उत्तर प्रदेश में पशुपालकों को बढ़ावा देने और उनकी आय दोगुनी करने के लिए मंत्रिमंडल ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत राज्य पशुधन मिशन (एसएलएम) के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसके तहत किसानों को गायों पर अनुदान भी दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
सरकार के पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के मंत्री धर्मपाल सिंह ने पत्रकारों को मंत्रिमंडल के फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पहली बार उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम) की तर्ज पर राज्य पशुधन मिशन (एसएलएम) का गठन किया है। सिंह ने कहा कि मिशन के तहत किसानों को उन्नत किस्म की दो गाय देी जाएंगी और उस पर 80 हजार रुपये अनुदान दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस तरीके से किसान की आय में वृद्धि करने का बड़ा प्रस्ताव आया है। उन्होंने कहा कि एक गाय पर 40 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसमें बीमा भी करेंगे जिसका 85 प्रतिशत सरकार और 15 प्रतिशत पशुपालन वहन करेगा।
उन्होंने कहा कि देसी नस्ल की गायों के पालन के अनुदान के लिए ही यह योजना लायी गई है। सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक पशुपालन हो रहा है और यह दुग्ध उत्पादन में प्रथम होने के साथ ही पशुधन उत्पादों, अंडा एवं मत्स्य उत्पादन में भी अग्रणी स्थान रखता है। उन्होंने कहा कि कम उत्पादकता, बिगड़ी हुई बाजार व्यवस्था, मूल्य संवर्द्धन की कमी, कमजोर डिजिटल प्रबंधन आदि की चुनौतियों का समाधान किया जा रहा है।
उन्होंने किसानों की आय दोगुनी करने के प्रधानमंत्री के अभियान के क्रम में पशुपालन को बढ़ावा देने की राज्य सरकार की प्राथमिकता गिनाई और कहा कि उत्तर प्रदेश में पहली बार योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एसएलएम का गठन किया गया है, जिसे मंत्रिमंडल ने स्वीकृति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि इस मिशन का उद्देश्य रोजगार सृजन, उद्यमिता विकास और पशु उत्पादकता में वृद्धि करना है और बाजार उपलब्ण कराना है। मंत्री ने बताया कि इसमें उन्नत नस्ल का भी प्रावधान है और जो गाय दो-तीन लीटर दूध देती थी, वह गाय अब कृत्रिम गर्भाधान से 10 लीटर से कम दूध नहीं देगी।
उन्होंने कहा कि इसमें साहीवाल, गिर, हरियाणवी और गंगातीरी गाय है और सरकार नस्ल सुधार करने का कार्य कर रही है। उन्होंने मिशन में बकरी, मुर्गी, सुअर, भेड़ पालन को भी प्राथमिकता देने की बात की।

