बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोकतांत्रिक संस्थाओं के खिलाफ कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष द्वारा कथित तौर पर फैलाए जा रहे भ्रामक विमर्श का मुकाबला करने के लिए बुधवार को पटना में पदयात्रा का नेतृत्व किया। वहीं, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस पदयात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो लोग ‘‘लोकतंत्र को कुचलते’’ हैं, वे लोकतंत्र के नाम पर ‘‘फर्जी कवायद’’ कर रहे हैं। ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ नाम से निकाली गई यह पदयात्रा पटना के गांधी मैदान के निकट कारगिल चौक से शुरू हुई और मौर्य होटल के पास स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा के निकट समाप्त हुई।
पदयात्रा से पहले एक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, ‘‘केंद्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कमजोर करने और पूरे देश में अराजकता एवं गुंडागर्दी फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, ये प्रयास विफल होंगे, क्योंकि देश का नेतृत्व प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जैसे सक्षम नेताओं के हाथों में है।’’
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए देशव्यापी कार्यक्रम के तहत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ यात्रा निकाल रही है। मुख्यमंत्री ने देश में कथित चुनावी गड़बड़ियों को लेकर पूर्ववर्ती कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकारों पर भी निशाना साधा।
तेजस्वी यादव ने पटना में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘चोर सबसे ज्यादा शोर मचा रहे हैं। जो संस्थाओं की खरीद-फरोख्त करते हैं, वे लोकतंत्र की बात कर रहे हैं। भाजपा मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दे समेत वास्तविक सवालों से ध्यान भटकाना चाहती है।’’
बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने पटना में ‘पीटीआई-वीडियो’ से बातचीत में कहा कि देश में विदेशी ताकतों के साथ मिलीभगत कर सत्ता परिवर्तन की साजिश रचने और अराजकता फैलाने का प्रयास किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘आज हम ‘प्रतिकार पदयात्रा’ निकाल रहे हैं, ताकि सत्ता के लिए बेचैन ताकतों को संदेश दिया जा सके कि देश लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत ही चलेगा।’’
जायसवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दिवंगत माता-पिता के संबंध में कांग्रेस नेताओं द्वारा कथित तौर पर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किए जाने की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘‘पहले मोदी जी की मां के बारे में गलत बातें कही गईं और राहुल गांधी ने ऐसा होने दिया। इसके बाद हाल में खरगे जी ने प्रधानमंत्री के पिता के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।
यह उनके मानसिक दिवालियापन को दर्शाता है।’’
जायसवाल ने दावा किया कि इस तरह की घटनाओं से ऐसा माहौल बना है, जो 2029 के लोकसभा चुनाव और उसके बाद भी भाजपा की जीत सुनिश्चित करेगा। उन्होंने हाल में संपन्न बिहार विधान परिषद चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के प्रदर्शन पर संतोष जताते हुए कहा कि गठबंधन का ‘‘झंडा हर जगह ऊंचा लहरा रहा है।’’
चौधरी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में ‘‘बूथ लूटना’’ और ‘‘सत्ता का दुरुपयोग’’ आम बात थी। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा 1975 में लगाए गए ‘‘आपातकाल’’ का भी उल्लेख किया।
उस दौरान इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इंदिरा गांधी का निर्वाचन रद्द कर दिया था। चौधरी ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का “काला अध्याय” बताया। मुख्यमंत्री ने बिहार विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर उस पर निशाना साधते हुए कहा कि मतपत्रों के माध्यम से चुनाव कराए जाने के बावजूद कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी।
चौधरी ने कहा, “राहुल गांधी अक्सर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हैं और मतपत्रों के जरिए चुनाव कराने की वकालत करते हैं। विधान परिषद चुनाव मतपत्रों के माध्यम से हुए, लेकिन कांग्रेस अपना खाता भी नहीं खोल सकी। वह न तो ईवीएम से हुए चुनावों में जीत रही है और न ही मतपत्रों से हुए चुनावों में।
कांग्रेस को खुद प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) को बताना चाहिए कि वह किस तरीके से चुनाव कराना चाहती है।”

