पन्ना में चिता आंदोलन 49वें दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को बारिश और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच प्रदर्शनकारियों ने दिव्या अहिरवार की रिहाई की मांग करते हुए मशाल जुलूस निकाला। आंदोलन स्थल पर ‘न्याय दो या मार दो’ और ‘बिना मुआवजा घर उजाड़ना बंद करो’ के नारे लगाए गए। जय किसान संगठन के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन में प्रभावित परिवार चिता, फांसी और जल सत्याग्रह के जरिए विरोध जता रहे हैं। आंदोलनकारियों का आरोप है कि उचित मुआवजे और पुनर्वास के बिना लोगों के घर उजाड़े जा रहे हैं। उनका यह भी आरोप है कि शांतिपूर्ण सत्याग्रह करने वालों पर गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। आंदोलन को दबाना चाहता है प्रशासन
आंदोलन के नेतृत्वकर्ता अमित भटनागर ने कहा कि प्रशासन मुकदमों और नीतियों के जरिए आंदोलन को दबाना चाहता है, लेकिन यह सफल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई अन्यायपूर्ण कार्रवाई और संवैधानिक अधिकारों के हनन के खिलाफ है। अमित भटनागर, हिसाबी लोधी राजपूत और इंद्रपाल आदिवासी समेत 15 से अधिक लोगों पर गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। आंदोलनकारियों ने कहा कि इसके बावजूद उनका सत्याग्रह जारी रहेगा। 33 दिन से बंद है दिव्या महिला नेत्री दिव्या अहिरवार को जेल में बंद हुए 33 दिन हो चुके हैं। उनकी गिरफ्तारी और जमानत न मिलने के विरोध में ग्रामीणों और आंदोलनकारियों ने मशाल जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने सवाल उठाया कि अपने अधिकारों के लिए लड़ रही महिलाओं और युवाओं को जेल में डालकर सरकार किसकी आवाज दबाना चाहती है। प्रभावितों ने कहा कि न्याय मिलने और मुकदमे वापस होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

