गिरिडीह के गांधी चौक के पास जमीन विवाद में 75 वर्षीय मनजीत सिंह बग्गा पर हमला हुआ। शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी उनसे मिलने मर्सी हॉस्पिटल पहुंचे। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि गिरिडीह जैसे शहर में आधी रात को घर में घुसकर हमला कैसे हो सकता है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से कानून-व्यवस्था पर जवाब मांगा। बाबूलाल मरांडी ने यह भी कहा कि आरोपी व्यक्ति झामुमो से जुड़ा है। संपत्ति का मामला हाईकोर्ट में लंबित है
घटना नगर थाना क्षेत्र में गांधी चौक के पास यादव होटल के बगल स्थित पुश्तैनी मकान में हुई। मनजीत सिंह के मुताबिक, पारिवारिक बंटवारे में मकान उनके हिस्से में आया था। उनका आरोप है कि एक रिश्तेदार ने विवादित संपत्ति जमीन कारोबारी धमेन्द्र शर्मा को बेच दी। संपत्ति का मामला हाईकोर्ट में लंबित है। मनजीत सिंह का आरोप है कि मंगलवार देर रात करीब 12 बजे के बाद धमेन्द्र शर्मा, उसका भाई सुधीर शर्मा और कुछ अन्य लोग उनके घर पहुंचे। दरवाजा खुलते ही वे जबरन अंदर घुसे और रॉड से उन पर हमला किया। हमले में मनजीत सिंह का सिर फट गया और कंधे की हड्डी टूट गई। उनका मर्सी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। घायल के बेटे नमन सिंह बग्गा ने सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों पर हमला कराने का आरोप लगाया है। पत्नी और बहन के मोबाइल फोन भी छीन लिए
नमन सिंह बग्गा ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उनकी पत्नी और बहन के मोबाइल फोन भी छीन लिए और दोनों को एक कमरे में बंद कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर उनका बेटा दोस्तों और स्थानीय लोगों के साथ मौके पर पहुंचा। लोगों को आते देख हमलावर भागने लगे। इस दौरान लोगों ने सलीमउद्दीन अंसारी नामक एक व्यक्ति को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। नमन सिंह बग्गा ने आरोप लगाया कि उनके परिवार पर सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों के इशारे पर हमला कराया गया है। उन्होंने कहा कि जमीन का मामला न्यायालय में लंबित होने के बावजूद उनके परिवार को निशाना बनाया गया। उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घटना की सूचना मिलने पर नगर थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मौके से पकड़े गए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, घायल मनजीत सिंह बग्गा के फर्द बयान के आधार पर धमेन्द्र शर्मा, सुधीर शर्मा समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। किसी को भी कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं: ज्योति सिंह माथुर
इधर, झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति सिंह माथुर ने भी घटना को गंभीरता से लिया है। उन्होंने गिरिडीह एसपी से बातचीत कर मुख्य आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब जमीन से संबंधित मामला न्यायालय में लंबित है तो किसी को भी कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। बुजुर्ग के घर में घुसकर हमला करना गंभीर मामला है और पुलिस प्रशासन को इस पर सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए। घटना के बाद शहर में जमीन विवाद और कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वहीं, बाबूलाल मरांडी के अस्पताल पहुंचने के बाद इस मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। अब पुलिस की जांच और आरोपियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर सबकी नजर टिकी है। गिरिडीह के गांधी चौक के पास जमीन विवाद में 75 वर्षीय मनजीत सिंह बग्गा पर हमला हुआ। शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी उनसे मिलने मर्सी हॉस्पिटल पहुंचे। उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि गिरिडीह जैसे शहर में आधी रात को घर में घुसकर हमला कैसे हो सकता है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से कानून-व्यवस्था पर जवाब मांगा। बाबूलाल मरांडी ने यह भी कहा कि आरोपी व्यक्ति झामुमो से जुड़ा है। संपत्ति का मामला हाईकोर्ट में लंबित है
घटना नगर थाना क्षेत्र में गांधी चौक के पास यादव होटल के बगल स्थित पुश्तैनी मकान में हुई। मनजीत सिंह के मुताबिक, पारिवारिक बंटवारे में मकान उनके हिस्से में आया था। उनका आरोप है कि एक रिश्तेदार ने विवादित संपत्ति जमीन कारोबारी धमेन्द्र शर्मा को बेच दी। संपत्ति का मामला हाईकोर्ट में लंबित है। मनजीत सिंह का आरोप है कि मंगलवार देर रात करीब 12 बजे के बाद धमेन्द्र शर्मा, उसका भाई सुधीर शर्मा और कुछ अन्य लोग उनके घर पहुंचे। दरवाजा खुलते ही वे जबरन अंदर घुसे और रॉड से उन पर हमला किया। हमले में मनजीत सिंह का सिर फट गया और कंधे की हड्डी टूट गई। उनका मर्सी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। घायल के बेटे नमन सिंह बग्गा ने सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों पर हमला कराने का आरोप लगाया है। पत्नी और बहन के मोबाइल फोन भी छीन लिए
नमन सिंह बग्गा ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उनकी पत्नी और बहन के मोबाइल फोन भी छीन लिए और दोनों को एक कमरे में बंद कर दिया। घटना की जानकारी मिलने पर उनका बेटा दोस्तों और स्थानीय लोगों के साथ मौके पर पहुंचा। लोगों को आते देख हमलावर भागने लगे। इस दौरान लोगों ने सलीमउद्दीन अंसारी नामक एक व्यक्ति को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। नमन सिंह बग्गा ने आरोप लगाया कि उनके परिवार पर सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों के इशारे पर हमला कराया गया है। उन्होंने कहा कि जमीन का मामला न्यायालय में लंबित होने के बावजूद उनके परिवार को निशाना बनाया गया। उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घटना की सूचना मिलने पर नगर थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मौके से पकड़े गए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, घायल मनजीत सिंह बग्गा के फर्द बयान के आधार पर धमेन्द्र शर्मा, सुधीर शर्मा समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। किसी को भी कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं: ज्योति सिंह माथुर
इधर, झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष ज्योति सिंह माथुर ने भी घटना को गंभीरता से लिया है। उन्होंने गिरिडीह एसपी से बातचीत कर मुख्य आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब जमीन से संबंधित मामला न्यायालय में लंबित है तो किसी को भी कानून हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। बुजुर्ग के घर में घुसकर हमला करना गंभीर मामला है और पुलिस प्रशासन को इस पर सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए। घटना के बाद शहर में जमीन विवाद और कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वहीं, बाबूलाल मरांडी के अस्पताल पहुंचने के बाद इस मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। अब पुलिस की जांच और आरोपियों के खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर सबकी नजर टिकी है।

