अर्नब चक्रवात : प्रशासन अलर्ट, किसानों की बढ़ी चिंता

अर्नब चक्रवात : प्रशासन अलर्ट, किसानों की बढ़ी चिंता

बंगाल की खाड़ी में उठे अर्नब चक्रवात के प्रभाव से बालोद जिले में मौसम बदल गया है। मौसम विभाग की ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी के बाद जिला प्रशासन अलर्ट पर है। धान कटाई अंतिम चरण में होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों और खलिहानों में रखी कटी फसल को बचाने के लिए किसान त्रिपाल से धान ढकने और उपज सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। इधर, चक्रवात के कारण भारी बारिश की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। इसके अलावा जिले के सभी स्कूलों में 28 अक्टूबर को अवकाश घोषित कर दिया गया है।

बादल छाए रहे और दिनभर चलती रहीं ठंडी हवाएं

मंगलवार को जिले में आसमान में बादल छाए रहे और दिनभर ठंडी हवाएं चलती रहीं। तापमान में भी 4 से 5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने बुधवार और गुरुवार को 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ मध्यम से भारी बारिश की आशंका जताई है।

61 गांवों पर प्रशासन की विशेष निगरानी

मौसम की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने आपात बैठक लेकर संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। जिले के 61 चिह्नित बाढ़ प्रभावित गांवों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इनमें तांदुला, खरखरा और नदी-नालों के किनारे बसे गांव शामिल हैं।

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भ्रमण कर जल स्तर पर नजर रखने के निर्देश

एसडीएम, तहसीलदार, जनपद सीईओ, राजस्व निरीक्षक और पटवारियों को अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर जलस्तर पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। आपदा प्रबंधन, होमगार्ड, स्वास्थ्य विभाग और नगरीय निकायों के अमले को भी तैयार रहने कहा गया है। बाढ़ की स्थिति बनने पर राहत शिविरों में भोजन, पानी, दवा और बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

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मुनादी कर किसानों को किया जा रहा सतर्क

प्रशासन के निर्देश पर गांव-गांव में कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराई जा रही है। किसानों को कटी फसल सुरक्षित स्थान पर रखने और खलिहान में रखे धान को त्रिपाल से ढकने की सलाह दी जा रही है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और नदी-नालों के पास नहीं जाने की हिदायत दी गई है।

आपदा से निपटने जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित

आपात स्थिति से निपटने के लिए जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। नागरिक सहायता के लिए 07749-223950 अथवा डायल 112 पर संपर्क कर सकते हैं। जिले में डायल 112 के 12 वाहनों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है।

किसान कटी फसल को ऊंचे स्थानों पर रखकर त्रिपाल से ढक रहे हैं।
किसान कटी फसल को ऊंचे स्थानों पर रखकर त्रिपाल से ढक रहे हैं।

फसल बचाने में जुटे किसान

बालोद, गुरुर, डौंडीलोहारा, डौंडी और अर्जुंदा क्षेत्र के किसान कटी फसल को ऊंचे स्थानों पर रखकर त्रिपाल से ढक रहे हैं। खलिहानों में धान को नमी से बचाने के लिए नीचे लकड़ी के तख्ते या पॉलीथिन बिछाने की सलाह दी गई है। भीगी उपज को अच्छी तरह सुखाने के बाद ही भंडारित करने और उपार्जन केंद्रों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने को कहा गया है।

पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे न खड़े हों

प्रशासन ने तेज हवा और बिजली गिरने की आशंका के बीच पेड़ों एवं बिजली के खंभों के नीचे खड़े नहीं होने की अपील की है। कलेक्टर ने नागरिकों से अगले दो दिन अति आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने का आग्रह किया है।

दो दिन बारिश के आसार, सावधानी जरूरी

मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को न्यूनतम तापमान 21 से 22 डिग्री रहेगा। 100 प्रतिशत भारी बारिश की संभावना है। 29 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 23 से 24 डिग्री और न्यूनतम 21 से 22 डिग्री रहने की संभावना है। इस दिन भी चक्रवाती तूफान के कारण आसमान पूरी तरह बादलों से घिरा रहेगा और रुक-रुक कर तेज बारिश होगी। कलेक्टर ने आम नागरिकों से अपील की है कि अगले दो दिन अति आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें।

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