पोकरण. बजट स्वीकृत, निर्माण शुरू और समयसीमा भी तय, लेकिन भवन अब तक अधूरा। पोकरण में जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय के नए भवन की यही हकीकत है। 1.63 करोड़ रुपए की स्वीकृत राशि से शुरू हुआ निर्माण भुगतान में देरी के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहा है। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने 14 अप्रेल 2023 को काम शुरू कराया था और इसे 13 दिसंबर 2023 तक पूरा करना था। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी भवन तैयार नहीं हो सका। नतीजतन, विभाग का कामकाज अब भी सीमित कमरों में चल रहा है और नए भवन से मिलने वाली सुविधाओं का इंतजार बना हुआ है।
2021 में शुरू हुआ कार्यालय, जगह की कमी बरकरार
पोकरण में वर्ष 2021 में जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय शुरू किया गया था। इसके लिए जैसलमेर रोड पर जिला अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर के पास जमीन आवंटित की गई। शुरुआत में कार्यालय संचालन के लिए तीन कमरे और अधिकारी के आवास के लिए एक कमरा बनाया गया। इसके बाद बड़े कार्यालय भवन की जरूरत को देखते हुए निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन काम पूरा नहीं होने से मौजूदा व्यवस्था में कोई बड़ा बदलाव नहीं आ पाया। तीन कमरों में टेबल, कुर्सियां, अलमारियां और फाइलें समेटकर कामकाज चलाना पड़ रहा है।
भुगतान की रफ्तार धीमी, निर्माण ठप
निर्माण में देरी की प्रमुख वजह समय पर भुगतान नहीं मिलना बताई जा रही है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, कार्यकारी एजेंसी की ओर से पहला बिल प्रस्तुत करने के बाद भुगतान मिलने में करीब नौ से दस महीने लग गए। इसके बाद दूसरे चरण का बिल भी भेजा गया, लेकिन तीन से चार महीने बीतने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ। राशि अटकी रहने से मौके पर काम बंद पड़ा है। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भुगतान मिलने के बाद ही निर्माण दोबारा शुरू हो सकेगा। ऐसे में बजट स्वीकृति के बावजूद राशि जारी होने में देरी परियोजना की समयसीमा पर भारी पड़ रही है।
फाइलों के बीच कामकाज, सुरक्षा और गोपनीयता की चुनौती
वर्तमान कार्यालय में सीमित जगह के बीच कर्मचारियों को विभागीय कामकाज करना पड़ रहा है। टेबल-कुर्सियों और अलमारियों के साथ फाइलों के ढेर के कारण जगह की कमी बनी हुई है। कार्यालय आने वाले लोगों के बैठने के लिए भी पर्याप्त स्थान नहीं है। कम्प्यूटर सिस्टम, ऑनलाइन सर्वर और पुराने रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने में परेशानी होती है। महत्वपूर्ण दस्तावेजों के सुरक्षित रखरखाव और गोपनीय कामकाज के लिए भी पर्याप्त जगह जरूरी है। नए भवन का निर्माण पूरा नहीं होने से इन समस्याओं का समाधान अटका हुआ है।
अधूरे ढांचे की देखरेख भी जरूरी
भवन में प्लास्टर, वायरिंग, फर्श और फिनिशिंग जैसे काम बाकी हैं। भुगतान में देरी के कारण निर्माण लंबे समय तक रुका रहने से तैयार हिस्सों के रखरखाव की जरूरत भी बढ़ जाती है। ऐसे में बकाया राशि जारी कर निर्माण को गति देना जरूरी है, ताकि भवन का काम पूरा हो और सरकारी धन से तैयार हो रहा ढांचा लंबे समय तक अनुपयोगी नहीं पड़ा रहे।
बिल भेजे हैं, राशि नहीं मिली
निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है, क्योंकि समय पर भुगतान नहीं मिल रहा है। ठेकेदार की ओर से बिल लगाए गए थे, जिनके भुगतान के लिए आगे भेजा गया है। राशि प्राप्त होने पर निर्माण कार्य दुबारा शुरू हो सकेगा।
— पंकज सैनी, अधिशासी अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, पोकरण

