शेखपुरा में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। विरोध मार्च जिला कांग्रेस कार्यालय आजाद हिंद आश्रम से पटेल चौक तक पहुंचा। इसका नेतृत्व कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र नाथ ने किया। ”लगातार अपमानजनक भाषा का प्रयोग” कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कथित आपत्तिजनक भाषा का विरोध किया। जितेंद्र नाथ ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी पर विवाद हो रहा है, जबकि कांग्रेस नेताओं के लिए भी लगातार अपमानजनक भाषा का प्रयोग होता रहा है। उन्होंने राहुल गांधी को ‘पप्पू’ और सोनिया गांधी को ‘जर्सी गाय’ जैसे शब्दों से संबोधित करने को गलत बताया। ”राजनीतिक बहस नीतियों और जनहित के मुद्दों पर हो” जितेंद्र नाथ ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, पर किसी भी नेता के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है। जितेंद्र नाथ ने कहा कि राजनीतिक बहस नीतियों और जनहित के मुद्दों पर हो, व्यक्तिगत टिप्पणियों पर नहीं। विरोध मार्च में श्रवण कुमार सिंह, राजेश रंजन, विपिन चौरसिया, महेंद्र कुशवाहा, पप्पू राज मंडल, प्रमोद यादव, मुन्ना सिंह, गोरेलाल कुशवाहा, आमिर राज मंडल, संजय सिंह और दीपक सिंह समेत कई कार्यकर्ता शामिल थे। शेखपुरा में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। विरोध मार्च जिला कांग्रेस कार्यालय आजाद हिंद आश्रम से पटेल चौक तक पहुंचा। इसका नेतृत्व कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र नाथ ने किया। ”लगातार अपमानजनक भाषा का प्रयोग” कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कथित आपत्तिजनक भाषा का विरोध किया। जितेंद्र नाथ ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणी पर विवाद हो रहा है, जबकि कांग्रेस नेताओं के लिए भी लगातार अपमानजनक भाषा का प्रयोग होता रहा है। उन्होंने राहुल गांधी को ‘पप्पू’ और सोनिया गांधी को ‘जर्सी गाय’ जैसे शब्दों से संबोधित करने को गलत बताया। ”राजनीतिक बहस नीतियों और जनहित के मुद्दों पर हो” जितेंद्र नाथ ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, पर किसी भी नेता के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल उचित नहीं है। जितेंद्र नाथ ने कहा कि राजनीतिक बहस नीतियों और जनहित के मुद्दों पर हो, व्यक्तिगत टिप्पणियों पर नहीं। विरोध मार्च में श्रवण कुमार सिंह, राजेश रंजन, विपिन चौरसिया, महेंद्र कुशवाहा, पप्पू राज मंडल, प्रमोद यादव, मुन्ना सिंह, गोरेलाल कुशवाहा, आमिर राज मंडल, संजय सिंह और दीपक सिंह समेत कई कार्यकर्ता शामिल थे।

