दीपावली से पहले जैसलमेर में मिलावटखोरी रोकने के लिए हेल्थ डिपार्टमेंट ने जांच अभियान तेज कर दिया है। पिछले 3 महीने में विभाग करीब 1 हजार किलो यानी एक टन मावा, मिठाइयां और अन्य खाद्य सामग्री नष्ट कर चुका है। वहीं, घी, तेल, मावा और मिठाइयों के 30 से ज्यादा सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। त्योहार नजदीक आने के साथ मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ गई है। इसे देखते हुए विभाग की टीमें दुकानों, होटलों और खाद्य सामग्री बेचने वाले अन्य प्रतिष्ठानों पर अचानक पहुंचकर जांच कर रही हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट पाए जाने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। दीपावली तक जांच और सैंपल लेने का अभियान जारी रहेगा। घी, तेल, मावा और मिठाइयों पर खास नजर जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मुरलीधर सोनी ने बताया कि त्योहार के दौरान मिलावटी खाद्य सामग्री बिकने की आशंका को देखते हुए विशेष टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी मिठाई की दुकानों, होटलों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच कर रही हैं। जांच के दौरान खास तौर पर घी, तेल, मावा और मिठाइयों की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जा रहा है। किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता संदिग्ध मिलने पर उसका सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाता है। तीन महीने में 30 से ज्यादा सैंपल लिए विभाग के अनुसार, पिछले तीन महीनों में 30 से ज्यादा खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए हैं। इसी अवधि में करीब एक हजार किलो मावा, मिठाइयां और अन्य खाद्य सामग्री नष्ट की गई है। विभाग की टीमें आगे भी दुकानों और प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करेंगी। जरूरत पड़ने पर खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच कराई जाएगी। अभियान का उद्देश्य त्योहार के दौरान मिलावट पर अंकुश लगाना और लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों की सेहत पर भी ध्यान जैसलमेर में देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। त्योहारों के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के कारण उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में विभाग स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों की सेहत को ध्यान में रखकर भी जांच कर रहा है। सीएमएचओ डॉ. सोनी ने बताया कि मिलावट की सूचना मिलने पर विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच करती है। गड़बड़ी मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मिलावट का शक हो तो 181 पर करें शिकायत डॉ. सोनी ने लोगों से अपील की है कि किसी मिठाई या अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर संदेह होने पर हेल्थ डिपार्टमेंट को सूचना दें। शिकायत खाद्य सुरक्षा के आधिकारिक पोर्टल, हेल्पलाइन नंबर 181 या संबंधित कार्यालय में की जा सकती है। विभाग के कंट्रोल रूम में भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। शिकायत मिलने पर टीम जांच करेगी और मिलावट या अन्य अनियमितता सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

