(कुणाल दत्त)
तवांग, 29 अक्टूबर अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य के सीमावर्ती इलाकों में स्थिति सामान्य है और भारतीय सशस्त्र बल सीमाओं की बहुत अच्छी तरह से रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अभी “तनाव का कोई मामला नहीं” है। खांडू ने यह टिप्पणी उस सवाल के जवाब में की, जो हाल में कुछ पक्षों की ओर से आई उन बातों को लेकर उठे विवाद के संबंध में पूछा गया था कि अरुणाचल प्रदेश की सीमाओं पर कई जगहों पर चीनी सैनिकों के साथ टकराव की स्थिति बनी हुई है।
विस्तार में जाए बिना मुख्यमंत्री ने कहा, “चीनी लोग अरुणाचल से लगी मैकमोहन रेखा को नहीं मानते, इसलिए कभी-कभी ऐसा हो जाता है… अरुणाचल की तिब्बत-चीन के साथ बहुत लंबी सीमा लगती है, जो लगभग 1,200 किलोमीटर है।”
उन्होंने कहा कि इसलिए उनकी तरफ से गश्ती दल कभी-कभी “हमारी तरफ आ जाते हैं” और यह “सीमा का उल्लंघन है, घुसपैठ नहीं।”
खांडू ने कहा, “इसमें कोई शक नहीं कि उल्लंघन हुआ है। लेकिन ऐसा होता रहता है; यह कोई नयी बात नहीं है। चूंकि, सीमा पर कोई स्पष्ट रेखा नहीं है, इसलिए सीमा तय नहीं है।”
हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि वह किस उल्लंघन की बात कर रहे थे।
पिछले हफ्ते, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने कहा था कि अरुणाचल प्रदेश में सीमा के पास कई जगहों पर चीनी सैनिकों के साथ टकराव की घटनाएं हो रही हैं, जिससे विवाद पैदा हो गया। केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में, यहां 14वें अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट के उद्घाटन से कुछ समय पहले खांडू मीडिया से बातचीत कर रहे थे। हाल के विवाद के बारे में पूछे जाने पर, खांडू ने कहा कि उन्हें इस मामले के बारे में खबरों से पता चला और अब इस पर “चर्चा हो रही है।”
मुख्यमंत्री से सीमा पर मौजूदा स्थिति के बारे में भी पूछा गया और यह भी कि क्या इस विवाद का राज्य में पर्यटन पर कोई असर पड़ेगा।
उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि मीडिया ने इसे बेवजह बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है। फिलहाल स्थिति सामान्य है और हमारी सशस्त्र सेनाएं सीमा की बहुत अच्छी तरह से रक्षा कर रही हैं। अभी तनाव का कोई मामला नहीं है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुद्दे का अरुणाचल प्रदेश में पर्यटन पर “कोई असर नहीं पड़ेगा।”

