जयपुर। राजस्थान कैडर के आइएएस शिखर अग्रवाल और उनकी पत्नी आइपीएस प्रशाखा माथुर के परिजन ने अलवर जिले में खरीदे गए विलाओं की जिन दिनों रजिस्ट्री कराई, उन्हीं दिनों निवेश बोर्ड की सिफारिश पर विला से जुड़ी कंपनी को वित्त विभाग ने राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (रिप्स) के तहत राहत का तोहफा दिया।
इससे शिखर परिवार को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो सात माह पुराने मामले के अब उजागर होने को लेकर ब्यूरोक्रेसी से लेकर सियासी गलियारों तक चर्चाएं भी कम नहीं हैं। सामने आए दस्तावेज के अनुसार वित्त विभाग ने रिप्स के अंतर्गत इस कंपनी को अलवर में होटल एवं रिसोर्ट प्रोजेक्ट के लिए विभिन्न छूटों का लाभ दिया। वित्त विभाग का आदेश 27 मार्च 2026 का है।
विला की शिखर के परिजन व रिश्तेदारों ने कराई रजिस्ट्री
बताया जाता है कि इन्हीं दिनों में कंपनी से खरीदे गए विलाओं की उद्योग विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल के परिजन व रिश्तेदारों ने रजिस्ट्री कराई। उधर, विला खरीदे जाने के तथ्यों का सात माह बाद खुलासा होने को लेकर ब्यूरोक्रेट्स का कहना है कि तथ्य तो अपनी जगह हैं, लेकिन इस समय खुलासा होने के पीछे कारण क्या है और इसके पीछे है कौन है?
कंपनी को यह राहत
-कंपनी के प्रोजेक्ट को खरीद के संबंध में 10 वर्ष का राज्य जीएसटी जमा कराने पर 75 प्रतिशत की राहत
-विद्युत शुल्क में 10 वर्ष तक शत-प्रतिशत छूट
-रिप्स के तहत निवेश किए जाने पर मिलने वाली अन्य छूट
आदेश में यह कहा
निवेश बोर्ड की 14 फरवरी 2026 की छठवीं बैठक में लिए गए निर्णय की पालना में रिप्स के अंतर्गत छूटों का लाभ दिया जा रहा है।
14 फरवरी 2026 : निवेश बोर्ड की बैठक में निर्णय
बोर्ड ऑफ इन्वेस्टमेंट की छठी बैठक 14 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री निवास पर हुई। इसमें 46 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रोत्साहन के लिए विभिन्न सेक्टर की 10 अल्ट्रा मेगा परियोजनाओं को कस्टमाइज्ड पैकेज देने की मंजूरी दी। इस दौरान सोलर मॉड्यूल एवं सेल मैन्युफैक्चरिंग तथा नवीकरणीय ऊर्जा, सीमेंट, माइंस और मिनरल्स, ऑटोमोबाइल, केमिकल, टेक्सटाइल एवं पर्यटन सेक्टर से संबंधित अल्ट्रा मेगा परियोजनाओं को रिप्स के तहत कस्टमाइज्ड पैकेज स्वीकृत किया गया।
ये रहे मौजूद
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उद्योग मंत्री राज्यवर्धन राठौड़, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग शिखर अग्रवाल, प्रमुख वित्त सचिव वैभव गलरिया, बीआइपी आयुक्त सुरेश कुमार ओला।
राहत पाने को रिप्स छूट के लिए लगाई यह शर्त
राहत पाने वाले प्रोजेक्ट में न्यूनतम 115 करोड़ रुपए का निवेश हो। इनके अलावा 241 लोगों को रोजगार मिले, जिनमें से 202 लोगों को सीधे रोजगार मिले और 39 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिले। रिप्स की छूट के दौरान उद्यम को व्यावसायिक उत्पादन शुरू करना होगा। वहीं पाबंदी लगाई कि प्रतिष्ठान की ओर से राज्य सरकार की अन्य योजना में अनुदान के लिए दावा नहीं किया जा सकेगा।
राहत पाने वाली: मैसर्स गोयल फैशंस प्रा. लि.
राहत पाने वाला प्रोजेक्टः होटल एवं रिसोर्ट प्रोजेक्ट, गांव-गावंड कुंडा, ग्राम पंचायत अजबगढ़, तहसील थानागाजी, अलवर

