गाजीपुर में ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात हुए हादसे में मरने वालों की संख्या चार हो गई। शुक्रवार को लखनऊ के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान वाराणसी के शिवपुर निवासी रत्नेश मिश्रा (40) की मौत हो गई। हादसे में पहले क्षमा उपाध्याय (55) और उनके बेटे अनमोल उपाध्याय (28) की गाजीपुर मेडिकल कॉलेज में मौत हुई थी। दोनों बलिया जिले के नरही थाना क्षेत्र के नरही गांव के निवासी थे। वहीं, बलिया के सुखपुरा थाना क्षेत्र के भरखरा निवासी मनोज चौबे (42) ने गुरुवार देर शाम वाराणसी में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतक अलग-अलग परिवारों से थे और रिश्तेदारी में जुड़े हुए थे। हादसे में मां-बेटे समेत चार लोगों की जान चली गई। जंगीपुर थाना क्षेत्र के शेखपुर के पास पिलर नंबर 340 पर बुधवार देर रात यह हादसा हुआ। बलिया से वाराणसी जा रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो डिवाइडर तोड़कर करीब 30 फीट गहरी खाई में जा गिरी। वाहन में सवार पांचों लोग घायल हो गए थे। हादसे के बाद सभी घायलों को गाजीपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने क्षमा उपाध्याय और अनमोल उपाध्याय को मृत घोषित कर दिया। गंभीर हालत में रत्नेश मिश्रा, मनोज चौबे और चालक रमेश वर्मा को वाराणसी रेफर किया गया था। मनोज चौबे की गुरुवार देर शाम वाराणसी में इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, रत्नेश मिश्रा की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के निजी अस्पताल भेजा गया था, जहां शुक्रवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। चालक रमेश वर्मा की हालत में सुधार होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
मां का इलाज कराने निकला था अनमोल परिजनों के मुताबिक, अनमोल अपनी मां क्षमा उपाध्याय का इलाज कराने के लिए वाराणसी जा रहा था। बुधवार को वह अपने मामा रत्नेश मिश्रा, मौसेरे भाई मनोज चौबे और चालक रमेश वर्मा के साथ बक्सर स्थित सोलर पैनल के गोदाम गया था। वहां से सभी शाम करीब सात बजे नरही स्थित घर पहुंचे। परिवार में चचेरे भाई के बेटे की बरही का भोज था। इसमें शामिल होने के बाद रात करीब साढ़े आठ बजे अनमोल मां को लेकर वाराणसी के लिए रवाना हुआ। रास्ते में हुए हादसे ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।
तीन दिन पहले हुई थी सगाई, जनवरी में होनी थी शादी अनमोल अपने पिता राजाराम उपाध्याय का इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनों की शादी हो चुकी है। परिजनों के मुताबिक, तीन दिन पहले ही उसकी सगाई हुई थी और जनवरी में शादी होनी थी। अनमोल ईपीसी सोलर सर्विस में काम करता था। करीब एक सप्ताह पहले ही परिवार ने स्कॉर्पियो खरीदी थी। जिस घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब मातम पसरा है। मां और इकलौते बेटे की मौत के सदमे से परिवार उबर भी नहीं पाया था कि रिश्तेदारों की मौत की खबरों ने दुख और बढ़ा दिया। घायलों को पहुंचाने में देरी का आरोप हादसे के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाने में देरी का मामला भी सामने आया है। स्थानीय निवासी कमलेश यादव ने आरोप लगाया कि घटनास्थल पर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और मिर्जापुर टोल प्लाजा की ओर से एनएचएआई की दो एंबुलेंस पहुंचीं, लेकिन दोनों खराब हो गईं। इससे घायलों को अस्पताल पहुंचाने में देरी हुई। बाद में 108 एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया।

