अनंत पर एक्शन, संजय झा बोले-पार्टी अनुशासन से चलती है:ललन सिंह से बधाई पर नीरज ने कहा-सवाल ही नहीं उठता, मेरा गुनाह क्या था ये बताइए

अनंत पर एक्शन, संजय झा बोले-पार्टी अनुशासन से चलती है:ललन सिंह से बधाई पर नीरज ने कहा-सवाल ही नहीं उठता, मेरा गुनाह क्या था ये बताइए

मोकामा विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को जदयू से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि कोई भी पार्टी अनुशासन से चलती है। जदयू में जब कोई फैसला ले लिया जाता है, तो वह अंतिम होता है। यह फैसला नीतीश कुमार लेते हैं। संजय झा के इस बयान से साफ है कि अनंत सिंह को पार्टी से निष्कासित करने का फैसला नीतीश कुमार ने लिया था। संजय झा के इस बयान को अनंत सिंह और उनकी पत्नी पर हुई कार्रवाई के संदर्भ में देखा जा रहा है। विधान परिषद चुनाव में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ अनुज सिंह का समर्थन करने के बाद दोनों को पार्टी से निष्कासित किया गया था। इसके साथ ही संजय झा ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज करने वाले जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार को जीत की बधाई भी दी। दिल्ली से लौटते ही नीरज से मिले संजय झा दिल्ली से पटना पहुंचने के बाद संजय झा ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज करने वाले जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने नीरज कुमार को मिठाई खिलाकर जीत की बधाई दी। नीरज की जीत को लेकर पार्टी नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद को लेकर जदयू में राजनीतिक हलचल रही है। अनंत ने कहा था- दुलारचंद मामले में नीरज मुझे फंसाना चाहता है मोकामा विधायक अनंत सिंह के विरोध के बीच जदयू के नीरज कुमार ने पटना स्नातक सीट से जीत दर्ज की है। नीरज की जीत पर अनंत सिंह मीडिया के सामने आए। अनंत सिंह ने कहा कि दुलारचंद केस में नीरज हमको फंसाने चाहते थे। वो दिल्ली में केस को आगे बढ़ा रहे थे। मुझे इसकी जानकारी मिल गई थी, इसलिए मैंने गुस्से में विरोध किया। पार्टी से कोई नाराजगी नहीं है। नीतीश कुमार से मिलता-जुलता रहूंगा। वहीं जीत के बाद नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर तंज कसा। नीरज कुमार ने कहा कि कहां ही रे गुंजन, ले जो मिठइया। अब जानिए अनंत सिंह ने क्या-क्या कहा है नीरज की जीत पर मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने कहा, ‘मुझे वक्त नहीं मिला। मैं नीरज को जीत की बधाई नहीं दूंगा। मेरी नाराजगी पार्टी से नहीं नीरज से है।’ अनंत सिंह ने कहा कि वह पहले जानते तक नहीं थे कि अनुज सिंह कौन हैं। उनके आसपास के लोगों ने अनुज सिंह से मिलवाया था। इसके बाद नीरज की खीस की वजह से अनुज सिंह को समर्थन दिया। उन्होंने कभी पार्टी का विरोध नहीं किया और न ही आगे करेंगे। विधान परिषद चुनाव में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ अनुज सिंह का समर्थन करने के बाद जेडीयू ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। विरोध पार्टी से नहीं, बल्कि नीरज कुमार से है- अनंत सिंह अनंत सिंह ने कहा, “जनता ने मुझे जो वोट दिया, वह बहुत वोट दिया है। बिहार की जनता उनके साथ खड़ी है। विधान परिषद चुनाव के दौरान उन्हें वोट बनवाने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला था।” उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ जिस तरह की राजनीतिक परिस्थितियां बनाई गईं, उसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपना प्रत्याशी मैदान में उतारा था।
नीरज कुमार ने दिल्ली जाकर फंसाने का काम किया अनंत सिंह ने नीरज कुमार की बेटी के दिल्ली में वकील होने का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर फंसाने की कोशिश की गई। दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में नीरज कुमार दिल्ली जाकर उन्हें फंसाने का काम कर रहे थे। इसी वजह से उन्होंने अपना उम्मीदवार खड़ा किया था। बोले- वोट बढ़ाने के लिए हमने कोई अभियान नहीं चलाया अनंत सिंह ने दावा किया कि उन्होंने अपने प्रत्याशी के पक्ष में वोट बढ़ाने के लिए कोई विशेष अभियान नहीं चलाया। नीरज कुमार पढ़े-लिखे व्यक्ति हैं, जबकि वह खुद ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वोट