अडाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड को वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में 1,492 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है। सालाना आधार पर यह 55% कम है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को 3,304 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था। जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी की कामकाजी आय यानी रेवेन्यू 37,215 करोड़ रुपए रहा। सालाना आधार पर यह 75% बढ़ा है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 21,248 करोड़ रुपए रहा था। नतीजों के मुताबिक, दूसरी तिमाही में कंपनी की कमाई तो बढ़ी है, लेकिन उसका मुनाफा कम हुआ है। इसकी वजह यह है कि कंपनी का खर्च भी सालाना आधार पर बढ़ा है। कंपनी के नतीजे एक्सपर्ट्स के अनुमान से कमजोर रहे नतीजों के बाद कंपनी का शेयर आज 1% गिरा Q2 नतीजों के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर अडाणी एंटरप्राइजेज का शेयर करीब 1% की गिरावट के साथ ₹2474 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। हालांकि, इस साल की शुरुआत से अब तक (YTD) कंपनी के शेयरों में करीब 10% बढ़ा है। कंपनी का मार्केट कैप 2.85 लाख करोड़ रुपए है। कंपनी का एयरपोर्ट्स और रोड प्रोजेक्ट्स पर फोकस 1988 में अडाणी एंटरप्राइजेज की स्थापना हुई थी अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड अडाणी ग्रुप की कंपनियों का एक हिस्सा है। 1988 में गौतम अडाणी ने एंटरप्राइजेज की स्थापना की थी। कंपनी के चेयरमैन गौतम अडाणी, मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश अडाणी और CEO विनय प्रकाश हैं। कंपनी एनर्जी और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। अडाणी एंटरप्राइजेज देश का सबसे बड़ बिजनेस इनक्यूबेटर है। यह कंपनी एनर्जी एंड यूटिलिटी, ट्रांसपोर्टेशन एंड लॉजिस्टिक्स, कंज्यूमर गुड्स और प्राइमरी इंडस्ट्री के क्षेत्र में काम करती है। ये खबर भी पढ़ें… अडाणी पोर्ट्स का मुनाफा 18% बढ़कर ₹3,682 करोड़ हुआ: दूसरी तिमाही में रेवेन्यू 24% बढ़ा; इस साल शेयर ने 20% का रिटर्न दिया अडानी पोर्ट्स का जुलाई-सितंबर तिमाही में मुनाफा पिछले साल के मुकाबले 18% बढ़कर ₹3,682 करोड़ हो गया है, जबकि पिछले साल इसी समय यह ₹3,120 करोड़ था। वहीं, कंपनी के रेवेन्यू में भी 24% का उछाल आया है और यह ₹9,167 करोड़ से बढ़कर ₹11,340 करोड़ पर पहुंच गया है। इस प्रदर्शन के पीछे देश-विदेश के बंदरगाहों, लॉजिस्टिक्स और समुद्री कारोबार में आया उछाल है। पूरी खबर पढ़ें…
अडाणी एंटरप्राइजेज का मुनाफा 55% घटकर ₹1,492 करोड़:दूसरी तिमाही में रेवेन्यू 75% बढ़ा, खर्चों की वजह से प्रॉफिट घटा; शेयर इस साल 10% चढ़ा

