UP Assembly Election के लिए BJP ने तय किया 350 सीटों का लक्ष्य, Amit Shah ने किया कार्यसमिति का आगाज

UP Assembly Election के लिए BJP ने तय किया 350 सीटों का लक्ष्य, Amit Shah ने किया कार्यसमिति का आगाज

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शुक्रवार को पार्टी ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव में 403 में से 350 सीट जीतने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए चुनाव की तैयारियों का खाका तैयार किया और इस साल नवंबर व दिसंबर में व्यापक संगठनात्मक अभियान चलाने का निर्णय लिया। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने यहां डॉ. राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय के सभागार में दीप प्रज्ज्वलित कर प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक की शुरुआत की। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी की अध्यक्षता में हो रही इस बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे।

भाजपा के प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े, राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी बैठक में शामिल हुए। अमित शाह ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में लगातार तीसरी बार भाजपा की जीत का भरोसा जताते हुए दावा किया कि प्रदेश में पार्टी की सरकार ‘‘अंगद के पांव’’ की तरह है, जिसे कोई हिला नहीं सकता। शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में तीसरी बार भाजपा की सरकार बनने पर समान नागरिक संहिता (यूसीसी) जरूर लागू की जाएगी।

उन्होंने अयोध्या में कारसेवकों पर गोली चलाने को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) की आलोचना की और दावा किया कि अगले 30 साल तक प्रदेश में सपा की सरकार नहीं बनेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यकर्ताओं को ‘बंटेंगे नहीं तो कटेंगे भी नहीं’ का संदेश देते हुए जाति के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति करने वालों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाज को विभाजित करने वाले लोग ‘‘बांटने में विश्वास करते हैं और इसी वजह से काटने में सफल होते हैं।’’
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव पेश करते हुए कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं और आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर 2027 के विधानसभा चुनाव में 325 से 350 सीटें जीतने का लक्ष्य हासिल करने के लिए जुटने को कहा।

मौर्य ने कहा कि टिकट पाने की आकांक्षा स्वाभाविक है, लेकिन संगठन की जीत सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सांसदों, विधायकों और संगठन के पदाधिकारियों के बीच समन्वय तथा बूथ स्तर तक एकजुटता चुनावी सफलता का आधार है। उन्होंने कहा, ‘‘जाइए, सब कुछ भूल, हर विधानसभा में खिलाइए कमल का फूल।

टिकट चाहे जिसे मिले, कमल का फूल जरूर खिले। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान और पूर्व मंत्री अनुपमा जायसवाल ने मौर्य की ओर से पेश राजनीतिक प्रस्ताव का समर्थन किया। भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने दो दिवसीय बैठक में चुनावी तैयारियों का खाका पेश करते हुए कहा कि आगामी चुनाव को देखते हुए संगठन को अभी से सक्रिय होना होगा।

सिंह ने बताया कि पार्टी प्रदेश के सभी छह संगठनात्मक क्षेत्रों में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत पदयात्राएं निकालेगी। प्रत्येक पदयात्रा में करीब 25 हजार या उससे अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि तीन नवंबर को अवध क्षेत्र की पदयात्रा लखनऊ और ब्रज क्षेत्र की पदयात्रा बरेली में होगी।

चार नवंबर को गोरखपुर क्षेत्र की पदयात्रा के साथ प्रयागराज और कानपुर में भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जबकि पांच नवंबर को पश्चिम क्षेत्र की पदयात्रा गाजियाबाद में निकाली जाएगी। सिंह के मुताबिक, इन कार्यक्रमों में केंद्रीय मंत्रियों, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दोनों उपमुख्यमंत्रियों के शामिल होने का कार्यक्रम है। उन्होंने मतदाता सूची को चुनावी तैयारियों का सबसे अहम विषय बताते हुए कहा कि दीपावली के बाद विशेष अभियान चलाकर नए मतदाताओं, खासकर युवाओं और महिलाओं से ऑनलाइन फॉर्म-छह भरवाए जाएंगे।

भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक का समापन शनिवार को होगा।

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