Contact Dermatitis Prevention: क्या आपने ध्यान दिया है कि कोई नई क्रीम लगाने, नया साबुन इस्तेमाल करने या आर्टिफिशियल ज्वेलरी पहनने के कुछ ही घंटों या दिनों बाद आपकी त्वचा पर खुजली, जलन और लाल चकत्ते उभर आते हैं? क्लीवलैंड क्लिनिक के अनुसार, यह आम एलर्जी या मामूली रैशेज नहीं, बल्कि कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस (Contact Dermatitis) का संकेत हो सकता है। यह त्वचा से जुड़ी एक आम समस्या है, जो किसी बाहरी चीज के सीधे संपर्क में आने से होती है। आइए जानते हैं कि यह समस्या क्यों होती है, इसके लक्षण क्या हैं और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है।
कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस क्या है और क्यों होती है?
मेयो क्लिनिक के अनुसार, जब हमारी त्वचा किसी ऐसी चीज के संपर्क में आती है जो उसे नुकसान पहुंचाती है या इम्यून सिस्टम में रिएक्शन पैदा करती है, तो त्वचा की ऊपरी सुरक्षात्मक परत छिल या कमजोर हो जाती है। यह मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है;
- इरिटेंट कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस (Irritant Contact Dermatitis)- यह सबसे आम प्रकार है। जब कड़े साबुन, डिटर्जेंट, ब्लीच, हैंड सैनिटाइज़र या बार-बार पानी के इस्तेमाल से त्वचा की नेचुरल लेयर खराब हो जाती है, तब यह समस्या होती है।
- एलर्जिक कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस (Allergic Contact Dermatitis)- इसमें शरीर का इम्यून सिस्टम किसी खास पदार्थ (एलर्जी पैदा करने वाली चीज) पर प्रतिक्रिया देता है। जैसे-घड़ियों या आर्टिफिशियल ज्वेलरी में मौजूद निकेल, परफ्यूम, हेयर डाई, कॉस्मेटिक्स या कुछ खास पौधे।
कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस के लक्षण कैसे पहचानें?
- त्वचा पर तेज खुजली और जलन महसूस होना।
- लाल रंग के चकत्ते या छोटे-छोटे दाने उभरना।
- त्वचा का बहुत ज्यादा सूखा, पपड़ीदार या फटना।
- गंभीर मामलों में छाले होना और उनसे पानी रिसना या सूजन आना।
Contact Dermatitis से बचाव के लिए कौनसे उपाय अपना सकते हैं?
- यदि आपको शक है कि त्वचा किसी इर्रिटेंट या पौधे के संपर्क में आई है, तो तुरंत ताजे पानी और माइल्ड, खुशबू रहित साबुन से धो लें।
- त्वचा की खोई हुई नमी लौटाने के लिए दिन में कई बार अच्छी क्वालिटी का हाइपोएलर्जेनिक मॉइचराइजर या पेट्रोलियम जेली लगाएं।
- बार-बार खुजली करने से त्वचा पर इन्फेक्शन (संक्रमण) का खतरा बढ़ सकता है।
- आर्टिफिशियल ज्वेलरी से एलर्जी है, तो हमेशा सर्जिकल स्टील, टिटियन या शुद्ध सोने-चांदी की बनी चीजों का ही इस्तेमाल करें।
यदि रैशेज बहुत ज्यादा फैल जाएं, चेहरे या आंखों के आस-पास हों, रात में सोने में दिक्कत हो या त्वचा से मवाद निकलने लगे, तो तुरंत किसी स्किन स्पेशलिस्ट (डर्मेटोलॉजिस्ट) से संपर्क करें।