बनवाने का काम नीरज कुमार और दिलीप पटेल की ओर से किया गया था। अनंत सिंह और उनकी पत्नी को पार्टी से बाहर किया जदयू ने मोकामा विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को पार्टी से बाहर कर दिया है। पार्टी से निकाले जाने पर अनंत सिंह ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। अनंत सिंह ने कहा था कि मैंने कुछ गलत नहीं किया था। अनंत सिंह ने इशारों में नीतीश कुमार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि जिस ने पार्टी बनाई थी वो पार्टी नहीं चला पा रहे हैं। नीतीश जी बीमार रहते हैं, जिसने पार्टी से निकालने का फैसला किया है वो चुनाव में भुगतेगा। अनंत सिंह से जब पूछा गया कि वो आगे क्या करेंगे इस पर अनंत सिंह ने कहा था कि अपनी पार्टी बनाएंगे। अनंत सिंह ने यह भी कहा था कि जब सरकार गिर रही थी तो मैंने बचाई थी। इस पार्टी के लिए गद्दारी भी की। नीतीश कुमार के मन से अब पार्टी में कुछ नहीं हो रहा है। ललन सिंह ने सीएम से की मुलाकात अनंत सिंह को पार्टी से निकाले जाने के बाद रविवार की सुबह केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने सीएम सम्राट से मुलाकात की थी। 30 मिनट तक दोनों की मुलाकात हुई थी। बातचीत के दौरान अनंत सिंह के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई थी। नीतीश के साथ निशांत-विजय चौधरी की मीटिंग अनंत सिंह को जदयू से निकालने के बाद रविवार को नीतीश कुमार के सरकारी आवास 7 सर्कुलर रोड उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और मंत्री निशांत कुमार ने पहुंचकर मुलाकात की थी। विधानसभा सदस्यता रद्द करने की भी सिफारिश जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की ओर से जारी आदेश में अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की है। आदेश के अनुसार, पार्टी ने बिहार विधानसभा के अध्यक्ष से भारतीय संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता अविलंब रद्द करने की अनुशंसा की है। हालांकि, यह विधानसभा सदस्यता रद्द करने का अंतिम फैसला नहीं है। पार्टी की ओर से सदस्यता समाप्त करने की सिफारिश की गई है। इस पर आगे का निर्णय विधानसभा अध्यक्ष संवैधानिक प्रावधानों के तहत लेंगे। अनंत-नीरज के विवाद सुलझाने का जिम्मा ललन को मिला था अनंत सिंह और नीरज के विवाद को सुलझाने के लिए ललन सिंह की एंट्री हुई। जदयू की कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने ललन सिंह को दोनों के बीच विवाद को सुलझाने का जिम्मा सौंपा था। ललन सिंह ने कहा था कि जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने मुझको फोन किया था। मैंने अनंत सिंह से बात की। उनकी कुछ शिकायतें हैं। उनका कहना था कि जब नीतीश सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया था, तब मैं राजद में होते हुए भी नीतीश सरकार के समर्थन में था। मेरी पत्नी ने नीतीश सरकार को सपोर्ट किया था। अनंत सिंह ने कहा था- नीतीश कुमार के लिए गोली खाई अनंत सिंह कह चुके हैं कि मैं नीतीश कुमार को मानता हूं। उन्होंने बिहार को बनाया है। मैं उनका दीवाना हूं। उनके लिए 9 लोगों की कुर्बानी दी। गोली तक खाई। लेकिन पार्टी में नीति है तो अब न्याय हो। मैं जब विधानसभा का चुनाव लड़ रहा था तब नीरज ने क्या-क्या नहीं किया। तब पार्टी कहां थी। अगर नियम है तो सबके लिए बराबर हो। वरना पार्टी रहे या ना रहे। मैं किसी का कर्मचारी नहीं हूं। नीरज कुमार ने 4 विधानसभा चुनाव में मेरे विरोध किया तब पार्टी ने क्यों कोई एक्शन नहीं लिया। नीरज ने कहा- पार्टी ने अनंत सिंह पर दया कर प्रत्याशी बनाया था MLC प्रत्याशी नीरज कुमार ने कहा था, ‘पार्टी ने अनंत सिंह पर दया करते हुए उम्मीदवार बनाया था। अनंत सिंह कभी नीतीश कुमार के खिलाफ आपत्तिजनक बातें करते थे। हमने तो दया किया, पार्टी ने दया किया कि उनको उम्मीदवार बना दिया।” नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर निशाना साधते हुए कहा था कि राजनीति में उन्हें नीतीश कुमार ने जन्म दिया और अब उन्हीं का नमक खाकर उनके खिलाफ बोल रहे हैं। उनकी मंशा निशांत कुमार का विरोध करने की है। AK-47 रखने के आरोप पर कहा, ये बेऊर के संत हैं। कभी कहते हैं, आरसीपी सिंह फंसा दिए, कभी ललन सिंह फंसाए, कभी