उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने कुल 17,542.06 करोड़ रुपये की लागत के करीब 322 किलोमीटर लंबे चार लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को मंगलवार को मंजूरी दी। राज्य सरकार इनका पूरा खर्च वहन करेगी और इन्हें तीन साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं को जानकारी देते हुए कहा कि इन परियोजनाओं का विकास उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीईआईडीए) इंजीनियरिंग, खरीद एवं निर्माण (ईपीसी) मॉडल के तहत करेगा।
चार परियोजनाओं में करीब 90.90 किलोमीटर लंबा फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे शामिल है, जिसे दो पैकेज में बनाया जाएगा। इनके अलावा, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला 50.94 किलोमीटर लंबा लिंक एक्सप्रेसवे, करीब 106 किलोमीटर लंबा झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और करीब 74 किलोमीटर लंबा जेवर लिंक एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। झांसी और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे को भी दो-दो पैकेज में विकसित किया जाएगा।
खन्ना ने कहा, ‘‘मंत्रिमंडल ने ईपीसी मॉडल के तहत विकसित की जाने वाली इन चार परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन्हें तीन साल के भीतर पूरा किए जाने की उम्मीद है।’’
उन्होंने कहा कि ठेकेदारों को एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद पांच साल तक इनका रखरखाव भी करना होगा। खन्ना ने कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य में संपर्क व्यवस्था मजबूत करना और परिवहन बुनियादी ढांचे में सुधार के जरिये आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।
उन्होंने कहा, ‘‘परिवहन व्यवस्था जितनी मजबूत होगी, विकास पर उसका प्रभाव उतना ही अधिक होगा।’’
प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे से उत्तर प्रदेश में मौजूदा एक्सप्रेसवे और बुंदेलखंड क्षेत्र तथा जेवर हवाई अड्डे के आसपास के इलाके सहित महत्वपूर्ण स्थानों के बीच संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।

