दरभंगा स्नातक- बीजेपी के सर्वेश कुमार आगे, काउंटिंग जारी:दूसरी वरीयता के मतों से तय होगा परिणाम; आरजेडी ने गड़बड़ी के आरोप लगाए

दरभंगा स्नातक- बीजेपी के सर्वेश कुमार आगे, काउंटिंग जारी:दूसरी वरीयता के मतों से तय होगा परिणाम; आरजेडी ने गड़बड़ी के आरोप लगाए

दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना गुरुवार को भी जारी है। 10वें राउंड के बाद प्रथम वरीयता के मतों की काउंटिंग पूरी हो गई है। प्रथम वरीयता की मतगणना में भाजपा प्रत्याशी सर्वेश कुमार को सर्वाधिक 16,115 मत मिले। वहीं, राजद प्रत्याशी अनिल कुमार झा को 14,615, जन सुराज के मोहम्मद इम्तियाज को 10,227, निर्दलीय छात्र नेता दिलीप कुमार को 6,080 और कांग्रेस प्रत्याशी रजनीकांत पाठक को 4059 मत मिले। अब तक कुल 69,141 मतों की गिनती की गई, जिसमें 5,321 मत अवैध पाए गए। वैध मतों की संख्या 63,820 रही। प्रथम वरीयता के मतों की गिनती पूरी होने के बाद भी निर्धारित कोटा पूरा नहीं होने के कारण अब दूसरी वरीयता के मतों की गिनती की जा रही है। एलिमिनेशन प्रक्रिया के तहत कम मत पाने वाले प्रत्याशियों को बाहर किया जाएगा और उनके मतपत्रों पर दर्ज अगली वरीयता के अनुसार मतों का हस्तांतरण होगा। राजद ने प्रशासन पर लगाए गड़बड़ी के आरोप राजद के पूर्व मंत्री ललित यादव और विधायक आलोक कुमार मेहता ने दरभंगा जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राजद प्रत्याशी अनिल कुमार झा की स्थिति मजबूत है, लेकिन करीब 5,000 मतों को अवैध घोषित कर दिया गया। प्रशासन सत्ता के दबाव में काम कर रहा है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी मतगणना में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए पोस्ट किया। इससे मतगणना केंद्र के बाहर राजनीतिक हलचल बढ़ गई। डीएम ने कहा- हंगामा करने वाले अभिकर्ताओं को हटाया गया जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि काउंटिंग हॉल के अंदर राजद और भाजपा के कार्यकर्ता आपस में विवाद कर रहे थे। उन्हें समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन नहीं मानने पर निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार हॉल से बाहर कर हिरासत में लिया गया। देर शाम हिरासत में लिए गए राजद के दो और भाजपा के तीन मतगणना अभिकर्ताओं को लहेरियासराय थाने से छोड़ दिया गया। प्रशासन की ओर से मतगणना को निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की बात कही गई है। छात्र नेता दिलीप कुमार को मिले 6,080 मत, हार स्वीकार की निर्दलीय प्रत्याशी और छात्र नेता दिलीप कुमार ने बताया कि उन्हें 6,080 मत मिले हैं। वे चुनाव जीतने के उद्देश्य से मैदान में उतरे थे। ताकि शिक्षकों, स्नातकों, पुलिसकर्मियों और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होकर नौकरी कर रहे युवाओं के मुद्दों को उठा सके। जिन लोगों ने उन पर भरोसा जताया है, उनके हितों के लिए आगे भी संघर्ष करते रहेंगे। दिलीप कुमार ने कहा कि चुनाव में उनके पीछे न कोई राजनीतिक दल था और न ही किसी बड़े नेता का समर्थन। आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण उन्होंने चुनाव में पैसे खर्च नहीं किए। आरोप लगाया कि कुछ प्रत्याशियों ने मतदाताओं तक पैसे पहुंचाए। बड़ी संख्या में अवैध मतपत्रों को लेकर भी सवाल उठाए। दिलीप कुमार ने दावा किया कि निर्दलीय प्रत्याशियों में उन्हें सबसे अधिक समर्थन मिला है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि किसी चमत्कार की स्थिति में ही उनकी जीत संभव है। अब मुख्य मुकाबला राजद और भाजपा समर्थित प्रत्याशियों के बीच है। दूसरी वरीयता की गिनती पर टिकी निगाहें प्रथम वरीयता के मतों की गिनती पूरी होने के बाद अब सभी की निगाहें एलिमिनेशन प्रक्रिया पर टिकी हैं। दूसरी वरीयता के मतों के हस्तांतरण से मुकाबले की तस्वीर बदल सकती है। बिहार की आठ स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन सीटों पर मतगणना के बीच अब दरभंगा में ही गणना जारी रहने की जानकारी दी गई। अंतिम परिणाम आने तक प्रशासनिक व्यवस्था, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और प्रत्याशियों की अगली वरीयता के मतों पर सबकी नजर बनी हुई है। दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना गुरुवार को भी जारी है। 