स्पेन में दो हाई स्पीड ट्रेनों की टक्कर में अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है। राहतकर्मी अब भी मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं। बुधवार को हुए इस भीषण हादसे के बाद गुरुवार को भी बचाव अभियान जारी रहा।
क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त डिब्बों को हटाया जा रहा है, जबकि राहतकर्मी इस उम्मीद में मलबे की तलाशी ले रहे हैं कि शायद कोई और यात्री जिंदा मिल जाए।
तीन दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान
यह हादसा स्पेन के टोलेडो प्रांत के ग्रामीण इलाके में हुआ। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल है। हादसे की गंभीरता को देखते हुए स्पेन सरकार ने तीन दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है।
मलबे में अब भी फंसे हो सकते हैं यात्री
हादसे के बाद राहतकर्मी पूरी सावधानी के साथ क्षतिग्रस्त डिब्बों की तलाशी ले रहे हैं। बचाव दल के सदस्य एक ट्रेन से कंबल में लिपटा शव बाहर निकालते हुए भी दिखाई दिए।
कैस्टिला-ला मांचा की क्षेत्रीय सरकार की प्रवक्ता एस्थर पडिला ने स्पेन के सरकारी प्रसारक TVE को बताया कि बचाव दल अभी यह पक्के तौर पर नहीं कह सकता कि मलबे में कोई और व्यक्ति नहीं फंसा है।
उन्होंने कहा कि बुधवार को तलाशी के लिए खोजी डॉग की एक टीम भी तैनात की गई थी। यह टीम गुरुवार को दोबारा घटनास्थल पर पहुंचकर जांच करेगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई व्यक्ति मलबे में न छूट जाए।
एक ही रेल लाइन पर दूसरा बड़ा हादसा
इस दुर्घटना ने स्पेन की रेल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि इसी रेल लाइन पर जनवरी में भी एक जानलेवा हादसा हुआ था। अब एक ही साल में दूसरा बड़ा ट्रेन हादसा होने से रेलवे व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।
स्पेन की रेल व्यवस्था यूरोप की सबसे बड़ी रेल प्रणालियों में शामिल है। देश में हाई स्पीड ट्रेनों को आधुनिक परिवहन व्यवस्था की पहचान माना जाता रहा है। लेकिन लगातार हो रहे हादसों ने सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की मांग तेज कर दी है।
रेल कर्मचारियों की हड़ताल जारी
हादसे के बाद भी स्पेन के ट्रेन चालक अपनी पहले से तय हड़ताल पर कायम हैं। वे अब रेलवे सुरक्षा में सुधार और इस क्षेत्र में ज्यादा निवेश की मांग कर रहे हैं। ट्रेन चालकों के संगठन SEMAF ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले हादसे की वजह को लेकर अटकलें लगाना ठीक नहीं होगा।
संगठन के मुताबिक, दुर्घटना की पूरी जानकारी सामने आने के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचना चाहिए। संगठन ने यह भी कहा कि रेलवे सुरक्षा व्यवस्था में बुनियादी बदलाव जरूरी हैं। वह आगे की कार्रवाई पर भी विचार कर रहा है।

