अम्बेडकरनगर में टीबी मरीजों को मिलने वाली पोषण सहायता राशि करीब 15 महीने से अटकी है। जुलाई 2025 से भुगतान लंबित होने के कारण जिले के 3320 मरीजों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र सरकार की ओर से उपचार के दौरान पौष्टिक आहार की व्यवस्था के लिए प्रत्येक मरीज को हर महीने एक हजार रुपये देने का प्रावधान है, लेकिन लंबे समय से भुगतान नहीं होने के कारण मरीजों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। टीबी के उपचार में नियमित दवाओं के साथ पौष्टिक भोजन भी महत्वपूर्ण है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए दाल, दूध, फल और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों की व्यवस्था करना पहले से ही चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके लिए काफी मददगार साबित हो सकती है। लेकिन भुगतान लंबित होने से मरीजों को अपने सीमित संसाधनों से ही पोषण संबंधी जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं। जिले में 3320 टीबी मरीज पोषण सहायता के दायरे में हैं। प्रत्येक मरीज को हर महीने एक हजार रुपये दिए जाने का प्रावधान है। इस हिसाब से सभी मरीजों के लिए हर महीने 33.20 लाख रुपये की जरूरत है। करीब 15 महीने का भुगतान लंबित रहने से बकाया राशि का आंकड़ा लगभग 4.98 करोड़ रुपये तक पहुंचता है, बशर्ते इस पूरी अवधि में सभी 3320 मरीज पात्र रहे हों और किसी को भुगतान नहीं मिला हो। वास्तविक बकाया राशि मरीजों की पात्रता अवधि और भुगतान के रिकॉर्ड के आधार पर तय होगी। नोडल अधिकारी ने बताया कारण टीबी विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. जय प्रकाश ने बताया कि एसएनए स्पर्श खाते और मरीजों के बैंक खातों का मिलान करने की प्रक्रिया के साथ बजट की कमी के कारण पोषण सहायता राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। हालांकि, करीब 15 महीने से सहायता राशि का इंतजार कर रहे मरीजों के लिए अब तक भुगतान शुरू होने की स्पष्ट समयसीमा सामने नहीं आई है। मरीजों को भुगतान शुरू होने का इंतजार है।

