वाराणसी जिला कोर्ट की विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) नितिन पांडेय की अदालत ने गुरुवार को किशोरी के अपहरण और शारीरिक शोषण के मामले में कैंट निवासी तनवीर खान को दोषी पाया। जज ने पीड़ित परिवार के केस, साक्ष्यों, गवाहों और पुलिस की चार्जशीट के बाद दोषी को 20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई। सजा के साथ ही दुष्कर्मी पर 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि का 70 प्रतिशत पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार वादिनी ने कैंट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि 08 मार्च 2023 को सुबह 12 बजे उनकी 15 वर्षीय पुत्री सामान खरीदने बाजार गई थी। काफी देर बाद भी वह घर पर नहीं आयी, तब खोजबीन की गई। इसे बाद पीड़ित परिवार थाने पहुंचा और तहरीर देकर घटनाक्रम की जानकारी दी। थाना कैंट में सदर बाजार निवासी तनवीर खान के खिलाफ केस दर्ज कर पुलिस ने पीड़ित परिवार की गुमशुदा किशोरी की तलाश शुरू कर दी। पता चला कि मोहल्ले का ही तनवीर खान उसे फुसलाकर कहीं ले गया है। पुलिस ने केस दर्ज करते हुए किशोरी को ढूंढ़ा और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। विवेचना में सामने आया कि किशोरी से दुष्कर्म भी हुआ था। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 7 साक्षियों की गवाही कराई गई। गवाहों के बयानों, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों से आरोप दोष सिद्ध हुआ।
विशेष पॉक्सो अदालत ने किशोरी के अपहरण और यौन शोषण के मामले में कैंट निवासी तनवीर खान को दोषी ठहराते हुए 20 साल की कैद और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सजा दिलाने में कमिश्नरेट वाराणसी के अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रिय भूमिका रही ।

