आगर मालवा में अधिकारियों से अभद्र व्यवहार के मामले में निलंबित प्राचार्य केसी मालवीय ने चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं। शुक्रवार को सामने आए एक वीडियो में वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहते नजर आए कि जब चाय बेचने वाला देश का प्रधानमंत्री बन सकता है, तो वे चुनाव क्यों नहीं लड़ सकते। तीन गांवों में ग्रामीणों से किया संपर्क मालवीय ने बताया कि वे ग्राम कांकर, कचनारिया और पलखेड़ी में ग्रामीणों से संपर्क कर चुके हैं। खुद को इलेक्ट्रिकल इंजीनियर बताते हुए उन्होंने लोगों से बदलाव को लेकर सवाल भी किए। उनके इस संपर्क को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है। चाणक्य की भूमिका में होने की बात कही चुनाव लड़ने के बारे में सीधे पूछे जाने पर मालवीय ने फिलहाल इससे इनकार किया। हालांकि, उन्होंने कहा कि वे अभी चाणक्य की भूमिका में हैं और चुनाव लड़ने के लिए चंद्रगुप्त की तलाश कर रहे हैं। चंद्रगुप्त नहीं मिला तो वे खुद चंद्रगुप्त बनकर चुनाव मैदान में उतरेंगे। मालवीय ने अभी यह तय नहीं किया है कि चुनाव लड़ने पर वे किसी राजनीतिक दल से जुड़ेंगे या निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरेंगे। उनके बयान के बाद जिले में उनके राजनीतिक कदम को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

