हूती प्रवक्ता की लोगों से अपील – ‘तुरंत खाली करें अदन एयरपोर्ट’

हूती प्रवक्ता की लोगों से अपील – ‘तुरंत खाली करें अदन एयरपोर्ट’

यमन (Yemen) में चल रही जंग गंभीर होती जा रही है। हूती विद्रोहियों (Houthis) और यमन की सरकारी सेना लगातार एक-दूसरे के इलाकों में हमले कर रहे हैं। वहीँ हूतियों और सऊदी अरब (Saudi Arabia) के बीच भी हमलों का सिलसिला जारी है। यमन की सरकार को सऊदी अरब का समर्थन प्राप्त है और इसी वजह से दोनों पक्षों में लंबे समय से तनाव की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी (Yahya Saree) ने लोगों से एक बड़ी अपील कर दी है।

“तुरंत खाली करें अदन एयरपोर्ट”

हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने लोगों से अपील करते हुए यमन के अदन एयरपोर्ट को तुरंत खाली करने के लिए कहा है। सरी ने एक मैसेज जारी करते हुए कहा, “”हमारी सेना अदन एयरपोर्ट के अंदर मौजूद सभी लोगों से तुरंत इसे खाली करने की अपील करती है, क्योंकि दुश्मन सऊदी अरब का एक सैन्य मालवाहक विमान इस समय ऐसे हथियार लेकर आया है जिनका इस्तेमाल यमनी लोगों को मारने के लिए किया जाना है।”

क्या अदन एयरपोर्ट पर हमला करने वाले हैं हूती विद्रोही?

सरी की लोगों से अदन एयरपोर्ट को तुरंत खाली करने की अपील से लगता है कि हूती विद्रोही फिर से अदन एयरपोर्ट पर हमला करने वाले हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पहले भी कई मौकों पर हूती अदन एयरपोर्ट पर हमले कर चुके हैं। हूती अदन एयरपोर्ट पर इसलिए हमले करते हैं क्योंकि वो यमन की सरकार को कमजोर करना चाहते हैं। अदन एयरपोर्ट को निशाना बनाकर हूती विद्रोही अदन को अलग-थलग करने, नागरिक उड़ानों और बाहर से आने वाली मानवीय सहायता को बाधित करने तथा लोगों के मन में डर पैदा करने की कोशिश करते हैं।

अदन एयरपोर्ट क्यों है अहम?

अदन एयरपोर्ट यमन का सबसे अहम इंटरनेशनल एयरपोर्ट है और देश में चल रहे संघर्ष में इसका महत्व बहुत ज़्यादा है। अदन शहर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार की अस्थायी राजधानी है। सना एयरपोर्ट हूतियों के कब्ज़े में होने के कारण अदन एयरपोर्ट सरकार नियंत्रित क्षेत्रों का मुख्य इंटरनेशनल गेटवे है। यह एयरपोर्ट नागरिक उड़ानों, चिकित्सा उपचार के लिए विदेश जाने वाले मरीजों, छात्रों, कामगारों और मानवीय सहायता के लिए ज़रूरी है। इसके साथ ही सरकार के अधिकारियों की आवाजाही, सैन्य सप्लाई और कूटनीतिक संपर्क के लिए भी यह रणनीतिक रूप से अहम है। यह सरकार की संप्रभुता और बाहरी दुनिया से जुड़ाव के लिए भी ज़रूरी है।

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