से ओपीडी पहुंचने और समय से पहले ड्यूटी छोड़ने की शिकायतों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। र्मचारी हस्ताक्षर करने के बाद ड्यूटी से गायब हो जाते हैं। कुछ मामलों में दूसरे लोगों से हाजिरी लगवाने की शिकायतें भी आई थीं। शासन ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों को अच्छा इलाज देने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद जिला पुरुष अस्पताल में डॉक्टरों के समय पर ओपीडी न पहुंचने और तय समय से पहले चले जाने की शिकायतें आती रही हैं। दूरदराज से इलाज कराने आने वाले मरीजों को डॉक्टरों के इंतजार में घंटों बैठना पड़ता है। जिला अस्पताल को बायोमेट्रिक मशीनें दी डॉक्टरों और कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए वर्ष 2020 में जिला अस्पताल को बायोमेट्रिक मशीनें दी गई थीं। कुछ दिन चलने के बाद मशीनें खराब हो गईं। इसके बाद रजिस्टर पर हस्ताक्षर कराकर हाजिरी दर्ज की जाने लगी। शिकायतें थीं कि कुछ डॉक्टर और कर्मचारी हस्ताक्षर करने के बाद ड्यूटी से गायब हो जाते हैं। कुछ मामलों में दूसरे लोगों से हाजिरी लगवाने की शिकायतें भी आई थीं। बीते दिनों लखनऊ मंडल के एडी हेल्थ डॉ. जीपी गुप्ता ने जिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। इस दौरान डॉक्टर और सीएमएस अस्पताल में नहीं मिले थे। उन्होंने नाराजगी जताते हुए सीएमओ और सीएमएस को लेटलतीफी रोकने और अस्पताल की व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने नई बायोमेट्रिक मशीन लगवाई। कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी सीएमएस डॉ. एसके शुक्ला ने बताया कि अस्पताल के सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी गई है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को इस व्यवस्था के तहत हाजिरी लगवाई गई।

