अम्बेडकरनगर में किसानों को खाद उपलब्ध कराने में लापरवाही बरतने पर सहकारी समितियों के सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। एआर कोऑपरेटिव राघवेंद्र शुक्ला ने बुधवार देर शाम 12 सचिवों को निलंबित कर दिया, जबकि छह अन्य सचिवों का वेतन रोक दिया गया है। विभागीय जांच और कार्रवाई से सहकारी समितियों में खलबली मची है। रिकॉर्ड खुला, फिर भी किसानों को नहीं मिली खाद विभागीय कार्रवाई की मुख्य वजह समितियों के रिकॉर्ड खुले होने के बावजूद किसानों को उर्वरक का वितरण नहीं करना है। किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना समितियों की जिम्मेदारी है। इसके बावजूद वितरण में लापरवाही सामने आने पर संबंधित सचिवों पर कार्रवाई की गई। 12 सचिवों पर निलंबन की कार्रवाई एआर कोऑपरेटिव के अनुसार, वहोरिकपुर, पिगरियावां, सिझौली, महरुआ गोला, सुमेरपुर, औरंगनगर, देवरिया पंडित, मडहरा पकड़ी, खजुरी करौंदी, मखदूमनगर, उतरेथू, जगुई, भीटी, मालीपुर, रेवई, बसईया और गंगासागर सहकारी समितियों के सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। विभाग ने 12 सचिवों को निलंबित किया है। छह सचिवों का वेतन रोका खाद वितरण में लापरवाही के मामले में छह अन्य सचिवों का वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है। इनमें वी-पैक्स अशरफपुर पचाउख, लालापुर, लोदीपुर, बड़ागांव, काजी, जियापुर और केशवपुर समितियों के सचिव शामिल हैं। विभाग ने इन समितियों में उर्वरक वितरण की स्थिति को लेकर कार्रवाई की है। एआर कोऑपरेटिव ने की कार्रवाई की पुष्टि एआर कोऑपरेटिव राघवेंद्र शुक्ला ने बताया कि उर्वरक वितरण में लापरवाही मिलने पर 12 सचिवों को निलंबित किया गया है, जबकि छह सचिवों का वेतन रोका गया है। विभाग का कहना है कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

