TGT अभ्यर्थियों पर मुकदमें की तैयारी:अपर शिक्षा निदेशक ने जिलाधिकारी व पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा, पुलिस बल मांग

TGT अभ्यर्थियों पर मुकदमें की तैयारी:अपर शिक्षा निदेशक ने जिलाधिकारी व पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा, पुलिस बल मांग

प्रयागराज में TGT-PGT भर्ती के लिए धरने पर बैठे छात्रों ने मंगलवार दोपहर हंगामा कर दिया। दोपहर करीब 3 बजे 200 छात्र चार लेयर की बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए शिक्षा निदेशालय में घुस गए। विभागों में ताला लगाने का प्रयास किया। कई कुर्सियां तोड़ डालीं और कॉरिडोर में घुसकर नारेबाजी की। घटना के संबंध में अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) कामता राम पाल ने प्रयागराज के जिलाधिकारी और पुलिस आयुक्त को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप और पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की मांग की है। निदेशालय की ओर से जारी पत्र के अनुसार दोपहर करीब 3:00 बजे निदेशालय के मुख्य द्वार के सामने वी.आई.पी. रोड को दोनों ओर से जाम कर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के साथ कुछ उपद्रवी और अराजक तत्व शामिल हो गए। इन तत्वों ने पुलिस बैरिकेडिंग तोड़कर मुख्यालय परिसर में अनधिकृत प्रवेश किया। कार्यालय के अनुभागों में रखे फर्नीचर को तोड़ा, अधिकारियों व कर्मचारियों के वाहनों को क्षतिग्रस्त किया और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। पत्र में उल्लेख किया गया है कि अपर शिक्षा निदेशक को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाकर अमर्यादित टिप्पणियां और गाली-गलौज की गई। अराजक तत्वों ने जिला प्रशासन द्वारा तय धरना स्थल पर जाने के बजाय निदेशालय परिसर को ही धरना स्थल बना लिया, जिससे उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और परिषद से जुड़े अति-महत्वपूर्ण शासकीय कार्य ठप हो गए। कार्यालय में भय और असुरक्षा के माहौल को देखते हुए प्रशासन से अनुरोध किया गया है कि पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए और प्रदर्शनकारियों को तय धरना स्थल पर स्थानांतरित कर स्थिति को सामान्य बनाया जाए। मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ ने लिखा पत्र वहीं शिक्षा निदेशालय मिनिस्टीरियल कर्मचारी संघ के मंत्री सुधीर सिंह यादव द्वारा शिक्षा निदेशक (उच्च शिक्षा) एवं अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) को भेजे गए पत्र के अनुसार, दिनांक 27 अक्टूबर 2026 को प्रदर्शनकारी अचानक अत्यंत उग्र हो गए। उपद्रवी कई अनुभागों में जबरन घुस गए और वहां तोड़फोड़ की। इस दौरान कर्मचारियों के साथ मारपीट की कोशिश भी की गई तथा परिसर में खड़ी कुछ कर्मचारियों की मोटरसाइकिलों को आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया गया। संघ की मांग है कि जिला एवं पुलिस प्रशासन के माध्यम से निदेशालय परिसर में तत्काल पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जब तक पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था नहीं हो जाती अथवा अभ्यर्थियों का आंदोलन समाप्त नहीं होता, तब तक कार्यालय में अवकाश घोषित किया जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सुरक्षा इंतजामों के अभाव में किसी भी कर्मचारी के साथ कोई अप्रिय घटना घटित होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी निदेशालय के सक्षम अधिकारियों की होगी।

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