कर्नाटक सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत वितरित किए जाने वाले 17.78 लाख किलोग्राम चावल और अन्य खाद्यान्न पिछले तीन महीने में जब्त किए हैं। राशन के अनाज की कथित तस्करी के खिलाफ कार्रवाई के तहत इस मामले में 215 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री रिजवान अरशद के निर्देश पर विभागीय अधिकारी एक अगस्त से राज्य भर में राशन की आपूर्ति करने वाले वाहनों की नियमित जांच कर रहे हैं और निजी गोदामों पर छापेमारी कर रहे हैं।
मंत्री के कार्यालय की ओर से बृहस्पतिवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, जब्त की गई वस्तुओं में चावल, गेहूं, रागी और विभिन्न प्रकार की दालें शामिल हैं। विज्ञप्ति में कहा गया है कि बेलगावी जिले में पीडीएस का पांच लाख किलोग्राम से अधिक अनाज जब्त किया गया, जबकि कोलार जिले में 3.5 लाख किलोग्राम अनाज बरामद हुआ। बागलकोट और विजयपुरा जिलों में भी एक-एक लाख किलोग्राम से अधिक चावल और अन्य खाद्यान्न जब्त किए गए।
छापेमारी और जांच के सिलसिले में विभिन्न पुलिस थानों में कुल 238 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। अधिकारियों ने राशन के अनाज की अवैध ढुलाई में कथित तौर पर इस्तेमाल किए जा रहे 156 वाहन भी जब्त किए हैं। बयान के अनुसार रसोई गैस सिलेंडरों और पेट्रोल-डीजल के अवैध भंडारण के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
इस दौरान पिछले तीन महीने में 14,250 लीटर पेट्रोल और 1,492 गैस सिलेंडर जब्त किए गए। विज्ञप्ति के मुताबिक, जब्त खाद्यान्न, गैस सिलेंडर और पेट्रोल का कुल मूल्य लगभग 10 करोड़ रुपये आंका गया है। अरशद ने अधिकारियों को पीडीएस के चावल और अन्य खाद्यान्न की कथित तस्करी में शामिल नेटवर्क के खिलाफ छापेमारी जारी रखने का निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा कि गरीबों के लिए निर्धारित खाद्यान्न को दूसरे कामों में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा, राज्य में सूखे की स्थिति है और गरीब लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में उनके लिए निर्धारित चावल का व्यावसायिक इस्तेमाल करना और उससे मुनाफा कमाना अक्षम्य अपराध है।
हमारी सरकार ऐसा नहीं होने देगी। मंत्री ने चावल की कीमतों में हालिया वृद्धि के बीच अवैध रूप से चावल का भंडारण करने या उसे कालाबाजारी में बेचने की कोशिश करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने कहा, यदि कोई चावल की बढ़ती कीमतों से पैदा हुई स्थिति का फायदा उठाकर अवैध रूप से चावल का भंडारण करने या उसे कालाबाजारी में बेचने की कोशिश करता है, तो विभाग उसके खिलाफ भी कार्रवाई करेगा।