10वें राउंड के बाद प्रथम वरीयता के मतों की काउंटिंग पूरी हो गई है। प्रथम वरीयता की मतगणना में भाजपा प्रत्याशी सर्वेश कुमार को सर्वाधिक 16,115 मत मिले। वहीं, राजद प्रत्याशी अनिल कुमार झा को 14,615, जन सुराज के मोहम्मद इम्तियाज को 10,227, निर्दलीय छात्र नेता दिलीप कुमार को 6,080 और कांग्रेस प्रत्याशी रजनीकांत पाठक को 4059 मत मिले। अब तक कुल 69,141 मतों की गिनती की गई, जिसमें 5,321 मत अवैध पाए गए। वैध मतों की संख्या 63,820 रही। प्रथम वरीयता के मतों की गिनती पूरी होने के बाद भी निर्धारित कोटा पूरा नहीं होने के कारण अब दूसरी वरीयता के मतों की गिनती की जा रही है। एलिमिनेशन प्रक्रिया के तहत कम मत पाने वाले प्रत्याशियों को बाहर किया जाएगा और उनके मतपत्रों पर दर्ज अगली वरीयता के अनुसार मतों का हस्तांतरण होगा। राजद ने प्रशासन पर लगाए गड़बड़ी के आरोप राजद के पूर्व मंत्री ललित यादव और विधायक आलोक कुमार मेहता ने दरभंगा जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राजद प्रत्याशी अनिल कुमार झा की स्थिति मजबूत है, लेकिन करीब 5,000 मतों को अवैध घोषित कर दिया गया। प्रशासन सत्ता के दबाव में काम कर रहा है। वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी मतगणना में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए पोस्ट किया। इससे मतगणना केंद्र के बाहर राजनीतिक हलचल बढ़ गई। डीएम ने कहा- हंगामा करने वाले अभिकर्ताओं को हटाया गया जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि काउंटिंग हॉल के अंदर राजद और भाजपा के कार्यकर्ता आपस में विवाद कर रहे थे। उन्हें समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन नहीं मानने पर निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार हॉल से बाहर कर हिरासत में लिया गया। देर शाम हिरासत में लिए गए राजद के दो और भाजपा के तीन मतगणना अभिकर्ताओं को लहेरियासराय थाने से छोड़ दिया गया। प्रशासन की ओर से मतगणना को निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की बात कही गई है। छात्र नेता दिलीप कुमार को मिले 6,080 मत, हार स्वीकार की निर्दलीय प्रत्याशी और छात्र नेता दिलीप कुमार ने बताया कि उन्हें 6,080 मत मिले हैं। वे चुनाव जीतने के उद्देश्य से मैदान में उतरे थे। ताकि शिक्षकों, स्नातकों, पुलिसकर्मियों और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होकर नौकरी कर रहे युवाओं के मुद्दों को उठा सके। जिन लोगों ने उन पर भरोसा जताया है, उनके हितों के लिए आगे भी संघर्ष करते रहेंगे। दिलीप कुमार ने कहा कि चुनाव में उनके पीछे न कोई राजनीतिक दल था और न ही किसी बड़े नेता का समर्थन। आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण उन्होंने चुनाव में पैसे खर्च नहीं किए। आरोप लगाया कि कुछ प्रत्याशियों ने मतदाताओं तक पैसे पहुंचाए। बड़ी संख्या में अवैध मतपत्रों को लेकर भी सवाल उठाए। दिलीप कुमार ने दावा किया कि निर्दलीय प्रत्याशियों में उन्हें सबसे अधिक समर्थन मिला है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि किसी चमत्कार की स्थिति में ही उनकी जीत संभव है। अब मुख्य मुकाबला राजद और भाजपा समर्थित प्रत्याशियों के बीच है। दूसरी वरीयता की गिनती पर टिकी निगाहें प्रथम वरीयता के मतों की गिनती पूरी होने के बाद अब सभी की निगाहें एलिमिनेशन प्रक्रिया पर टिकी हैं। दूसरी वरीयता के मतों के हस्तांतरण से मुकाबले की तस्वीर बदल सकती है। बिहार की आठ स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन सीटों पर मतगणना के बीच अब दरभंगा में ही गणना जारी रहने की जानकारी दी गई। अंतिम परिणाम आने तक प्रशासनिक व्यवस्था, राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और प्रत्याशियों की अगली वरीयता के मतों पर सबकी नजर बनी हुई है।  

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