नालंदा में दिव्यांग युवती से करीब एक दशक तक शारीरिक और मानसिक शोषण, गबरन गर्भपात कराने और लाखों रुपए की ठगी का मामला आया है। पीड़िता ने हरनौत थाना क्षेत्र के गोनवा पंचायत अंतगर्त बलवा गांव निवासी शैलेंद्र कुमार यादव (35) और उसके परिजन के खिलाफ हरनौत थाना और महिला थाना में लिखित शिकायत की है। पीड़िता के अनुसार, उसकी पहचान 2017 में एक ग्राहक सेवा केंद्र पर बैंक खाता खुलवाने के दौरान शैलेंद्र से हुई थी। धीरे-धीरे जान-पहचान नजदीकियों में बदली और आरोपी ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बना लिए। पीड़िता का आरोप है कि 2019 में युवक ने जगदंबा स्थान मंदिर में उसकी मांग में सिंदूर भरा और फिर बिहारशरीफ, हरनौत और बख्तियारपुर में किराए के मकान में पति-पत्नी की तरह रहने लगा। गर्भपात का विरोध करने पर किया प्रताड़िता आवेदन में पीड़िता ने आरोप लगाया है कि साथ रहने के दौरान गर्भवती होने पर आरोपी ने बिना अस्पताल ले जाए जबरन दवा खिलाकर दो बार उसका गर्भपात कराया। विरोध करने पर आरोपी उसकी दिव्यांगता का हवाला देकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा। बिजनेस लोन के नाम पर 10 लाख की धोखाधड़ी आरोप है कि युवक ने युवती के नाम पर 10 लाख रुपए का बिजनेस लोन लिया। राशि आते ही 4 लाख रुपए अपनी मां के खाते में ट्रांसफर करवा लिए और बाकी रकम भी हड़प ली। जब युवती ने लोन चुकाने और औपचारिक शादी करने का दबाव बनाया, तो आरोपी मारपीट करने लगा। परिजन की ओर से दूसरी शादी तय करने की बात कहकर फरार हो गया। मारपीट-डिजिटल साक्ष्य मिटाने का आरोप युवती जब शिकायत लेकर युवक के घर बलवा गांव पहुंची, तो वहां युवक के माता-पिता ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और झूठे ब्लैकमेलिंग केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। इसके अलावा, पीड़िता ने आशंका जताई है कि युवक ने विश्वास में लेकर उसका मोबाइल ले लिया था, ताकि उनके बीच हुई बातचीत व चैट जैसे डिजिटल साक्ष्य मिटाए जा सकें। पुलिस कर रही जांच हरनौत थानाध्यक्ष मुकेश कुमार वर्मा ने बताया कि युवती की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है। पुलिस ने मामले से संबंधित साक्ष्य मांगे हैं, जिनकी जांच और सत्यापन के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नालंदा में दिव्यांग युवती से करीब एक दशक तक शारीरिक और मानसिक शोषण, गबरन गर्भपात कराने और लाखों रुपए की ठगी का मामला आया है। पीड़िता ने हरनौत थाना क्षेत्र के गोनवा पंचायत अंतगर्त बलवा गांव निवासी शैलेंद्र कुमार यादव (35) और उसके परिजन के खिलाफ हरनौत थाना और महिला थाना में लिखित शिकायत की है। पीड़िता के अनुसार, उसकी पहचान 2017 में एक ग्राहक सेवा केंद्र पर बैंक खाता खुलवाने के दौरान शैलेंद्र से हुई थी। धीरे-धीरे जान-पहचान नजदीकियों में बदली और आरोपी ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बना लिए। पीड़िता का आरोप है कि 2019 में युवक ने जगदंबा स्थान मंदिर में उसकी मांग में सिंदूर भरा और फिर बिहारशरीफ, हरनौत और बख्तियारपुर में किराए के मकान में पति-पत्नी की तरह रहने लगा। गर्भपात का विरोध करने पर किया प्रताड़िता आवेदन में पीड़िता ने आरोप लगाया है कि साथ रहने के दौरान गर्भवती होने पर आरोपी ने बिना अस्पताल ले जाए जबरन दवा खिलाकर दो बार उसका गर्भपात कराया। विरोध करने पर आरोपी उसकी दिव्यांगता का हवाला देकर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने लगा। बिजनेस लोन के नाम पर 10 लाख की धोखाधड़ी आरोप है कि युवक ने युवती के नाम पर 10 लाख रुपए का बिजनेस लोन लिया। राशि आते ही 4 लाख रुपए अपनी मां के खाते में ट्रांसफर करवा लिए और बाकी रकम भी हड़प ली। जब युवती ने लोन चुकाने और औपचारिक शादी करने का दबाव बनाया, तो आरोपी मारपीट करने लगा। परिजन की ओर से दूसरी शादी तय करने की बात कहकर फरार हो गया। मारपीट-डिजिटल साक्ष्य मिटाने का आरोप युवती जब शिकायत लेकर युवक के घर बलवा गांव पहुंची, तो वहां युवक के माता-पिता ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और झूठे ब्लैकमेलिंग केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। इसके अलावा, पीड़िता ने आशंका जताई है कि युवक ने विश्वास में लेकर उसका मोबाइल ले लिया था, ताकि उनके बीच हुई बातचीत व चैट जैसे डिजिटल साक्ष्य मिटाए जा सकें। पुलिस कर रही जांच हरनौत थानाध्यक्ष मुकेश कुमार वर्मा ने बताया कि युवती की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है। पुलिस ने मामले से संबंधित साक्ष्य मांगे हैं, जिनकी जांच और सत्यापन के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

