जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने वाणिज्यिक कर अधिकारी मनीष कुमार जैन के खिलाफ जांच में अब तक ₹3 करोड़ 94 लाख 65 हजार की संपत्ति का पता लगाया है। कार्रवाई के दौरान परिवार के पांच बैंक खातों की जानकारी भी सामने आई है। लोकायुक्त टीम अब खातों के लेनदेन की पड़ताल करने के साथ बैंक लॉकर खंगाल रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि मनीष जैन के पिता कोमलचंद जैन मेडिकल स्टोर चलाने के साथ कटे-फटे नोट बदलने का काम भी करते थे। लोकायुक्त पुलिस ने तीन दिन पहले मनीष कुमार जैन के जबलपुर, सागर और भोपाल स्थित तीन ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की थी। इसमें वाहनों की कीमत ₹20.10 लाख, आभूषण करीब ₹7 लाख और नकदी ₹1.20 लाख बताई गई है। इसके अलावा अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी जांच में सामने आए हैं। बंडा स्थित घर से ₹66 हजार नकद और सिक्के मिले जांच के दौरान सागर जिले के बंडा स्थित घर से करीब ₹66 हजार नकद मिले। इसमें लगभग ₹5 हजार के सिक्के भी शामिल हैं। लोकायुक्त के मुताबिक, कोमलचंद जैन मेडिकल स्टोर संचालित करने के अलावा कटे-फटे नोट बदलने का काम भी करते थे। इस पहलू से जुड़ी जानकारी की जांच की जा रही है। परिवार के पांच बैंक खातों की पड़ताल लोकायुक्त को मनीष जैन के अलावा उनकी पत्नी निधि, मां शशि और पिता कोमलचंद जैन के नाम से बैंक खातों की जानकारी मिली है। टीम ने संबंधित बैंकों को पत्र लिखकर खातों का विवरण मांगा है। अब जमा रकम, वित्तीय लेनदेन और बैंक लॉकरों की जांच की जा रही है। 2008 में इंस्पेक्टर बने थे मनीष जैन मनीष कुमार जैन जबलपुर के गौरीघाट स्थित रिलायबल डेवलपर कॉलोनी में रहते हैं। वे वर्ष 2008 में वाणिज्य कर विभाग में इंस्पेक्टर बने थे। दो प्रमोशन के बाद वाणिज्यिक कर अधिकारी के पद पर पहुंचे। करीब 13 साल तक जबलपुर में पदस्थ रहने के बाद हाल ही में उनका तबादला दमोह किया गया है। लोकायुक्त पुलिस की जांच अभी जारी है। बैंक खातों और लॉकरों से संबंधित जानकारी मिलने के बाद संपत्ति तथा वित्तीय लेनदेन की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

