शराब में कीटनाशक दवा मिलाकर अपने भाई और चचेरे भाई की हत्या करने वाले आरोपी संदीप पाल को खंडवा की अदालत ने दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद सिंह टेकाम की अदालत ने गुरुवार को यह फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी पर 10-10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मामले में अभियोजन की ओर से पैरवी सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी रामदास जमरे ने की। अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी (ADPO) जाहिद खान के अनुसार, आरोपी संदीप पाल पिता बसंत पाल (30), निवासी मालीपुरा (आनंद नगर क्षेत्र) ने जमीन के बंटवारे के विवाद में अपने भाई रवि पाल और चचेरे भाई प्रदीप पाल को शराब में कीटनाशक दवा मिलाकर पिला दी थी। जहरीली शराब पीने के बाद दोनों की मौत हो गई थी। अदालत ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराते हुए दोहरा आजीवन कारावास सुनाया। जमीन बंटवारे के रुपए नहीं मिलने पर रची हत्या की साजिश
अभियोजन के मुताबिक, घटना की पृष्ठभूमि जमीन के बंटवारे से जुड़ी थी। आरोपी संदीप पाल से पूछताछ के दौरान सामने आया कि जमीन के बंटवारे के रुपए मिलने पर रवि पाल ने उसे रुपए नहीं दिए थे। इसी बात को लेकर संदीप ने रवि पाल को मारने की योजना बनाई। 6 जनवरी 2024 को संदीप ने जावर स्थित एक कृषि कीटनाशक दुकान से खरपतवार मारने वाली दो कीटनाशक दवाइयां खरीदीं। इसके बाद आनंद नगर की एक वाइन शॉप से एमडी रम की बोतल खरीदी। संदीप ने रम में दोनों कीटनाशक दवाइयां मिला दीं और रवि पाल को अपने साथ मोटरसाइकिल पर प्रणाम सिटी चौराहे के पास मेडिकल दुकान के नजदीक से बैठाकर मालीपुरा स्थित अपने घर ले गया। संदीप ने जहरीली रम की बोतल रवि पाल को पीने के लिए दी। रवि पाल ने अपने भाई प्रदीप पाल के साथ बैठकर शराब पी थी। इसके बाद दोनों की तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई। अस्पताल में इलाज के दौरान हुई थी मौत 10 जनवरी 2024 को मृतक प्रदीप पिता मुन्नालाल पाल, निवासी आनंद नगर की अधिक शराब पीने से तबीयत खराब होने के कारण जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, रवि पाल की एमवाय अस्पताल, इंदौर में इलाज के दौरान मौत हुई थी। सूचना मिलने पर मोघट रोड पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। जांच के दौरान प्रदीप पाल के परिजनों और रवि पाल के पिता राजकुमार के कथन दर्ज किए गए। राजकुमार ने संदेह जताया कि संदीप पाल ने रवि पाल को शराब में कुछ मिलाकर पिलाया था। दोनों की मौत के बाद जहरीली शराब का खुलासा जांच के दौरान संदीप पाल से पूछताछ की गई। इसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या सहित अन्य संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर विवेचना की। दोनों मृतकों के विसरा को सुरक्षित कर रासायनिक परीक्षण के लिए भेजा गया था। एफएसएल जांच में रिपोर्ट सकारात्मक पाई गई, जिससे मामले में जहरीले पदार्थ की भूमिका सामने आई। पुलिस जांच और अभियोजन के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने संदीप पाल को दोषी माना और दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