लेसी सिंह ने फंसाया। कितनों ने इन्हें फंसाया है। मैंने कोर्ट में साक्ष्य देने को कहा तो फेल हो गए। मोकामा विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को जदयू से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि कोई भी पार्टी अनुशासन से चलती है। जदयू में जब कोई फैसला ले लिया जाता है, तो वह अंतिम होता है। यह फैसला नीतीश कुमार लेते हैं। संजय झा के इस बयान से साफ है कि अनंत सिंह को पार्टी से निष्कासित करने का फैसला नीतीश कुमार ने लिया था। संजय झा के इस बयान को अनंत सिंह और उनकी पत्नी पर हुई कार्रवाई के संदर्भ में देखा जा रहा है। विधान परिषद चुनाव में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ अनुज सिंह का समर्थन करने के बाद दोनों को पार्टी से निष्कासित किया गया था। इसके साथ ही संजय झा ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज करने वाले जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार को जीत की बधाई भी दी। दिल्ली से लौटते ही नीरज से मिले संजय झा दिल्ली से पटना पहुंचने के बाद संजय झा ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज करने वाले जदयू प्रत्याशी नीरज कुमार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने नीरज कुमार को मिठाई खिलाकर जीत की बधाई दी। नीरज की जीत को लेकर पार्टी नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद को लेकर जदयू में राजनीतिक हलचल रही है। अनंत ने कहा था- दुलारचंद मामले में नीरज मुझे फंसाना चाहता है मोकामा विधायक अनंत सिंह के विरोध के बीच जदयू के नीरज कुमार ने पटना स्नातक सीट से जीत दर्ज की है। नीरज की जीत पर अनंत सिंह मीडिया के सामने आए। अनंत सिंह ने कहा कि दुलारचंद केस में नीरज हमको फंसाने चाहते थे। वो दिल्ली में केस को आगे बढ़ा रहे थे। मुझे इसकी जानकारी मिल गई थी, इसलिए मैंने गुस्से में विरोध किया। पार्टी से कोई नाराजगी नहीं है। नीतीश कुमार से मिलता-जुलता रहूंगा। वहीं जीत के बाद नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर तंज कसा। नीरज कुमार ने कहा कि कहां ही रे गुंजन, ले जो मिठइया। अब जानिए अनंत सिंह ने क्या-क्या कहा है नीरज की जीत पर मोकामा के विधायक अनंत सिंह ने कहा, ‘मुझे वक्त नहीं मिला। मैं नीरज को जीत की बधाई नहीं दूंगा। मेरी नाराजगी पार्टी से नहीं नीरज से है।’ अनंत सिंह ने कहा कि वह पहले जानते तक नहीं थे कि अनुज सिंह कौन हैं। उनके आसपास के लोगों ने अनुज सिंह से मिलवाया था। इसके बाद नीरज की खीस की वजह से अनुज सिंह को समर्थन दिया। उन्होंने कभी पार्टी का विरोध नहीं किया और न ही आगे करेंगे। विधान परिषद चुनाव में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी नीरज कुमार के खिलाफ अनुज सिंह का समर्थन करने के बाद जेडीयू ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। विरोध पार्टी से नहीं, बल्कि नीरज कुमार से है- अनंत सिंह अनंत सिंह ने कहा, “जनता ने मुझे जो वोट दिया, वह बहुत वोट दिया है। बिहार की जनता उनके साथ खड़ी है। विधान परिषद चुनाव के दौरान उन्हें वोट बनवाने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला था।” उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ जिस तरह की राजनीतिक परिस्थितियां बनाई गईं, उसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपना प्रत्याशी मैदान में उतारा था।
नीरज कुमार ने दिल्ली जाकर फंसाने का काम किया अनंत सिंह ने नीरज कुमार की बेटी के दिल्ली में वकील होने का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर फंसाने की कोशिश की गई। दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में नीरज कुमार दिल्ली जाकर उन्हें फंसाने का काम कर रहे थे। इसी वजह से उन्होंने अपना उम्मीदवार खड़ा किया था। बोले- वोट बढ़ाने के लिए हमने कोई अभियान नहीं चलाया अनंत सिंह ने दावा किया कि उन्होंने अपने प्रत्याशी के पक्ष में वोट बढ़ाने के लिए कोई विशेष अभियान नहीं चलाया। नीरज कुमार पढ़े-लिखे व्यक्ति हैं, जबकि वह खुद ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वोट बनवाने का काम नीरज कुमार और दिलीप पटेल की ओर से किया गया था। अनंत सिंह और उनकी पत्नी को पार्टी से बाहर किया जदयू ने मोकामा विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को पार्टी से बाहर कर दिया है। पार्टी से निकाले जाने पर अनंत सिंह ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। अनंत सिंह ने कहा था कि मैंने कुछ गलत नहीं किया था। अनंत सिंह ने इशारों में नीतीश कुमार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि जिस ने पार्टी बनाई थी वो पार्टी नहीं चला पा रहे हैं। नीतीश जी बीमार रहते हैं, जिसने पार्टी से निकालने का फैसला किया है वो चुनाव में भुगतेगा। अनंत सिंह से जब पूछा गया कि वो आगे क्या करेंगे इस पर अनंत सिंह ने कहा था कि अपनी पार्टी बनाएंगे। अनंत सिंह ने यह भी कहा था कि जब सरकार गिर रही थी तो मैंने बचाई थी। इस पार्टी के लिए गद्दारी भी की। नीतीश कुमार के मन से अब पार्टी में कुछ नहीं हो रहा है। ललन सिंह ने सीएम से की मुलाकात अनंत सिंह को पार्टी से निकाले जाने के बाद रविवार की सुबह केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने सीएम सम्राट से मुलाकात की थी। 30 मिनट तक दोनों की मुलाकात हुई थी। बातचीत के दौरान अनंत सिंह के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर भी विस्तार से चर्चा हुई थी। नीतीश के साथ निशांत-विजय चौधरी की मीटिंग अनंत सिंह को जदयू से निकालने के बाद रविवार को नीतीश कुमार के सरकारी आवास 7 सर्कुलर रोड उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और मंत्री निशांत कुमार ने पहुंचकर मुलाकात की थी। विधानसभा सदस्यता रद्द करने की भी सिफारिश जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा की ओर से जारी आदेश में अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की है। आदेश के अनुसार, पार्टी ने बिहार विधानसभा के अध्यक्ष से भारतीय संविधान की 10वीं अनुसूची के तहत अनंत सिंह की विधानसभा सदस्यता अविलंब रद्द करने की अनुशंसा की है। हालांकि, यह विधानसभा सदस्यता रद्द करने का अंतिम फैसला नहीं है। पार्टी की ओर से सदस्यता समाप्त करने की सिफारिश की गई है। इस पर आगे का निर्णय विधानसभा अध्यक्ष संवैधानिक प्रावधानों के तहत लेंगे। अनंत-नीरज के विवाद सुलझाने का जिम्मा ललन को मिला था अनंत सिंह और नीरज के विवाद को सुलझाने के लिए ललन सिंह की एंट्री हुई। जदयू की कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने ललन सिंह को दोनों के बीच विवाद को सुलझाने का जिम्मा सौंपा था। ललन सिंह ने कहा था कि जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने मुझको फोन किया था। मैंने अनंत सिंह से बात की। उनकी कुछ शिकायतें हैं। उनका कहना था कि जब नीतीश सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया था, तब मैं राजद में होते हुए भी नीतीश सरकार के समर्थन में था। मेरी पत्नी ने नीतीश सरकार को सपोर्ट किया था। अनंत सिंह ने कहा था- नीतीश कुमार के लिए गोली खाई अनंत सिंह कह चुके हैं कि मैं नीतीश कुमार को मानता हूं। उन्होंने बिहार को बनाया है। मैं उनका दीवाना हूं। उनके लिए 9 लोगों की कुर्बानी दी। गोली तक खाई। लेकिन पार्टी में नीति है तो अब न्याय हो। मैं जब विधानसभा का चुनाव लड़ रहा था तब नीरज ने क्या-क्या नहीं किया। तब पार्टी कहां थी। अगर नियम है तो सबके लिए बराबर हो। वरना पार्टी रहे या ना रहे। मैं किसी का कर्मचारी नहीं हूं। नीरज कुमार ने 4 विधानसभा चुनाव में मेरे विरोध किया तब पार्टी ने क्यों कोई एक्शन नहीं लिया। नीरज ने कहा- पार्टी ने अनंत सिंह पर दया कर प्रत्याशी बनाया था MLC प्रत्याशी नीरज कुमार ने कहा था, ‘पार्टी ने अनंत सिंह पर दया करते हुए उम्मीदवार बनाया था। अनंत सिंह कभी नीतीश कुमार के खिलाफ आपत्तिजनक बातें करते थे। हमने तो दया किया, पार्टी ने दया किया कि उनको उम्मीदवार बना दिया।” नीरज कुमार ने अनंत सिंह पर निशाना साधते हुए कहा था कि राजनीति में उन्हें नीतीश कुमार ने जन्म दिया और अब उन्हीं का नमक खाकर उनके खिलाफ बोल रहे हैं। उनकी मंशा निशांत कुमार का विरोध करने की है। AK-47 रखने के आरोप पर कहा, ये बेऊर के संत हैं। कभी कहते हैं, आरसीपी सिंह फंसा दिए, कभी ललन सिंह फंसाए, कभी लेसी सिंह ने फंसाया। कितनों ने इन्हें फंसाया है। मैंने कोर्ट में साक्ष्य देने को कहा तो फेल हो गए।  

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